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मैं छोड़ दूंगा, फिर लड़ना अकेले... ट्रंप ने नेतन्याहू के आगे लाल लकीर खींच दी

Trump on Netanyahu: इजरायल लगातार ईरान और लेबनान पर हमले कर रहा है, जिससे अमेरिका और ईरान की पीस डील पटरी से उतर जा रही है. ऐसे में ट्रंप ने इजरायल के सामने आखिरी ऑप्शन रखा है.

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ट्रंप ने नेतन्याहू का साथ छोड़ने की धमकी दी. (फोटो-ITG)

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मेहनत पर इजरायल बार-बार पानी फेर दे रहा है. ट्रंप ने अब साफ कह दिया है कि अबकी बार अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका इजरायल का दामन छोड़ देगा. ट्रंप का ये बयान इजरायल के मिलिट्री ऑपरेशन के बाद आया है. इजरायल लगातार ईरान और लेबनान पर हमले कर रहा है, जिससे अमेरिका और ईरान की पीस डील पटरी से उतर जा रही है. ऐसे में ट्रंप ने इजरायल के सामने आखिरी ऑप्शन रखा है. 

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प्रेसिडेंट ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सिओस को बताया कि इजरायली हमले की वजह से बनती हुई बात भी बिगड़ जा रही है. उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा, 'बीबी, या तो तुम सतर्क हो जाओ या फिर हम तुम्हारा साथ छोड़ देंगे.' 

रविवार, 7 जून को लेबनान की राजधानी बेरुत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायल ने हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर हमला कर दिया. अब ट्रंप को यही डर सता रहा है कि ‘जैसे को तैसा’ के चक्कर में कहीं फिर जंग शुरू न हो जाए. 

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मिडिल ईस्ट में क्या चल रहा? 

महीनों से ईरान-अमेरिका पीस डील अटकी हुई है. पहले दोनों ही देश अपनी-अपनी शर्तों से टस से मस नहीं हो रहे थे. मगर अब जाकर एक एग्रीमेंट पर बात बनी है. उम्मीद है कि कुछ बदलाव के बाद जल्द ही दोनों देशों के बीच पीस डील साइन हो जाएगी. लेकिन ऐसे में इजरायली एक्शन इस डील का रोड़ा बना हुआ है. ईरान ने साफ किया है कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल होगा. इसी वजह से ट्रंप को डर है कि कहीं ईरान डील साइन करने से पीछे न हट जाए.

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को कॉल कर ईरान के मिसाइलों का जवाब देने से मना किया था. लेकिन इसके बावजूद इजरायल नहीं माना. अब ट्रंप ने एक बार फिर नेतन्याहू को हमले से पीछे हटने को कहा है. इजरायली अधिकारियों ने बताया कि नेतन्याहू ने फिलहाल हमले रोक दिए हैं. ट्रंप ने ये भी दावा किया कि मिडिल ईस्ट में बाकी देश भी अमन चाहते हैं और ईरान ने संदेश भिजवाया है कि वो हमला नहीं करेगा अगर इजरायल रुक जाए. 

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इजरायल क्या चाहता है? 

हमले के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, 

‘इजरायल ने एक साल पहले भांप लिया था कि ईरान से खतरा है, इसलिए हमने हमला किया था. और आज एक साल बाद आलम ये है कि हमने इस खतरे को टाल दिया है. तानाशाह अली ख़ामेनेई को भी रास्ते से हटा दिया है. अच्छा है कि हमने समय रहते कार्रवाई की. ईरान को न्यूक्लियर संपन्न देश नहीं बनने देना है. इसी आत्मविश्वास के साथ हिज्बुल्लाह से खतरे को भी टाला गया है.’

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बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान और हिज्बुल्लाह अब काफी कमज़ोर हो चुके हैं. और इजरायल मज़बूत. हालांकि उन्होंने बताया कि जंग अभी ख़त्म नहीं हुई है. अभी हमले रोके गए हैं क्योंकि ईरान की तरफ से हमले पर रोक है. नेतन्याहू ने बताया कि अगर फिर से हमला हुआ तो इजरायल अपने सेल्फ-डिफेन्स में हमले का जवाब देगा. उन्होंने साफ किया कि यही बात उन्होंने प्रेसिडेंट ट्रंप से भी कही है.      

वीडियो: दुनियादारी: ईरान से नहीं इजरायल से 'हार' गए ट्रंप?

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