किसानों के दिल्ली कूच (Delhi chalo march) में अब ट्रैक्टर मार्च (farmers tractor march) की तैयारी है. 26 फरवरी को किसान अपने ट्रैक्टर्स के साथ दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं. 13 फरवरी को शुरू हुआ किसानों का जत्था अब भी दिल्ली बॉर्डर के आसपास वाले इलाकों में है. इस बीच हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बहाल होने की सूचना है. साथ ही दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर सर्विस रोड को भी खोल दिया गया है.
Farmers Protest: ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान, ट्रैफिक सिस्टम समझ लिजिए
Greater Noida से Noida की ओर ट्रैक्टर्स की कतार लगाई जाएगी. इसके बाद किसान यमुना एक्सप्रेसवे से मार्च करते हुए Chilla Border की ओर बढ़ेंगे.


टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, किसान NTPC नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. इसके बाद भारतीय किसान यूनियन (BKU) टिकैत और BKU लोकशक्ति के साथ किसानों के दो और समूह इस सप्ताह सड़क पर उतर सकते हैं.
26 फरवरी को BKU टिकैत के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टरों के साथ विरोध मार्च शुरू करेंगे जो नोएडा-दिल्ली बॉर्डर की ओर जाएंगे. BKU टिकैत के पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा है कि उनकी योजना है कि ग्रेटर नोएडा से नोएडा की ओर ट्रैक्टर्स की कतार लगाएंगे. इसके बाद किसान यमुना एक्सप्रेसवे से मार्च करते हुए चिल्ला बॉर्डर की ओर बढ़ेंगे.
ये भी पढ़ें: 'किसानों को पैसे देकर आंदोलन में बैठने को कहा जा रहा', वायरल वीडियो का सच क्या है?
खटाना ने TOI को बताया कि किसान अपनी फसलों के लिए MSP की मांग के लिए अलग-अलग गांवों से ग्रेटर नोएडा के जेवर टोल प्लाजा पर जमा होंगे. इसके बाद वहां से किसान नोएडा की चिल्ला सीमा की ओर बढ़ेंगे.
DCP (ट्रैफिक) अनिल कुमार यादव ने कहा कि उन्हें किसानों के इस विरोध प्रदर्शन के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है. उन्होंंने कहा कि उनको जब इस प्रदर्शन की जानकारी मिलेगी तब वो व्यवस्था करेंगे.
29 फरवरी को BKU लोकशक्ति के नेतृत्व में किसान सचिवालय के लिए मार्च कर सकते हैं.
7 जिलों में इंटरनेट बहालइस बीच हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में 11 फरवरी से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी.
दिल्ली पुलिस ने 26 फरवरी को सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर यात्रियों के लिए रास्ता साफ किया है. हालांकि, यहां 24 घंटे पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी. इन रास्तों से वाहनों की आवाजाही नहीं होगी.











