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यूट्यूबर मनीष कश्यप पर अब जो इल्ज़ाम लगा है, वो बहुत बड़ा है

इस मामले को मिलाकर कुल चार FIR दर्ज हो चुकी हैं.

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मनीष कश्यप ने जिस वीडियो में कथित रूप से महात्मा गांधी को लेकर अपशब्द कहे, वो 2016 का बताया जा रहा है(फोटो: आजतक)

4 अप्रैल को यूट्यूबर मनीष कश्यप पर चौथी FIR दर्ज़ हुई है. और इस बार आरोप लगा है महात्मा गांधी के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल का. अहमदाबाद में रहने वाले निशांत वर्मा ने मनीष कश्यप के साथ उनके दो दोस्तों - रवि पुरी और अमित सिंह पर भी FIR  दर्ज कारवाई है. 

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मनीष कश्यप ने कहा क्या था?

निशांत वर्मा एक समाजसेवी हैं. बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOU) को दी लिखित शिकायत में उन्होंने कहा था कि मनीष कश्यप ने 2016 में महात्मा गांधी को अपशब्द बोले थे. और इसका एक वीडियो भी है. शिकायतकर्ता के मुताबिक वीडियो में मनीष कश्यप और उनके दो दोस्तों ने महात्मा गांधी की मौत पर जश्न मनाने की बात कही है. निशांत ने पुलिस को एक पेन ड्राइव भी दी है, जिसमें ये वीडियो था. 

इसी वीडियो के आधार पर  EOU ने मनीष कश्यप, रवि पुरी और अमित सिंह को नामजद किया है.

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जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुचे मनीष कश्यप

आजतक से जुड़े संजय शर्मा की र्रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष कश्यप ने 18 मार्च को बिहार के जगदीशपुर में सरेंडर किया था. कुछ समय पहले तमिलनाडु में रह रहे बिहार के मजदूरों की कथित पिटाई की अफवाहें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी थीं. कई वीडियो वायरल हुए थे जिनके आधार पर ये दावा किया जा रहा था. लेकिन बाद में तमिलनाडु और बिहार की सरकारों और पुलिस ने इन वीडियो को 'स्क्रिप्टेड' और फर्जी करार दिया. मनीष पर आरोप है कि उन्होंने भी बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमलों के ऐसे ‘स्क्रिप्टेड’ वीडियो और खबरें वायरल किए थे. 

मनीष पहले बिहार पुलिस की कस्टडी में रहे. फिर इसी मामले में पूछताछ के लिए तमिलनाडु पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई. इसीलिए मनीष कश्यप ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मनीष कश्यप ने अर्जी दाखिल कर अंतरिम जमानत के साथ अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR  को भी एक साथ क्लब करने की मांग भी की है. 

वीडियो: तमिलनाडु पुलिस के साथ जाते-जाते मनीष कश्यप ने क्या बयान दिया?

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