The Lallantop

'...तो हम फिर आंदोलन करेंगे', कॉकरोच पार्टी ने सरकार को क्यों चेताया?

सीजेपी ने आरोप लगाया है कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने के अपने वादे से पीछे हट रही है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि 28 जुलाई तक लिखित आश्वासन नहीं मिला तो वह दोबारा आंदोलन शुरू करेगी.

Advertisement
post-main-image
सीजेपी ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है. (फोटो- India Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 28 जुलाई तक लिखित समझौता न मिलने पर विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने की चेतावनी दी है, क्योंकि सरकार ने पहले किये गए वादे पूरे नहीं किए हैं।
  • सीजेपी ने 25 जुलाई को विरोध प्रदर्शन वापस लिया था जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और नए केस न दर्ज करने का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा नहीं किया गया।
  • वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए वकीलों का एक पैनल बनाने और सहायता के लिए एक वेबसाइट शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें उन्होंने खुद 1 करोड़ रुपए दान करने का ऐलान किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन के मैदान में उतरने की चेतावनी दी है. 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पार्टी ने एक महीने लंबा चला अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया था. इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और सीजेपी के नेताओं के बीच ये भी सहमति बनी थी कि प्रोटेस्ट के दौरान जिन लोगों पर मुकदमे हुए हैं वो वापस लिए जाएंगे. विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोगों पर कोई नया केस भी दर्ज नहीं किया जाएगा. सीजेपी का दावा है कि सरकार इस बात पर सहमत हो गई थी, लेकिन अब अपना वादा पूरा नहीं कर रही है. दो दिन बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई सरकारी कागज जारी नहीं किया गया.

Advertisement

सोमवार, 27 जुलाई को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें रांका ने कहा कि 25 जुलाई को जब जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी. उन्होंने आगे कहा,

हम इस बात पर सहमत हुए थे कि मंगलवार, 28 जुलाई तक हमें इसका एक आधिकारिक (लिखित) समझौता-पत्र मिल जाएगा. हम उस चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि अगर केंद्र सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सरकार की तरफ से कुछ कह रहे हैं, तो वे अपना वादा कायम रखेंगे. अगर हमें मंगलवार, 28 जुलाई तक लिखित समझौता नहीं मिलता है तो हम एक बार फिर से आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे.

Advertisement

सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई को सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया था, क्योंकि सरकार हमारी मांगों पर सहमत हो गई थी. हम प्रदर्शन वापस लेने से पहले और बाद में भी वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से सलाह-मशविरा करते रहे हैं. उन्होंने कहा, 

हमें यह आशंका थी कि जैसे ही आंदोलन वाला माहौल धीमा पड़ेगा, सरकार निजी तौर पर छात्रों को निशाना बनाना शुरू कर देगी. यह हमेशा से सरकार का तरीका रहा है. जिन भी छात्रों पर कार्रवाई हो रही है, हम उन सभी की मदद कर रहे हैं.

पार्टी से जुड़ीं रत्ना सिंह ने बताया कि कई जगहों से प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर की रिपोर्ट्स सामने आई हैं. असम से कई रिपोर्ट आई हैं, जहां 7-8 एफआईआर दर्ज की गई हैं. कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ऐसी ही कई रिपोर्ट बिहार से आ रही हैं, जहां पुलिस की बर्बरता देखी गई है. एके-47 का इस्तेमाल किया गया और 'हत्या के प्रयास' (Attempt to Murder) की धारा के तहत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई. इसमें अब तक 86 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

Advertisement

यह भी पढ़ेंः 'गंगा नदी पर चिकन पार्टी कोई अपराध नहीं', SC के जस्टिस भुइयां ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा किया

सीजेपी का साक्षी प्लेटफॉर्म

सौरव दास ने बताया कि सीजेपी इसके लिए हर जिले में वकीलों का पैनल बनाने की कोशिश कर रही है, जो कानूनी पचड़े में फंसे छात्रों की मदद करेगी. उन्होंने कहा,

CJP की ओर से हमने 'साक्षी' (Saakshi) नाम से एक प्लेटफॉर्म शुरू किया है. जिन लोगों के पास (पुलिस कार्रवाई या बर्बरता के) वीडियो और तस्वीरें हैं, वे उन्हें इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकते हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस दौरान एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरकारें चाहती हैं कि देश में कोई विरोध या असहमति की आवाज न उठे. जेपी नड्डा ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन अब सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, ‘हमें इन प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए एक सिस्टम बनाना होगा. हम एक वेबसाइट बनाएंगे, जहां वकील मदद के लिए आगे आ सकेंगे. इसके लिए मैं 1 करोड़ रुपये का योगदान दूंगा.’

उन्होंने वकीलों से अपील भी की कि वे इन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े हों.

वीडियो: CJP प्रदर्शन में RAF की कार्रवाई की होगी जांच, CRPF को सौंपी गई जिम्मेदारी

Advertisement