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अमेरिका ने ईरान पर हमले रोकने का ऐलान किया, ट्रंप का 'हृदय परिवर्तन' कैसे हो गया?

डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ये भी इशारा किया है कि ईरान के साथ ये ‘अच्छी’ बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा वो इस हो रही बातचीत की सफलता पर डिपेंड करता है.

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ट्रंप के युद्ध टालने के ऐलान पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है. (फोटो- India Today)

Donald Trump on Iran: ईरान के पावर प्लांट पर हमले की धमकी देने वाले डॉनल्ड ट्रंप का दो ही दिन में ‘हृदय-परिवर्तन’ हो गया! सोमवार, 23 मार्च को अपने ट्रूथ सोशल पर उन्होंने इस हमले को टालने का ऐलान किया है. डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने को लेकर बात हो रही है. और सिर्फ बात नहीं हो रही है बल्कि ‘बहुत अच्छी’ बात हो रही है. 

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यही वजह है कि उन्होंने अपने डिफेंस विभाग को आदेश दिया है कि वो ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी स्ट्रक्चर्स पर हमले को 5 दिन के लिए टाल दे. सबसे मजेदार बात ये है कि ट्रंप के ऐलान के बाद ईरान ने इस बात से ही साफ इनकार कर दिया है कि उसकी अमेरिका से कोई बातचीत भी चल रही है. 

ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि वह होर्मुज खोल दे वर्ना उसके पावर प्लांट पर हमला होगा. अल जजीरा के ओसामा बिन जावेद की रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद से ही व्हाइट हाउस में फोन घनघनाने लगे थे. दुनिया के कई देशों के अलग-अलग स्तर के अधिकारियों ने व्हाइट हाउस या फिर दूतावासों के जरिए ट्रंप के लिए संदेश भेजे. इसमें कहा गया कि तनाव बढ़ाने का यह तरीका न तो ईरान के लिए अच्छा है और न इजरायल के लिए ही बेहतर है. इसमें कई बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. एक तो ट्रंप की पावर प्लांट पर हमले की धमकी और उस पर ईरान के ‘जैसे को तैसा’ वाली जवाबी कार्रवाई, दोनों ही देशों के लिए ये ठीक बात नहीं है. 

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ईद की छुट्टी होने के बावजूद अधिकारियों की ऐसी जोरदार कोशिश से इस मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency) के प्रमुख फातिह बिरोल (Fatih Birol) ने भी चेतावनी दी थी कि ये जंग पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ‘बहुत बड़ा खतरा’ बन गई है. अगर इसे रोका नहीं गया तो दुनिया का कोई देश इसके असर से बच नहीं पाएगा. तेल और गैस का संकट ऐसा होगा कि यह 1970 के दशक के ऑयल क्राइसिस को भी पीछे छोड़ देगा.

इसके बाद ही डॉनल्ड ट्रंप का युद्ध से ‘ब्रेक लेने’ वाला बयान आया. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके उन्होंने कहा, 

“मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दिनों अमेरिका और ईरान में काफी अच्छी और पॉजिटिव बात हुई. इसका मकसद मिडिल ईस्ट में मिलिट्री टेंशन को पूरी खत्म करना है. बातचीत के माहौल को देखते हुए मैंने रक्षा विभाग को आदेश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी स्ट्रक्चर्स पर होने वाले सारे हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया जाए.”

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ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ये भी इशारा किया है कि ईरान के साथ ये ‘अच्छी’ बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा वो इस हो रही बातचीत की सफलता पर डिपेंड करता है.

ईरान का रिएक्शन

इसी बीच ईरान ने ट्रंप के इस ‘झूठ’ की पोल खोल दी है. ट्रंप ‘ईरान से पिछले कुछ दिनों से बातचीत’ का दावा कर रहे हैं. उधर एपी के हवाले से मीडिया में ये रिपोर्ट चल रही है कि ईरान ने अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार किया है. इस रिपोर्ट में ईरान के सरकारी मीडिया का हवाला देकर बताया गया है कि तेहरान ने अमेरिका से जंग को लेकर किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की है. उसने पहले ही साफ किया है कि अमेरिका से अब कोई बातचीत नहीं होगी.  

NBC न्यूज ने ईरान के सरकारी टीवी IRIB के ग्राफिक के बारे में बताया, जिसमें ट्रंप के हमला टालने पर लिखा गया था, "ईरान की सख्त जवाबी कार्रवाई से ट्रंप डर गए. वह ईरान के पावर प्लांट पर हमले के 48 घंटे वाले अल्टिमेटम से पीछे हट गए हैं."

ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने भी एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि डॉनल्ड ट्रंप को जब एहसास हो गया कि ईरान पश्चिम एशिया में मौजूद पावर प्लांट को निशाना बनाएगा तो इससे डरकर उन्होंने अपनी धमकियों से कदम पीछे खींच लिए.

बता दें कि ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि अगर वो होर्मुज स्ट्रेट को खोलता नहीं है तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट पर हमले करेगी. इसके जवाब में ईरान ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो वह पश्चिम एशिया के सभी पावर प्लांट को निशाना बनाएगा. ईरान ने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी दुनिया के लिए खुला है. सिर्फ ईरान के दुश्मनों के लिए इसे बंद किया गया है.  

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