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शांतिकाल का टॉप वीरता पुरस्कार अशोक चक्र पाने वाले हवलदार हंगपन दादा का वीडियो

फिल्म जो हमें उनके परिवार से मिलाती है और मिलिट्री ऑपरेशन में दादा की बहादुरी दिखाती है.

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शहीद हंगपन दादा
कल रिपब्लिक डे के मौके पर हंगपन दादा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति ने शहीद दादा की पत्नी चासेन लोवांग को कल ये सम्मान दिया. अशोक चक्र शांति काल में दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है.
SOURCE- India.com
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दिलेर हंगपन दादा अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव का रहने वाले थे. टीम के लोग उन्हें प्यार से 'दादा' बुलाते थे. 26 मई 2015 को कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आर्मी ठिकानों का संपर्क टूट गया था. सेना के मुताबिक चार आतंकवादी सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तब हंगपन दादा को आतंकियों को रोकने के लिए कहा गया था.
एलओसी के पास शामशारी माउंटेन के पास करीब 12500 की फीट की ऊंचाई पर हवालदार हंगपन दादा अपनी टीम के साथ तेजी से आगे बढ़े और उन चारों आतंकियों का न सिर्फ रास्ता रोका, बल्कि मार गिराया.
वे 1997 में असम रेजीमेंट का हिस्सा बने थे. बाद में 35 राइफल्स में शामिल किए गए. उन्हें ट्रिब्यूट देने वाली शॉर्ट वीडियो फिल्म The Warriors Spirit 26 जनवरी को Additional Directorate General of Public Information ने रिलीज की है जिसमें दादा की पर्सनैलिटी, परिवार, दोस्ती, स्वभाव और मिलिट्री मिशन के बारे में पता चलता है.
हंगपन दादा की ये कहानी देखकर  इमोशनल हो जाएंगे, गारंटी है.

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