मशल पाकिस्तानी हिंदू हैं. अपनी फैमिली के साथ मशल हमेशा के लिए इंडिया शिफ्ट हो गई हैं. पाकिस्तान में कुछ लोगों ने परेशान कर रखा था. मशल के मम्मी-पापा भी डॉक्टर हैं. पैरेंट्स का मन था कि इंडिया शिफ्ट हो लिया जाए. पाकिस्तान की नागरिकता होने की वजह से मशल को इंडिया के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल पा रहा था. ये बात जब सुषमा स्वराज को पता चली, तो उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मेरी बच्ची तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. तुम्हारे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के मामले को मैं खुद देखूंगी.'17 साल की मशल दो साल पहले पाकिस्तान के हैदराबाद से जयपुर आई थीं. मशल ने सीबीएसई से एग्जाम दिए थे. लेकिन मेडिकल टेस्ट AIPMT का एग्जाम देने को नहीं मिला. जिसके बाद न्यूज चैनलों में खबरें आने के बाद सुषमा स्वराज ने मदद की पेशकश की. सोमवार को जब मशल एक निजी न्यूज चैनल से बात कर रही थीं. तभी सुषमा ने ट्वीट कर मशल से फोन पर बात करने के लिए कहा. https://twitter.com/SushmaSwaraj/status/737203199078195200 मशल ने कहा, 'सुषमा स्वराज ने कर्नाटक के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलवाने की पेशकश की है.' मशल ने एडमिशन मिलने की बात पर खुशी जाहिर की. देखिए जब मशल ने एडमिशन के लिए की थी अपील https://www.youtube.com/watch?v=DbAHsdjEhYk
'शुक्रिया सुषमा स्वराज, आपकी वजह से मैं डॉक्टर बन जाऊंगी'
पाकिस्तानी हिंदू लड़की मशल को डॉक्टर बनना था. पर कहीं एडमिशन नहीं मिल पा रहा था. सुषमा स्वराज ने मदद का वादा पूरा कर दिया है.
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फोटो - thelallantop
फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज ने जो कहा, वो कर दिखाया है. एकदम बढ़िया काम कर दिया है. पाकिस्तानी से इंडिया आई मशल माहेश्वरी के 12वीं क्लास में 91 पर्सेंट नबर आए थे. डॉक्टर बनना था. पर किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल रहा था. लेकिन अब सुषमा स्वराज की मदद से मशल को कर्नाटक के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने का ऑफर मिल गया है.
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