ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविक वाले तीन जहाजों को अमेरिका ने निशाना बनाया. सेट्टेबेलो नाम के एक जहाज पर उनके हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. भारत ने अमेरिका के सामने आपत्ति जताई. उम्मीद थी जवाब आएगा. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तो अलग शिगूफा छेड़ दिया है. उन्होंने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर असफल ड्रोन अटैक करने का आरोप लगाया है.
भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर डॉनल्ड ट्रंप का बयान आया, ईरान का नाम लेकर हवाबाजी कर दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन अटैक की कोशिश की. लेकिन उनका ये प्रयास पूरी तरह से फेल रहा. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन जहाजों का नाम नहीं बताया है.


डॉनल्ड ट्रंप ने जहाजों का नाम नहीं बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हर बार की तरह इस बार भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए ये जानकारी दी है. उन्होंने लिखा,
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर जा रहे भारतीय जहाजों पर कल रात (11 जून) ईरान ने ड्रोन अटैक किया. ये अटैक पूरी तरह से फेल रहा. लेकिन ऐसे हमलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय जहाज पर ईरानी हमले की बात तो बताई. लेकिन ये नहीं बताया कि हमला हुआ किन जहाजों पर. भारत या ईरान की तरफ से भी खबर लिखे जाने तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
अमेरिका ने भारतीय नाविक वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया
राष्ट्रपति ट्रंप के दावे ऐसे समय में आए हैं, जब ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले तीन जहाज अमेरिकी नाकेबंदी में फंस गए. अमेरिका ने इन तीनों जहाजों पर मिसाइल अटैक किया है. सबसे पहले 9 जून को MT मैरिवेक्स पर हमला हुआ था, जिसके बाद 24 नाविकों को रेस्क्यू किया गया था. फिर 10 जून को अमेरिकी सेना ने MT सेट्टेबेलो नाम के जहाज को निशाना बनाया. इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर थे. इनमें 21 को तो बचा लिया गया, लेकिन तीन लोगों का पता नहीं चल पाया. बाद में उनकी मौत की पुष्टि की गई.
इसके बाद अमेरिकी सेना ने भारतीय नाविकों वाले जहाज MT जलवीर पर मिसाइल अटैक किया. इस जहाज पर अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ का झंडा लगा था. इस हमले में किसी भी भारतीय नाविक को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है.
अमेरिका ने की ईरान की नाकेबंदी की है
अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के समुद्री रास्तों की नाकेबंदी शुरू की. सेंटकॉम ने बताया कि इसके बाद से उसने उनके आदेश नहीं मानने वाले 9 जहाजों को डिएक्टिवेट किया है. वहीं 135 जहाजों को रूट बदलने पर मजबूर किया है, जबकि मानवीय सहायता ले जा रहे 42 जहाजों को इस रूट से जाने की इजाजत दी है.
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