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हादसे से पहले ओरेवा कंपनी के मालिक ने कहा था- '8-10 साल पुल को कुछ नहीं हो सकता'

'मैंने उस कंपनी से मरम्मत कराई, जिसे भूकंप के बाद ठेका मिला था'

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ओरेवा कंपनी के मालिक ने पुल की मजबूती को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे | फोटो : आजतक

गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बने केबल पुल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 134 हो गई है. बचाव अभियान अभी भी जारी है. पुल हादसे को लेकर सबसे ज्यादा सवाल ओरेवा ग्रुप (अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड) को लेकर उठ रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि मार्च 2022 में इसी कंपनी को 15 साल के लिए पुल के रखरखाव का ठेका दिया गया था. पुल 7 महीने से बंद था और उसकी मरम्मत का काम चल रहा था. कंपनी ने इसे हादसे से 5 दिन पहले ही आम जनता के लिए खोला था. एक बात ये भी सामने आई है कि ओरेवा ने बिना फिटनेस टेस्ट के ब्रिज को खोल दिया था.

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'8 से 10 साल तक पुल को कुछ नहीं हो सकता'

उधर, ओरेवा कंपनी के मालिक जयसुख पटेल का एक बयान सामने आया है, जो उन्होंने ब्रिज के आम जनता के लिए खोले जाने से पहले दिया था. इस बयान में वो पुल की मजबूती को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं. वो दावा करते हैं कि मोरबी का झूलता पुल अब इतना ज्यादा मजबूत हो गया है कि इसे 8-10 साल तक कोई हिला नहीं सकता.

जयसुख पटेल कहते हैं,

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'हम सब जानते हैं कि मोरबी का ब्रिज राजाशाही के वक़्त से है, 150 साल पुराना है. मोरबी नगर पालिका के साथ एक अंडरस्टैंडिंग है और मेंटेनेंस, सिक्योरिटी, और ऑपरेशन के लिए 15 साल के लिए हमारी कंपनी को ज़िम्मेदारी दी गई है. ये झूलता पुल ऐतिहासिक है. पिछले 6 महीने से हमने फुल एंड फाइनल मेंटेनेंस के लिए इस पुल को बंद किया. गुजराती न्यू ईयर के दिन हम इसे पब्लिक के लिए शुरू करेंगे.'

ओरेवा के मालिक आगे कहते हैं,

'जब ये ब्रिज बना था, उस ज़माने में ज़्यादा टेक्नोलॉजी नहीं थी. उसके चलते इस झूलते पल में लकड़ी के स्लैब और बीम लगाए गए थे. हमने अपनी स्पेशल रिक्वायरमेंट स्पेशल कंपनियों को दी. उन्होंने हमें उसी तर्ज का मटेरियल दिया. प्रकाश भाई की कंपनी को भूकंप के डैमेज को रिपेयर करने के लिए 2007 में भी काम दिया गया था. हमने भी उसी कंपनी को काम दिया और 2 करोड़ में यह काम हुआ है. हमने पुल की 100% मरम्मत की है. मोरबी नगर पालिका और कलेक्टर के साथ फीस तय की गई है और हर साल दाम में एक दो रुपए की बढ़ोतरी होगी. पुल की मरम्मत के बाद हमारे हिसाब से झूलते पुल को 8 से 10 साल तक कुछ नहीं होगा.'  

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बता दें कि मोरबी हादसे की जांच के लिए गुजरात सरकार ने एक हाई पावर कमेटी का गठन किया है. गुजरात पुलिस ने पुल की मरम्मत से जुड़ीं निजी कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज की है. पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

वीडियो देखें : मोरबी में ब्रिज हादसे के चश्‍मदीदों ने देखा हिला देने वाला मंजर, लोगों को बचाने में जुटे रहे

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