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मणिपुर हिंसा पर विदेशी मीडिया में क्या छपा?

ज़्यादातर विदेशी मीडिया ने मणिपुर पर ढाई महीने बाद टूटी पीएम मोदी की चुप्पी को रेखांकित किया है.

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मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

4 मई 2023 को मणिपुर में कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड करवाई गई. इसका वीडियो वायरल हुआ तो देश तो देश, विदेश में भी सब सन्न हैं. दी लल्लनटॉप पर आपने इस खबर के अलग-अलग पहलुओं को पढ़ा. इस खबर में हम आपको ये बताएंगे कि विदेशी मीडिया में इस जघन्य घटना पर क्या-क्या छपा है. 

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1. द गार्डियन, ब्रिटेन

द गार्डियन ने सुर्खी लगाई

Modi speaks out after video of sexual assault on women in Manipur emerges
मणिपुर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो सामने आने के बाद मोदी ने तोड़ी चुप्पी 

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अखबार लिखता है,

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में चल रहे संघर्ष पर अपनी महीनों की चुप्पी तोड़ी है. मोदी ने चुप्पी उस वक्त तोड़ी, जब मणिपुर में महिलाओं को नग्न करके उनसे परेड करावाने और उनके साथ सामूहिक बलात्कार से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ. ये महिलाएं मणिपुर की अल्पसंख्यक कुकी जनजाति की थीं. और उनसे ये काम करवाने वाली भीड़ के लोग मैतेई समूह के थे. संसद सत्र की शरुआत से पहले मोदी ने कहा कि इस घटना से पूरा देश शर्मिंदा हुआ है. किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा.

2. द न्यू यॉर्क टाइम्स, अमेरिका

न्यू यॉर्क टाइम्स ने सुर्खी चलाई,

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Video of Sexual Assault Goes Viral in India, Renewing Attention on Ethnic Conflict

भारत में यौन उत्पीड़न के वायरल वीडियो ने जातीय संघर्ष पर फिर ध्यान खींचा 

गार्डियन की तरह टाइम्स ने भी अपने लेख में इस बात पर ज़ोर दिया है कि पीएम ने वीडियो वायरल होने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है. अखबार लिखता है,

इस वीडियो के सामने आने में 2 महीने का समय लग गया है , क्योंकि सरकार ने हिंसा रोकने के लिए वहां इंटरनेट बंद किया हुआ था. वीडियो सामने आने के बाद पीएम मोदी को राज्य के हालात के बारे में पहली सार्वजानिक टिपण्णी करनी पड़ी. अखबार ने ये भी लिखा कि पीएम ने सीधे तौर पर राज्य में हुई हिंसा को संबोधित नहीं किया और न ही तनाव कम करने के लिए कोई समाधान पेश किया.

अखबार ने इस बात का भी ज़िक्र किया, कि जब पीएम मोदी फ्रांस के दौरे पर गए थे तो यूरोपीय संसद ने इस हिंसा को लेकर एक प्रस्ताव लाया था, जिसमें इस हिंसा के लिए हिंदू बहुसंख्यकवाद को बढ़ावा देने वाली विभाजनकारी नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया था.

3. बीबीसी, ब्रिटेन

BBC ने लिखा,

Manipur: India video shows how rape is weaponised in conflict
मणिपुर वीडियो सामने आया, कैसे संघर्ष में बलात्कार को हथियार बनाया गया

BBC लिखता है,

भारत के मणिपुर से एक भयानक वीडियो सामने आया है, जिसमें भीड़, दो नग्न महिलाओं को परेड करवा रही है और उनका यौन शोषण कर रही है. इससे ये पता चलता है कि अक्सर ऐसे संघर्ष में सबसे ज़्यादा कीमत कौन चुकाता है. ऊपर से प्रशासन की उदासीनता मामले को और बदतर बनाती है.

4. अल जज़ीरा, कतर

क़तर के स्टेट मीडिया अल जज़ीरा ने लिखा,

Outrage in India over video of Manipur women paraded naked, raped
मणिपुर की महिलाओं को नग्न घुमाने और बलात्कार के वीडियो पर भारत में आक्रोश

अल जज़ीरा लिखता है,

ये वीडियो 3 मई का है, दो महीने पुराना. लेकिन मणिपुर में इंटरनेट बैन की वजह से ये बाहर नहीं आ पाया था. इस बात की आलोचना भारत के मानवाधिकार कार्यकर्ता कर रहे हैं. मणिपुर हिंसा पर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी दो महीने की चुप्पी तोड़ी है, उन्होंने कहा कि इस घटना ने उनका मन बैठ गया है और वो नाराज़ हैं.

5. वॉशिंगटन पोस्ट, अमेरिका

अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने भी पीएम मोदी की चुप्पी तोड़ने वाली बात को प्रमुखता से लिखा है, अख़बार ने ये भी लिखा है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मामले पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी पूछा है. अखबार ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ का बयान भी बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा था कि एक संवैधानिक लोकतंत्र में ये अस्वीकार्य है, अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो हम कार्रवाई करेंगे.

इससे पहले 12 जुलाई को अख़बार में ब्लूमबर्ग के ओपिनियन एडिटर रुथ पोलार्ड ने लिखा था,

India’s Northeast Is on the Brink. Where’s Modi?
भारत के पूर्वोत्तर राज्य तबाही की कगार पर है. मोदी कहां हैं?

पोलार्ड ने आगे लिखा था,

हथियारों से लैस गिरोहों के द्वारा गांवों में सिर काटने की कई रिपोर्ट्स आईं हैं. ये आशंका भी जताई जा रही है कि तनाव का दायरा पड़ोसी राज्यों मिज़ोरम, असम, नागालैंड और मिज़ोरम तक फैल सकता है, जहां मिलिटरी हुंटा पहले से ही आम नागरिकों पर बम बरसा रही है. इसके अलावा, चीन के साथ लगे बॉर्डर पर पहले से तनाव है. जहां से भारत की 57वीं माउंटेन डिविजन को मणिपुर की स्थिति को काबू करने में लगाया गया है.

इन सबके बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ना तो मणिपुर गए हैं और ना ही कोई बयान ही दिया है. मई महीने में हिंसा की शुरुआत होने के बाद से मोदी जापान, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, अमेरिका और ईजिप्ट जा चुके हैं. और, इसी हफ़्ते वो फ़्रांस भी जाने वाले हैं. उन्होंने कई राज्यों में शिलान्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, कई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और मध्य प्रदेश में नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन को भी लॉन्च किया. हिंसाग्रस्त मणिपुर में उनकी हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. उन्होंने उस हिंसा पर कुछ भी नहीं बोला है, ना ही स्थानीय गुटों से मिलने गए और ना ही तनाव कम करने की कोई कोशिश ही की है. 

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