ईरान पर ‘जोरदार’ हमला करने की धमकी देने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपना रुख बदल लिया. 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में उन्होंने ऐलान किया कि तेहरान के साथ बातचीत अंतिम दौर से गुजर रही है, इसलिए बमबारी रद्द की जाती है. ट्रंप यह भरोसा भी जता रहे हैं कि ईरान के साथ समझौता हो सकता है. वाइट हाउस में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है और अब बस इस पर हस्ताक्षर होना बाकी है.
ईरान डील पर राजी हुआ, साइन यूरोप में होंगे... ट्रंप ने ये कहते हुए जंग रोक दी
US-Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ एक बड़ा समझौता कर लिया है और अब बस इस पर हस्ताक्षर होना बाकी है.


अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 11 जून को 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में लिखा,
"अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा. भविष्य में किसी समय हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लेंगे और उनके तेल और गैस बाजारों पर पूरा नियंत्रण ले लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेजुएला के मामले में किया है."

पोस्ट करने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने अपना रुख बदल दिया. एक दूसरी ट्रुथ सोशल पोस्ट में उन्होंने बताया,
"बातचीत ईरान के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है और उसे मंजूरी मिल गई है. इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर आज शाम (11 जून) ईरान के खिलाफ तय हमले और बमबारी रद्द कर दी है."

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि बातचीत करने वाले लोग डील के फ्रेमवर्क पर मोटे तौर पर सहमत हो गए. ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक कोई समझौता औपचारिक रूप से पूरा नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका के नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी.
इसके बाद वाइट हाउस में बोलते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ एक शानदार समझौता कर लिया है. उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत आगे बढ़ी है और ईरान के टॉप लीडरशिप से इसे मंजूरी भी मिल गई है. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि समझौते पर साइन होने से पहले सिर्फ फाइनल पेपरवर्क बाकी है और यह काम अगले कुछ दिनों में पूरा हो जाना चाहिए.
इस वीकेंड हो सकती है US-ईरान डील
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि यूरोप में इस वीकेंड ही डील पर साइन करने का औपचारिक कार्यक्रम हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह खुद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे. उन्होंने कहा,
“जैसे ही हम इस पर साइन करेंगे, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल जाएगा.”
ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते का एक मुख्य हिस्सा ईरान का न्यूक्लियर हथियार न बनाने का वादा है. उन्होंने कहा,
"हमारे पास एक समझौता है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे. इसे हासिल करने के लिए हमने जो कुछ भी किया, उसका यही मकसद था. इसलिए, यह बहुत बड़ी बात है."
जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश छोड़ने का औपचारिक वादा किया है, तो ट्रंप ने जवाब दिया,
"उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे. वे इसके लिए सहमत हो गए हैं."
‘खामेनेई ने डील को मंजूरी दे दी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित समझौते को ईरान के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन मिल गया है. यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इस डील के लिए सहमत हो गए हैं, ट्रंप ने कहा, "मैं समझता हूं कि इसका जवाब हां है."
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने खाड़ी देशों और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत पूरे इलाके के नेताओं से बात की है. उन्होंने दावा किया कि पूरा मिडिल ईस्ट बहुत खुश है.
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