जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है. जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होगा. वहीं हरियाणा में विधानसभा चुनाव 1 अक्टूबर को होगा. दोनों ही राज्यों में वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी.
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनावों की घोषणा, वोटिंग और काउंटिंग की तारीखें जानें
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने 16 अगस्त को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान किया.


इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने 16 अगस्त को undefined कर दोनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की पूरी जानकारी दी. बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य में ये पहला विधानसभा चुनाव होगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. इनमें 74 सीटें जनरल, 9 सीटें ST और 7 सीटें SC आरक्षित हैं. जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. आखिरी बार यहां साल 2014 में चुनाव हुए थे.
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हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर को खत्म हो रहा है. यहां 90 विधानसभा सीटें हैं. इनमें 73 सीटें जनरल और 17 सीटें SC आरक्षित हैं. हरियाणा में पिछले विधानसभा चुनाव में BJP ने दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि, इसी साल मार्च में BJP और JJP का गठबंधन टूट गया था.
वायनाड में कब होगा उपचुनाव?मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने पेंडिंग उपचुनाव से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया. उन्होंने बताया कि कुल 47 उपचुनाव होने हैं. इसमें 46 विधानसभा सीटें और एक लोकसभा सीट वायनाड है. बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केरल के वायनाड और यूपी की रायबरेली दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी. उन्हें दोनों में से कोई एक सीट चुननी थी.
राहुल गांधी ने वायनाड की अपनी सीट छोड़कर रायबरेली सीट पर बने रहने का फैसला किया. ऐसे में वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है. हाल ही में वायनाड में भीषण लैंडस्लाइड हुई है. CEC राजीव कुमार ने कहा कि वायनाड में प्राकृतिक आपदा आई है. वहां फिलहाल तुरंत चुनाव नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में भी जैसे असम, बिहार में कहीं-कहीं बाढ़ की स्थिति है. मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होते ही सारे उपचुनाव एकसाथ कराए जाएंगे. राजीव कुमार ने कहा है कि सभी उपचुनाव 6 महीने के अंदर करा लिए जाएंगे.
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