वसुंधरा राजे बीजेपी की तो गहलोत और सचिन पायलट कांग्रेस के बड़े नेता थे. इसके बावजूद 26 विधायक ऐसे थे, जो या तो छोटी पार्टियों से चुनाव लड़कर जीते या फिर निर्दलीय जीते.
राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग खत्म होने के बाद अब सभी लोगों को 11 दिसंबर का इंतजार है. वो इसलिए क्योंकि 11 दिसंबर को ही तय होगा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे एक बार फिर से सत्ता में लौटेंगी या नहीं. अभी तक तो राजस्थान के लोग एक बार बीजेपी और एक बार कांग्रेस को वोट देते आए हैं. इस बार क्या होगा, वो तो 11 दिसंबर को ही पता चलेगा. लेकिन फिलहाल आए हैं एग्जिट पोल, जो बता रहे हैं कि राजस्थान में सरकार किसकी बनेगी. राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. यहां पर सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के पास कम से कम101 विधायक होने चााहिए. देखते हैं कि किस एग्जिट पोल ने किस पार्टी को कितनी सीटें दी हैं-


वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व से बगावत कर टिकट बांटे थे. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है.
एग्जिट पोल के इन नतीजों से साफ दिख रहा है कि जनता ने अपना पुराना वोटिंग पैटर्न बरकरार रखा है. यानी कि एक बार बीजेपी को मौका देने के बाद जनता इस बार फिर से कांग्रेस को मौका देने के मूड में है.
मध्य प्रदेश के एग्ज़िट पोल का वीडियो
राजस्थान के एग्ज़िट पोल का वीडियो
छत्तीसगढ़ के एग्ज़िट पोल का वीडियो