DSLR के बराबर का कैमरा लगा है, इतना धांसू कैमरा किसी मोबाइल में नहीं
DSLR टाइप का कैमरा लगा है भाई साहब 12.3 मेगापिक्सल का. दुनिया में इतना कैमरा किसी भी स्मार्टफोन में नहीं है. इसके कैमरे का DXOMark 89 है. एप्पल के आईफोन 7 में भी बस 86 DXOMark का ही कैमरा है. फोटो भी गूगल इंटेलिजेंस खींचेगा. फोटो जूम करने पर फट जाए, ब्लर हो जाए सवाल ही नहीं उठता. टेक्नीक इतनी धांसू यूज की गई है. कैमरा सारे पिक्सल की अलग-अलग फोटो खींचेगा और फिर जोड़ देगा. कित्ती भी जल्दी-जल्दी कोई चीज भाग रही हो. फोटो खींचो एकदम रापचिक फोटो आएगी. जित्ती दम हो उत्ती जल्दी-जल्दी फोटो खींचों, कितना भी एक्शन शॉट लो, ब्लर होने का कोई टेंशन नहीं.गूगल क्लाउड पर सेव होगा डाटा, कभी मेमोरी फुल नहीं कर पाओगे
फोटो, वीडियो जित्ते मन उत्ते रखो कभी स्टोरेज फुल नहीं होगा मितरों. दिन भर वीडियो बनाते रहो, फोटो खींचते रहो. हर पल को आस-पास के कैद कर लो. फिर भी मेमोरी फुल नहीं होगी. गूगल क्लाउड पर सब सेव रहेगा. सो चिल डूड. इसी बात पर एक सेल्फी हो जाए. वैसे 32 GB और 128 GB इंटर्नल दो फॉर्मेट होंगे.15 मिनट बैटरी चार्ज कर लो सात घंटे चलेगी
बैटरी 7 घंटे चलेगी. 15 मिनट चार्ज करके. एक और धांसू बात जैसे ही रिस्टार्ट करोगे अपडेट हो जाएगा. यानी बार-बार नोटिफिकेशन भेजकर तंग नहीं करेगा ये एप्लीकेशन अपडेट कर लो, वो एप्लीकेशन अपडेट कर लो. जैसे ही मोबाइल ऑफ करके ऑन करोगे, सारा कुछ अप टू डेट.कोई भी परेशानी हो, जस्ट टॉक टू गूगल सपोर्ट
गूगल सपोर्ट एजेंट नाम का एक फीचर इसमें है. 24 घंटे ये आपकी किसी भी मदद के लिए तैयार बैठा हुआ है. कुछ भी समझ में न आए तो तुरंत इससे पूछ लो.भाई है तो जबर, मंहगा होगा - बिल्कुल नहीं दोस्त
अमेरिका में 649 डॉलर का मिल रहा है. यानी इंडियन करेंसी के हिसाब से 43 हजार के करीब. 18 सौ की मासिक किस्त पर भी ले सकते हैं. आज से ही अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंग्लैण्ड में मिलना शुरू हो गया है.क्या-क्या साइज है और इंडिया में कहां मिलेगा?
साढ़े पांच इंच और 5 इंच के साइज में मिलेगा. अभी यूएस में ही मिल रहा है. 13 अक्टूबर से भारत में मिलेगा. इसका एक और खास फीचर ये है कि डाटा इतनी जल्दी ट्रांसफर करेगा कि सूंघ भी नहीं पाओगे. इंडिया में ये फ्लिपकार्ट और रिलाइंस डिजिटल स्टोर पर मिलेगा. बाकि अभी भी कुछ जानने को मन कुलबुला रहा हो तो ये पढ़ लो -
सुंदर पिचाई ने लाइव इवेंट में दमदार भाषण भी दिया
बोले मैंने इस फोन के रूप में एक सपना देखा है. पर्सनल कंप्यूटर 80 में सबके पास पहुंचे. 90 में इंटरनेट आया. 2000 में स्मार्ट फोन आया. जिसने इंटरनेट को यूज करना बहुत सिंपल बना दिया. ये लोगों को इंटेलिजेंट बना रहा है. इंटरनेट और एक-दूसरे से कनेक्टिविटी आज के टाइम की दो सबसे जरूरी चीजें हैं. और इसके लिए फोन सबसे धांसू तरीका है. इसलिए हम पिक्सल लाए हैं. गूगल इस चीज को समझता है और इसके लिए काम भी कर रहा है. इसलिए गूगल मे असिस्टेंट बनाया है. अब हर इंसान का गूगल अलग होगा. अभी गूगल पर आप जो चाहें वो खोज सकते हैं. जो चाहिए वो पूछिए तुरंत बताएगा. वो भी स्पेशल आप पर क्या फिट बैठेगा वो च्वाइस. कहीं जाना हो, काफी कहां पीनी है? कहीं खो भी गए हो तो तुरंत पूछिए, कितनी दूर हूं, घर कैसे जाऊं? बस पूछना है. और तुरंत गूगल असिस्टेंट बताएगा. 18 साल से जबसे गूगल बना है तबसे इस चीज के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है. मशीन को स्मार्ट बनाने के लिए हम बहुत कुछ कर रहे हैं. हम जानते हैं कैसे मशीन को सिखाना है. अब हम गूगल को इमेज कैप्शनिंग सिखा रहे हैं. माने आगे चलकर ये फोटो देखकर सबको पहचान लेगा.आदमी की तरह समझदार मशीन बना चुका है गूगल
गूगल के दूसरे ऑफिसर्स ने बताया, 2014 में गूगल पहला मशीन लर्निंग सिस्टम लाया था. उस वक्त ये 90 परसेंट सही चीजें समझता था. अब 94 परसेंट समझता है. मशीन ट्रांसलेशन दूसरी चीज है. हमारा ट्रांसलेशन अब आदमी के किए ट्रांसलेशन के आसपास होता है. चीनी से इंग्लिश में तो हम लगभग परफेक्ट होने वाले हैं. हजारों फ्रेजेज मशीन को याद कराए जा रहे हैं. बहुत ज्यादा से ज्यादा इंसानों की तरह गूगल असिस्टेंट अब बोलने लगा है. हमारा आगे का इरादा ये है कि गूगल असिस्टेंट बोलते वक्त आपके इमोशन को भी समझ ले. ये आपके हाथ की तरह हो जाएगा. लोग अब गूगल से बात कर सकते हैं हमारी नई चैट सर्विस में. इस इंटेलिजेंस को आप फोन में तो पाएंगे ही, इसे घर में भी लगवा सकते हैं. आज लोग अपने मोबाइल में हजार गानों से सेटिस्फाई नहीं होते. वो चाहते हैं सारी दुनिया का म्यूजिक उनके मोबाइल में हो. कभी भी कहीं भी हों, कुछ भी कर रहे हों. वो जैसे ही बोलें गाना बजने लगे या वो काम होने लगे जिसके लिए उन्होंने कहा हो. हम इसी सपने को सच करने में जुटे हैं.ये भी पढ़ें -










