अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ का दावा है कि अमेरिकी सेना मौत की सजा की लाइव-स्ट्रीमिंग करने की योजना बना रही है. ये सजा अमेरिकी सेना के ही एक पूर्व अफसर निदाल हसन को दी जाएगी. हसन अमेरिकी सेना का पूर्व मेजर है. उसे 2009 में फोर्ट हुड में हुई 13 लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया था. ये 13 लोग अमेरिकी सैनिक थे. रक्षामंत्री हेगसेथ के मुताबिक 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वाड के जरिए हसन को मौत की सजा दी जाएगी.
कौन है निदाल हसन जिसकी मौत की सजा अमेरिका में 'लाइव दिखाई जाएगी'?
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा है कि पूर्व Army Major Nidal Hasan को 3 दिसंबर को Texas के Fort Hood में Firing Squad से मौत की सजा दी जाएगी. Pentagon ने पुष्टि की है कि इसे Live-stream किया जाएगा. Hasan को 2009 में सैन्य बेस पर 13 लोगों की हत्या और 30 से ज्यादा लोगों को घायल करने के मामले में दोषी ठहराया गया था.

रक्षामंत्री पीट हेगसेथ ने पहले कहा था कि पेंटागन इस सजा को सार्वजनिक करने की प्लानिंग कर रहा है. CBS की रिपोर्ट के मुताबिक हेगसेथ ने 'रियल अमेरिकाज वॉयस' नाम के एक प्रोग्राम में कहा,
उसे सैनिकों के फायरिंग स्क्वाड का सामना करना होगा, जैसा कि होना चाहिए. हम यह पक्का करेंगे कि लोग इसे देख सकें, यह सार्वजनिक हो. क्योंकि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि इस तरह की चीजों के गंभीर नतीजे होते हैं.
हेगसेथ के मुताबिक दिसंबर की शुरुआत में होने वाली यह सजा फोर्ट हुड में दोपहर 1 बजे दी जाएगी. पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल के मुताबिक सेना के फायरिंग स्क्वाड का इस्तेमाल करने की सिफारिश हेगसेथ ने की थी. इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे मंजूरी दे दी.
हसन ने क्या किया था?हसन निदाल अमेरिकी सेना में साइकोलॉजिस्ट के तौर पर सेवाएं दे रहा था. 2009 में उसने फोर्ट हुड में 13 लोगों की हत्या कर दी थी. साथ ही उसने 30 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया था. 2013 में कोर्ट-मार्शल के दौरान हसन ने अपना गुनाह भी कबूल किया था. उसने दावा किया कि उसने अमेरिकी सेना से इस्लामी विद्रोहियों को बचाने की कोशिश में सेना के अपने साथियों पर गोली चलाई थी. सुनवाई के बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई थी.
(यह भी पढ़ें: अमेरिका अपने सैनिकों की मर्दानगी चेक करेगा, कमजोरों को टेस्टोस्टेरोन का डोज दिया जाएगा)
हसन के बारे में छपी 2013 की एक रिपोर्ट बताती है कि वो कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था. हमले के बाद 2010 में कुछ मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स उसकी काउंसलिंग कर रहे थे. हसन ने उनसे कहा कि अगर सरकार उसे दोषी ठहराकर मौत की सजा देती है, तो भी वो ‘शहीद’ ही कहलाएगा. साथ ही हसन ने मिलिट्री के एक पैनल से कहा था कि काश वो हमले में मारे गया होता. क्योंकि इसका मतलब यह होता कि ईश्वर ने उसे शहादत के लिए चुना है.
ये दस्तावेज उस रिपोर्ट का हिस्सा थे जिसमें यह नतीजा निकाला गया कि हसन मुकदमा चलाने के लिए मानसिक रूप से फिट है.
वीडियो: दुनियादारी: अमेरिकी सेना मुस्लिमों में पॉपुलर मोबाइल ऐप का लोकेशन डेटा क्यों खरीद रही है?









