मध्य प्रदेश के मुरैना के एक इलाके में लोगों के घरों के बाहर कुछ पोस्टर्स देखने को मिल रहे हैं. इन पोस्टर्स ने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. दरअसल इस तरह की फोटो वायरल हो रही हैं जहां बताया जा रहा है कि रामनगर मुहल्ले में लोगों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं
'डोरबेल खराब है, कृपया दरवाजा खुलवाने के लिए मोदी-मोदी चिल्लाएं' कुछ घरों के बाहर ए-4 साइज के पेपर चिपकाए गए हैं. वहीं कुछ घरों की दीवारों पर लोगों ने लिखवा रखा है कि ...मोदी-मोदी चिल्लाएं.
मामला है क्या,
मध्य प्रदेश में अखबार नई दुनिया के मुताबिक रामनगर मुहल्ले के लगभग 50 से ज्यादा घरों में इस तरह के पोस्टर लगे हैं. रामनगर निवासी गिरिराज सिंह ने बताया कि उनके घर की डोरबेल खराब हो गई थी. उनके दिमाग में आया कि कुछ अलग किया जाए. इसलिए उन्होंने डोरबोल के नीचे कागज पर लिखवाया कि डोरबेल खराब है. घंटी न बजाएं, मोदी-मोदी चिल्लाएं. मोहल्ले के अन्य लोगों का कहना है कि गिरिराज के देखा देखी सबने अपने घरों के सामने डोरबेल खराब होने और दरवाजा खुलवाने के लिए मोदी-मोदी चिल्लाने वाले पोस्टर लगवा दिए. घरों के बाहर दीवार पर इस तरह के पोस्टर लगाने वालों का कहना है कि उन्होंने किसी के दबाव में आकर इस तरह के पोस्टर नहीं लगाए हैं. रितिका गर्ग ने ट्विटर पर लिखा, हमारी डोरबेल बिल्कुल ठीक है. फिर भी चिल्लाइए मोदी-मोदी. आपका दिल से स्वागत होगा.

कुछ लोगों ने इसे पीएम मोदी और बीजेपी के प्रचार का नया तरीका बताया है. चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की बात कही है. हालांकि अपने घर की दीवारों पर इस तरह के पोस्टर लगाने वालों का कहना है कि उन्होंने खुद से इस तरह का फैसला लिया है. उनके ऊपर किसी राजनीतिक पार्टी का किसी अन्य का दबाव नहीं था. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव प्रचार के लिए कोई भी चला आता है. दरवाजे पर ही इस तरह को पोस्टर देखकर समझ जाएगा कि उसे घर के अंदर जाना है कि नहीं. लोगों ने इसे प्रचार का अनोख तरीका बताया है.
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