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कहानी उस मजदूर की जो बना लॉटरी किंग, उसकी कंपनी ने इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने में रिकॉर्ड बना दिया

Future Gaming की 409.92 करोड़ की संपत्ति को 2 अप्रैल 2022 को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अटैच किया था. पांच दिन बाद ही 7 अप्रैल 2022 को Santiago Martin की कंपनी ने 100 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे.

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सैंटियागो मार्टिन म्यांमार के यांगून में एक मजदूर था. (तस्वीर साभार: मार्टिन फाउंडेशन)
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रवि सुमन
15 मार्च 2024 (अपडेटेड: 15 मार्च 2024, 07:27 PM IST)
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इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) से जुड़ी जानकारियों को चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट पर पब्लिश कर दिया गया. जैसे ही ये लिस्ट पब्लिक हुई, कई नामों की चर्चा शुरू हो गई. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है- फ्यूचर गेमिंग कंपनी (Future Gaming). इस कंपनी ने 2019 से 2024 के बीच सबसे ज्यादा 1368 करोड़ के बॉन्ड्स खरीदे हैं. अब सवाल है कि इस कंपनी को चलाता कौन है? जवाब में एक नाम सामने आया- सैंटियागो मार्टिन (Santiago Martin).

फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज (Future Gaming and Hotel Services) को सैंटियागो मार्टिन नाम का एक शख्स चलाता है. मार्टिन को 'लॉटरी किंग' के नाम से जाना जाता है. इस शख्स का नाम फ्यूचर गेमिंग कंपनी से कैसे जुड़ा? दरअसल, मई 2023 में मार्टिन की 457 करोड़ की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अटैच किया था. मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा था. ये मामला CBI के एक आरोप पत्र से उजागर हुआ था. इस आरोप पत्र के मुताबिक, सैंटियागो मार्टिन फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाता है. आरोप पत्र में लिखा था कि वर्तमान में इस कंपनी का नाम है- फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और पहले इस कंपनी का नाम था- मार्टिन लॉटरी एजेंसीज लिमिटेड. यहां इतना तो पता चल गया कि ये कंपनी सैंटियागो मार्टिन ही चलाता है.

मार्टिन फाउंडेशन की वेबसाइट पर भी ये जानकारी उपलब्ध है कि फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सैंटियागो मार्टिन ही चलाता है.

ये भी पढ़ें: हजारों करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड देने वालीं टॉप-10 कंपनियां, एक क्लिक में सब जानिए

अब लगे हाथ मार्टिन के इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले को भी जान लेते हैं. आखिर भारत के राजनीतिक दलों को बॉन्ड्स के जरिए सबसे ज्याद चंदा देने वाली कंपनी के मालिक पर हेरफेर का कैसा आरोप है?

ED के अनुसार, 'लॉटरी किंग' पर लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998 के उल्लंघन का आरोप था. आरोप लगा कि मार्टिन ने सिक्किम सरकार को धोखा देकर गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने के लिए आपराधिक साजिश रची. साजिश रची गई केरल में, ऐसे आरोप लगे. इसके बाद कोयंबटूर और चेन्नई में उसके परिवार के सदस्यों और कंपनी के ठिकानों पर छापा मारा गया. ED ने 22 जुलाई 2019 को अपने एक बयान में कहा,

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इस केस की जांच शुरू हुई 2019 में. जुलाई 2019 में कंपनी के 250 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया गया. 2 अप्रैल 2022 को भी की संपत्ति को इस केस से अटैच किया गया. फिर 15 मई 2023 को ED ने कंपनी मार्टिन की 457 करोड़ की अचल संपत्ति को फ्रिज कर दिया गया. 409.92 करोड़

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तारीखों पर गौर करिए- 2 अप्रैल 2022 को 409.92 करोड़ की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के केस से अटैच किया गया. पांच दिन बाद 7 अप्रैल 2022 को कंपनी ने 100 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे. 

2 अप्रैल 2022409.92 करोड़ की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के केस से अटैच किया गया
7 अप्रैल 20227 अप्रैल 2022 को कंपनी ने 100 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे.
एक दिन में 100 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड

इसके अलावा, 2019 में केस की जांच शुरू हुई. आरोप पहले से लग रहे थे. कंपनी ने 2019 से 2024 के बीच 1368 करोड़ के बॉन्ड्स खरीदे.

कब-कब छापा पड़ा?

2008 में मार्टिन तब सुर्खियों में आया जब उसपर सिक्किम सरकार से 4500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगा. इसके बाद 2011 और 2013 में भी उसके ठिकानों पर छापा मारा गया.

जुलाई 2019 में ED ने PMLA के तहत कोयंबटूर में सैंटियागो मार्टिन और उसके सहयोगियों के 61 फ्लैट, 82 ओपेन प्लॉट और 6 प्लॉट को अटैच किया था. जिसकी कीमत 119.6 करोड़ थी.

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दिसंबर 2021 में ED ने सैंटियागो मार्टिन के 19.59 करोड़ की अचल संपत्ति को अटैच किया था. 

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Myanmar का मजदूर बन गया lottery king

मार्टिन फाउंडेशन के अनुसार, सैंटियागो मार्टिन म्यांमार के यांगून में एक मजदूर था. 1988 में वो भारत लौटा और तमिलनाडु में अपना लॉटरी का बिजनेस शुरू किया. बाद में उसने इसका विस्तार केरल और कर्नाटक में किया. पूर्वोतर में मार्टिन ने लॉटरी के सरकारी प्रोजेक्ट्स को संभाला. इसके बाद उसने भूटान और नेपाल में भी संस्थाएं शुरू की और अपना बिजनेस विदेशों तक फैलाया. फाउंडेशन की वेबसाइट के मुताबिक, उसने मैन्यूफैक्चर, रियल एस्टेट, कपड़ा और हॉस्पिटैलिटी सहित कई अन्य व्यवसायों में हाथ आजमाया.

वेबसाइट का दावा है कि वो ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड अलाइड इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष है. ये एक ऐसा संगठन है जो लॉटरी बिजनेस के विस्तार और उसकी विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए काम करता है. फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और स्पोर्ट्स सट्टेबाजी के क्षेत्र में काम करता है.

मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स के अनुसार, इस कंपनी की शुरूआत हुई 30 दिसंबर 1991 को. रजिस्टर्ड ऑफिस है- कोयंबटूर, तमिलनाडु. कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड नहीं है. कंपनी की ऑथराइज्ड कैपिटल है- 50 करोड़ और पेड अप कैपिटल है- 10 करोड़ 7 लाख 14 हजार रुपए (31 मार्च 2023 तक के बैलेंस सीट के अनुसार). 

मार्टिन का बिजनेस लॉटरी तक सीमित नहीं रहा. उसका बिजनेस कोयंबटूर के पास मार्टिन होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से लेकर एक TV चैनल जिसका नाम SS Music तक फैला है. इसके अलावा एम एंड सी प्रॉपर्टी डेवलमेंट, मार्टिन नन्थावनम अपार्टमेंट और लीमा रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड भी मार्टिन ही चलाता है.

Ex CM की फिल्म प्रोड्यूस की

DMK पार्टी से 2011 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थे- एम करुणानिधि. उन्होंने एक फिल्म लिखी- इलाइगनन. ये उनका 75वां स्क्रिनप्ले था जो मैक्सिम गोर्की की द मदर पर आधारित था. इस फिल्म के प्रोड्यूस थे- सैंटियागो मार्टिन. मार्टिन ने फिल्म में 20 करोड़ रुपए लगाए. 

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मार्टिन ने इलाइगनन फिल्म को प्रोड्यूस किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में जब AIADMK की सरकार बनी तो मार्टिन के लिए बुरा वक्त आया. मार्टिन को भूमि कब्जा करने के आरोप और गुंडा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया. उसके साथ DMK के सैकड़ों नेताओं और समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने माफिया नेताओं पर कार्रवाई शुरू की थी. बाद में मार्टिन को मद्रास हाई कोर्ट से जमानत मिल गई.

मार्टिन आठ महीने से अधिक समय तक जेल में रहा. इस दौरान उसे लॉटरी के कई मामलों में CBI की चार्जशीट का सामना करना पड़ा. उनकी पत्नी लीमा रोज ने मई 2012 में एक पुलिस शिकायत दर्ज कराई. जिसमें DMK प्रमुख एम. करुणानिधि फैमिली के एक करीबी सहित दो लॉटरी एजेंटों पर मार्टिन को फर्जी लॉटरी मामले में फंसाने का आरोप लगा था. इसके बाद उन्होंने इंडिया जननायगा काची (IJK) में शामिल हो गईं. IJK जॉइंन करने से पहले एक चुनाव अभियान के दौरान उन्हें नरेंद्र मोदी के साथ भी देखा गया था. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी उन दिनों गुजरात के सीएम थे और प्रधानमंत्री पद के लिए NDA का चेहरा भी. 

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