कांग्रेस (Congress) ने अपने जम्मू-कश्मीर संगठन में मंगलवार, 16 अगस्त को बड़ा बदलाव किया. जम्मू-कश्मीर कांग्रेस को और ज्यादा मजबूत करने के लिए कई नई नियुक्तियां की गईं. पार्टी ने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को जम्मू और कश्मीर कांग्रेस अभियान समिति (Jammu and Kashmir Congress campaign committee) का अध्यक्ष बनाया. लेकिन अपनी नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद गुलाम नबी आजाद ने इस पद से इस्तीफा दे दिया.
गुलाम नबी आजाद ने ऐसा काम किया, जो कांग्रेस को बुरा लग जाएगा!
पोस्ट मिली, कुछ ही घंटों बाद गुलाम नबी ने पोस्ट पर बैठने से मना कर दिया!


इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए गुलाम नबी आजाद ने नई जिम्मेदारी संभालने से इनकार कर दिया. हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे इस पद से खुश नहीं थे.
इस मामले पर जम्मू में कांग्रेस नेता अश्विनी हांडा ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा,
विकार रसूल वानी जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष“नई बनाई गई अभियान समिति में जम्मू-कश्मीर में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं की अनदेखी की गई है. उनके साथ अन्याय हुआ है. इसलिए गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफा दिया है क्योंकि वह समिति से असंतुष्ट थे.”
बता दें कि कांग्रेस अभियान समिति में 11 नेताओं को शामिल किया गया, जिनमें पीसीसी अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष इसके स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं. तारिक हामिद कर्रा को अभियान समिति के उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया, जबकि जीएम सरूरी को संयोजक बनाया गया है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से गुलाम अहमद मीर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. पार्टी ने विकार रसूल वानी को जम्मू-कश्मीर कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है.
सोनिया गांधी ने मंगलवार, 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर इकाई का अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति (JKPCC) की अभियान समिति, राजनीतिक मामलों की समिति, समन्वय समिति, घोषणा पत्र समिति, प्रचार और प्रकाशन समिति, अनुशासन समिति और प्रदेश चुनाव समिति का भी गठन किया.
वीडियो- गुलाम नबी आजाद से किस मामले में मिलने के लिए कांग्रेस नेता जम्मू-कश्मीर पहुंच गए?






















