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लोकसभा चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे? सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने क्या जवाब दिया?

मोदी सरकार में मंत्री हरदीप पुरी ने तेल के दामों पर काफी कुछ बड़ा बोला है

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हरदीप सिंह पुरी इस मसले पर बोले हैं (साभार - आजतक)

2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. दो दर्ज़न से ज्यादा पार्टियों ने भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाया है. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से कह चुके हैं कि वो अगले साल वापस आने वाले हैं. सियासी बयानबाजी भी तेज़ हो गई है. इन सबके बीच केंद्र में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से पूछा गया कि क्या चुनाव को ध्यान में रखते हुए अगले साल पेट्रोल की कीमतों में कटौती की जाएगी. इसके जवाब में मंत्री ने लंबा जवाब दिया है. क्या कहा आइये जानते हैं.

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कीमतें घटेंगी या नहीं, क्या जवाब दिया?

आजतक के कार्यक्रम - जी20 समिट - में आए हरदीप पुरी ने पेट्रोल की कीमतों को लेकर आगे कहा, 

‘हम लगभग 80 प्रतिशत तेल के आयात पर निर्भर करते हैं. गैस की बात करें तो हम लगभग 50 प्रतिशत आयात पर निर्भर हैं… अगर आप 80 प्रतिशत आयात पर निर्भर हैं, तो आपको समझना होगा कि दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होता है. इसे भारत तक पहुंचाने का खर्च, इंश्योरेंस, रिफाइनिंग का खर्च, उनका मार्जिन और टैक्स भी देना पड़ता है. ये सब मिलाकर दाम तय होता है.

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तेल के दाम घटेंगे या नहीं, इस पर आगे बोले, 

'मैं ये कहते हुए माफ़ी चाहता हूं कि पत्रकार और एंकर ही ऐसी बातें फैलाते हैं कि जब भी चुनाव होने वाले होते हैं तो तेल के दाम नीचे चले जाते हैं…’

हरदीप ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दुनिया की एक बड़ी तेल कंपनी के मालिक से बात कर कहा था कि तेल का दाम बढ़ा कर रखेंगे तो एक फेज़ के बाद डिमांड कम हो जाएगी. दाम बढ़ने के बाद पीएम मोदी ने दो बार केंद्रीय एक्साइज़ ड्यूटी कम की. जिससे पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगभग 13-16 रुपये कम हो गए थे. बीजेपी की राज्य सरकारों ने भी VAT कम किया था. इससे भाजपा-शासित राज्यों में प्रति लीटर दाम में लगभग 8-11 रुपये का अंतर था.

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क्यों बोले कांग्रेस के कर्ज ने थका दिया?

मंत्री ने आगे कहा कि वो कांग्रेस के नेताओं से भी इस मसले पर बात करते हैं.

‘मैं कांग्रेस नेताओं के साथ बैठता हूं तब उनसे कहता हूं कि 2004-14 तक आपकी सरकार थी. जब आपकी सरकार थी, और आपको ऐसी चुनौती का सामना करना पड़ा था, तब आपने क्या किया था? वो कहते हैं कि उन्होंने दाम नीचे रखे थे. हां, पर कैसे?’

पुरी ने आगे ऑयल बॉन्ड्स की बात की. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके वित्त मंत्री ने ये तरकीब निकाली थी.

‘ऑयल बॉन्ड्स क्या होते हैं? मान लीजिए नानाजी (कोई भी व्यक्ति) के समय कोई समस्या आई. नानाजी ने सोचा कि समस्या से निपटने के लिए कर्ज़ ले लें. लगभग 1 लाख 41 हज़ार करोड़ का कर्ज़. और अब हम, उनके पोते-पोती (यानी ये सरकार), आज वो 3 लाख 50 हज़ार करोड़ चुका रहे हैं. मैं मानता हूं ये किसी भी समस्या से निपटने का बहुत गलत तरीका है. पर हम इस समस्या से एक्साइज़ कम करके निपट रहे हैं.’

कुल मिलकर कहें तो जो लोग सोच रहे हैं कि 2024 लोकसभा चुनावों से पहले सरकार पेट्रोल-डीज़ल के दाम करेगी, उन्हें शायद ऐसी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए. 

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