अमेरिका ने भारतीय क्रू (चालक दल) वाले जहाज MT जलवीर पर मिसाइल मारने की बात मान ली है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसने ही अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले MT जलवीर पर अटैक किया है. अमेरिका ने लगातार तीसरे दिन ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले जहाज को निशाना बनाया है.
'हमने ही हमला किया', अमेरिका ने भारतीय क्रू वाले जहाजों पर अटैक की बात मानी
अमेरिका ने भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों पर हमले की बात स्वीकार ली है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ये जहाज उनके निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके चलते उन पर अटैक किया गया. सबसे ताजा हमला MT जलवीर पर हुआ है. ये जहाज ओमान की खाड़ी के रास्ते जा रहा था. तभी अमेरिकी सेना ने इस पर हेलफायर मिसाइल दाग दिया.


जहाज पर हेलफायर मिसाइल दागा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि MT जलवीर ईरान से तेल लेकर ओमान की खाड़ी के रास्ते आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान अमेरिकी सेना के एक विमान ने उसको रुकने का निर्देश दिया. लेकिन कथित तौर पर जहाज का क्रू उनकी बात नहीं मान रहा था, इसलिए सेना ने जहाज के इंजिन रूम को टारगेट करते हुए दो हेलफायर मिसाइल दाग दिए.
भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों पर अटैक किया
सेंटकॉम ने बताया कि इससे पहले भी उसने भारतीय क्रू वाले दो जहाजों को निशाना बनाया है. इनके नाम हैं MT मैरिवेक्स और MT सेट्टेबेलो. सबसे पहले 9 जून को MT मैरिवेक्स पर हमला हुआ था, जिसके बाद 24 नाविकों को रेस्क्यू किया गया था. फिर 10 जून को अमेरिकी सेना ने MT सेट्टेबेलो नाम के जहाज को निशाना बनाया. इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर थे. इनमें 21 को तो बचा लिया गया, लेकिन तीन लोगों का पता नहीं चल पाया. बाद में उनकी मौत की पुष्टि की गई.

भारत ने जताया कड़ा विरोध
सेट्टेबेलो पर हमले के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने सेट्टेबेलो नाम के जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया. उन्होंने इस हमले पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं.
अमेरिका ने की ईरान की नाकेबंदी की है
अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के समुद्री रास्तों की नाकेबंदी शुरू की. सेंटकॉम ने बताया कि इसके बाद से उसने उनके आदेश नहीं मानने वाले 9 जहाजों को डिएक्टिवेट किया है. वहीं 135 जहाजों को रूट बदलने पर मजबूर किया है, जबकि मानवीय सहायता ले जा रहे 42 जहाजों को इस रूट से जाने की इजाजत दी है.
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