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"2 रुपए की कटौती लाखों-करोड़ों की लूट से ध्यान..." इलेक्टोरल बॉन्ड पर विपक्षी नेताओं ने और क्या कहा?

Congress Spokesperson Supriya Shrinate ने कहा कि 15 मार्च की सुबह पेट्रोल के दाम में 2 रुपए की कटौती की गई थी लेकिन इससे लाखों-करोड़ों की लूट से ध्यान नहीं भटका.

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इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारियों को पब्लिश कर दिया गया है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारियों के आते ही कई लोगों और कंपनियों के नाम पर चर्चा होने लगी. राजनीतिक दलों के नाम भी आए. लिस्ट के अनुसार, भाजपा को चुनावी बॉन्ड से सबसे ज्यादा पैसे मिले हैं. अब इस मामले में विपक्षी दल के नेताओं की प्रतिक्रिया आई है. 

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X (ट्विटर) पर एक पोस्ट किया. लिखा,

“इलेक्टोरल बॉन्ड स्कैम सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है. डायरेक्ट करप्शन के कई मामले सामने आ रहे हैं. इनमें से 19 मामले ऐसे हैं जिससे पता चलता है कि BJP ने हजारों करोड़ की रिश्वत, हफ्ता वसूली, किकबैक और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए चुनावी बॉन्ड का इस्तेमाल किया है. जल्द ही इस सूट-बूट-लूट-झूठ वाली सरकार को छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी!”

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कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,

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"2 रुपए की कटौती लाखों-करोड़ों की लूट से ध्यान नहीं भटकातीं!"

दरअसल, 15 मार्च की सुबह पेट्रोल के दाम में 2 रुपए की कटौती की गई थी. श्रीनेत का इशारा इसी तरफ है.

पूर्व कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI को बताया,

"जैसे 2जी मामले में SIT बनाई गई थी, वैसे ही इस मामले की जांच के लिए भी SIT गठित की जानी चाहिए.अब हमें यह देखना है कि कानून इसे किस तरह से देखता है. यह भी पता लगाना चाहिए कि पीएम-केयर्स में किसने दान दिया. यह जांच का विषय है कि किस पार्टी को कितना फंड मिला. कई ऐसी कंपनियां हैं जो घाटे में है और दान दे रही हैं."

उन्होंने आगे कहा,

“हिंदुस्तान में दो सबसे बड़े स्कैम हुए हैं, एक नोटबंदी और अब उससे भी बड़ा स्कैम ये (इलेक्टोरल बॉन्ड) है.”

उन्होंने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में PM मोदी पर सवाल उठाते हुए लिखा,

"किसने कहा था- ना खाउंगा, ना खाने दूंगा?"

शिव सेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा,

“ये सिर्फ 14400 करोड़ की ट्विन टनल नहीं है.”

एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने एक यशोदा हॉस्पीटल पर सवाल उठाया है. उन्होंने लिखा,

"इस बात पर भरोसा नहीं कर सकती कि कोई अस्पताल पॉलिटिकल फंडिंग कर रही है."

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा,

“निर्वाचन आयोग का डेटा बताता है कि भाजपा को गुप्त इलेक्टोरल बॉन्डस के जरिए कितने पैसे मिले थे. कागज तो दिखाना पड़ गया. सवाल ये है कि अगर भाजपा के पास इतने पैसे हैं तो फिर उनके ट्रॉल्स को 2014 से 2 रुपये ही क्यों मिल रहे हैं? इसकी जांच होनी चाहिए.”

14 मार्च की शाम को ECI ने अपनी वेबसाइट पर इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारियों को पब्लिश कर दिया है. दो लिस्ट जारी किए गए थे लेकिन इससे स्पष्ट रूप से पता नहीं चला कि किसने किस पार्टी को चंदा दिया है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने SBI को आदेश दिया है कि इलेक्टोरल बॉन्ड पर लिखा यूनिक नंबर भी जारी करे.

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