ये घटना हरियाणा के फरीदाबाद सेक्टर 23 की है. यहां एक मकान मालिक ने अपने पुराने किराएदार की पत्नी की हत्या कर दी. फिर फोन करके उसके पति को बताया कि ‘तुम्हारी पत्नी को मार दिया है’. सुनने में आपको अटपटा लग रहा होगा. लेकिन ये कहानी पूरी तरह से सच है.
आगरा के रहने वाले सौरभ की शादी भावना से 2017 में हुई. जिसके बाद वो फरीदाबाद के एक मकान में किराए पर रहने चले गए. मकान में रहे तो मकान मालिक पुष्कर भंडारी की बुरी नज़र सौरभ की पत्नी पर पड़ी. ये काफी लंबे वक्त तक चला. पत्नी ने फिर परेशान होकर इसकी जानकारी अपने पति को दी. उसने इस बात का विरोध किया. मकान मालिक से ऐसा ना करने की हिदयात दी. लेकिन मकान मालिक नहीं माना. वो लगातार उसकी पत्नी के साथ छेड़खानी करने की कोशिश करता रहा.

मकान मालिक अक्सर महिला का पीछा किया करता था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इस घटना से परेशान होकर सौरभ ने मकान छोड़ दिया. फिर अपनी पत्नी के साथ वो पास के ही दूसरे मकान में शिफ्ट होगा. वो शिफ्ट तो हुआ लेकिन उसे सनकी मकान मालिक से छुटकारा नहीं मिला. उसका मकान मालिक लगातार उसकी पत्नी का पीछा करता रहा. सौरभ सुबह-सुबह ऑफिस चला जाता था जिसके बाद उसकी पत्नी घर में अकेली रहती थी. फिर पुष्कर उसके पीछे भावना के साथ छेड़खानी करने उसके घर पहुंच जाता था. इस बीच उसने कई बार भावना के साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश भी की. भावना ने इस बात की जानकारी अपने पति सौरभ वो दी. जिसके बाद सौरभ और पुष्कर के बीच काफी बहस बाजी भी हुई. लेकिन फिर भी वो अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आया. पुष्कर की एक्टिविटी से वहां के आस पास तक के लोग परेशान थे.
रविवार के दिन भी जब सौरभ ऑफिस में था. तो मौके का फायदा उठा पुष्कर सौरभ के घर चला गया. भावना को अकेले पाकर सनकी मकान मालिक ने उसके साथ छेड़खानी की कोशिश की. भावना ने काफी विरोध किया लेकिन उसका फायदा नहीं हुआ. उस सनकी ने भावना की आवाज़ को दबाने के लिए उसका मुंह बंद किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या करने के बाद पुष्कर भावना का फोन लेकर भागा और वहां पर अपना फोन छोड़ दिया. अब उसके पागलपन को आप इस बात से समझिए कि उसने खुद भावना के पति को फोन करके कहा कि उसने उसकी पत्नी को मार दिया है. आनन-फानन में सौरभ घर पहुंचा तो पत्नी की लाश घर में पड़ी थी. फिर सौरभ ने मामले की शिकायत फरीदाबाद पुलिस से की. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया.
लल्लनटॉप उवाच - क्राइम से जुड़े टीवी सीरियल्स आप ज़रूर देखते होंगे. कई बार आपने गौर किया होगा कि इस तरह की खबरें अक्सर वैसे सीरियल्स में दिखाए जाते हैं. बाकायदा उसका रिक्रिएशन होता है. फिर अंत में एंकर आकर बताता है कि ऐसी घटना से बचने का सबसे बड़ा और अचूक उपाय है सतर्कता और समय रहते ज़रूरी कार्रवाई. सोचिए अगर सौरभ अपने केस में पहले ही मकान मालिक की शिकायत कर देता. या फिर जब वो मकान मालिक के घर को छोड़ कर निकला फिर भी उसकी हरकतें नहीं रुकी. फिर वो मकान मालिक की शिकायत पुलिस से कर देता. तो शायद उसकी गिरफ्तारी हो जाती. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.











