'न्यूज चुन्नलों' और आतंकियों को जंग की बात करने दीजिए. सरहद पर जो हो रहा है, इससे आप और हम यकीनन परेशान हैं. लेकिन इन सबके बीच कुछ खबरें सीना चौड़ा करने का मौका देती हैं. सर्जिकल स्ट्राइक की बात नहीं कर रहे. 'हम इंडियन हैं. अतिथि देवो भव:' वाला सीने के चौड़े करने वाली बात. जंग पर जब सीजफायर उल्लंघन रोज हो रहा है. आतंकी हमले भी हो ही रहे हैं. इन सबके बीच अपने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक दिल खुश करने वाला काम कर दिखाया है. बात कुछ यूं है कि 24 सितंबर को चंडीगढ़ में ग्लोबल यूथ पीस फेस्टिवल था. इस फेस्टिवल में पाकिस्तान से एक डेलिगेशन आया था. इस डेलिगेशन में 19 लड़कियां भी थीं. इन लोगों के पाकिस्तान लौटने की डेट थी, 4 अक्टूबर. पर इस बीच वो हुआ, जिसकी उम्मीद तो नहीं थी पर वो जब हुआ तो सारे इंडियंस चहक गए. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक. इसके बाद दोनों मुल्कों के बीच अब तक माहौल खराब है. इस खराब माहौल से जो ये डेलिगेशन आया था, वो घबरा आया. इस डेलिगेशन के पाकिस्तान में बैठे घरवाले और ज्यादा डर गए. वक्त पर वापसी हो पाएगी या नहीं. कहीं कोई खतरा तो नहीं, जैसे सवाल मन में आने लगे. इंडिया में जब कोई विदेशी घबराता है तब आती हैं अपनी विदेश मंत्री. सुंदर से माथे पर गोल बड़ी बिंदी लगाने वाली सुषमा स्वराज. इस ग्रुप आगाज-ए-दोस्ती फोरम की हेड आलिया ने 1 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय से इस बारे में बात की. सुषमा स्वराज दुश्मनी भूलकर फौरन एक्टिव हुईं. उनने सारे इंतजाम किए. बोलीं- लोड न लीजिए, हम हैं न. सुषमा से मिले भरोसे से इस पाकिस्तानी ग्रुप की लड़कियां खुश हो गईं. आलियी ने 2 अक्टूबर को ट्वीट कर कहा, 'सुषमा स्वराज जी से बात की. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पाकिस्तानी डेलीगेशन वक्त से पाकिस्तान लौटेगा.'

आलिया के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए सुषमा स्वराज ने बहुत खूबसूरत बात कही. सुषमा स्वराज ने कहा,
'आलिया मैं आपको लेकर फिक्रमंद थी. क्योंकि बेटियां तो सबकी सांझी होती हैं.'
जब हर कोई लड़ाई की बात कर रहा है. ऐसे में सुषमा स्वराज को इस बात के लिए खूब सारा थैंक्यू. गुलज़ार दद्दा इन्ही सब बातों की वजह से तो कह गए हैं.
'लकीरें हैं तो रहने दो, किसी ने गुस्से में आकर खींच दी होंगी.'