क्या भारत ने पाकिस्तानी जेट को मार गिराया? अमेरिका की गिनती कहती है- नहीं.ये खबर अमेरिका का प्रोपगेंडा भी हो सकता है अमेरिका दुनिया में हथियार सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश है. F-16 का गिराया जाना, अमेरिकी हथियारों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है. वो भी मिग-21 से. ये पाकिस्तान से ज्यादा अमेरिका की क्रेडिबिलिटी का मुद्दा है. अमेरिका कभी नहीं चाहेगा कि उसके बनाए फायटर जेट्स, उसके बनाए हथियारों की काबिलियत पर इतना गंभीर शुबहा पैदा हो. ऐसे में पूरी तरह से अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों के हवाले से की गई खबर एक तरफ़ा है. एक आशंका ये भी है कि ये शायद उस हथियार लॉबी का प्रोपगेंडा हो. भारत का F-16 गिराना पाकिस्तान की नहीं, अमेरिका की इज्जत का सवाल है आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में जितने हथियार बेचे जाते हैं उसका 34 फीसद अकेले अमेरिका बेचता है. उसके बाद रूस का नंबर आता है. दुनिया में लड़ाइयां बढ़ती हैं, गृह युद्ध बढ़ते हैं, तो अमेरिका के हथियारों की बिक्री बढ़ती है. मिडिल-ईस्ट में जंग छिड़ी, तो अमेरिका के हथियारों की बिक्री भी बढ़ी. 2013 से 2017 के बीच अमेरिका ने जितने हथियार बेचे, उसका तकरीबन आधा हिस्सा मिडिल ईस्ट को गया. 2015 में यमन के अंदर गृह युद्ध शुरू हुआ. इसमें सऊदी अरब भी घुसा. सऊदी का वॉर कैंपेन वहां के हूती विद्रोहियों के खिलाफ है. यही सऊदी आज की तारीख में अमेरिका का सबसे बड़ा हथियारों का खरीदार है. ऐसे में एक F-16 का भारत के हाथों गिराया जाना कोई आइसोलेटेड घटना नहीं है. इस एक खबर से अमेरिका का एक बहुत कमाऊ कारोबार प्रभावित होता है. भारत का F-16 को मार गिराने का दावा सीधे-सीधे अमेरिकी हितों के खिलाफ जाता है. 'अमेरिका ने जितने F-16 दिए थे पाकिस्तान को, सब मौजूद हैं' 'फॉरेन पॉलिसी' मैगजीन की इस स्टोरी का संदर्भ 27 फरवरी के दिन से जुड़ा है. भारत का कहना है कि 27 फरवरी को पाकिस्तान के कुछ विमान भारतीय सीमा में घुस आए. इसके जवाब में भारतीय वायु सेना के विमानों ने उनका पीछा किया. दोनों पक्षों के बीच की इस लड़ाई के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन ने अपने मिग-21 विमान से पाकिस्तान के एक F-16 को गिरा दिया. इसके बाद ही पाकिस्तानी मिसाइल के निशाने पर आकर अभिनंदन का मिग-21 क्रैश हुआ और वो पाकिस्तान वाले इलाके में गिर गए. जहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कैद कर लिया. भारत ने जैसा घटनाक्रम बताया, इस हिसाब से पाकिस्तान के पास जितने F-16 हैं, उसमें एक कम होना चाहिए. 'फॉरेन पॉलिसी' का दावा है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के इन विमानों की गिनती की और एक भी कम नहीं पाया. मैगजीन ने अपने आर्टिकल में लिखा है-
अमेरिकी अथॉरिटीज ने पाकिस्तान के पास जो F-16 विमान हैं, उनकी गिनती की. इसमें कोई विमान मिसिंग नहीं पाया गया. इस वजह से भारत की कही बातों पर संशय पैदा होता है. इन बातों से ये लगता है कि शायद भारतीय अथॉरिटीज ने उस दिन के घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को गुमराह किया.मैगजीन का दावा है कि अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे इस बारे में बताया है. लिखा है-
27 फरवरी की घटना के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका को अपने यहां बुलाया. ताकि वो खुद F-16 विमानों की गिनती करके देख सकें. F-16 की डील के समय दोनों देशों के बीच ऐंड-यूजर करार हुआ था. ऐसे करार में आमतौर पर अमेरिका से सप्लाई लेने वाला देश इस बात के लिए सहमत होता है कि वो अमेरिकी अधिकारियों को नियमित तौर पर अपने यहां आकर निरीक्षण करने देगा.लोकसभा चुनावों का भी ज़िक्र है मैगजीन ने MIT में पॉलिटिकल साइंस के असोसिएट प्रफेसर विपिन नारंग से बात की. विपिन के मुताबिक-
ये जो ब्योरे आए हैं, इनकी वजह से भारतीयों की स्थिति बदतर दिख रही है. कई वजहों से अब ऐसा लग रहा है कि भारत पाकिस्तान का कोई बड़ा नुकसान नहीं कर पाया. लेकिन ऐसा करने की कोशिश में खुद भारत ने अपना एक प्लेन और हेलिकॉप्टर गंवा दिया.इस आर्टिकल में आगे भारत में होने वाले लोकसभा चुनावों का भी ज़िक्र है. लिखा है-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं. चुनाव से पहले भारत और पाकिस्तान का आपसी तनाव काफी बढ़ गया. 14 फरवरी को कश्मीर में पाकिस्तान स्थित एक 'चरमपंथी' संगठन ने एक आत्मघाती हमले में 40 से ज्यादा भारतीय सुरक्षा अधिकारियों की जान ले ली. इसकी वजह से दोनों देशों के बीच टेंशन काफी बढ़ गया. भारत और पाकिस्तान, दोनों पक्षों पर ग़लत जानकारियां देने और राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काने का आरोप है.
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