डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वधावन.
सीबीआई ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DHFL) के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन को गिरफ्तार कर लिया है. इन्हें 26 अप्रैल को सतारा से अरेस्ट किया गया. सीबीआई ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. सीबीआई ने बयान जारी कर कहा,
सीबीआई ने कपिल वधावन और धीरज वधावन को महाबलेश्वर से गिरफ्तार कर लिया है. इसके लिए सतारा जिला प्रशासन ने पूरी मदद की. दोनों आरोपियों को मुंबई में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा.
इससे पहले महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी दोनों के सीबीआई की कस्टडी में जाने की जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट कर बताया,
सीबीआई की एक टीम ने कपिल और धीरज वधावन को कस्टडी में ले लिया है. सतारा पुलिस ने सभी जरूरी मदद की और मुंबई तक गार्डस के साथ एस्कॉर्ट व्हीकल भी भेजा. इसके लिए लिखित रिक्वेस्ट की गई थी. गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है. #कानून सबके लिए बराबर है.
सीबीआई कर रही थी तलाश इससे पहले 7 मार्च को सीबीआई ने यस बैंक से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था. इसमें कपिल और धीरज वधावन के साथ ही राणा कपूर को आरोपी बनाया गया. सीबीआई ने 9 मार्च को वधावन परिवार के घर पर छापा भी मारा था. लेकिन वहां कपिल और धीरज वधावन नहीं मिले. 17 मार्च को दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया.
लॉकडाउन तोड़कर चले गए थे महाबलेश्वर 9 अप्रैल को सतारा पुलिस ने कपिल और धीरज सहित 23 लोगों को लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में पकड़ा था. ये लोग अपनी पांच कारों में महाबलेश्वर चले गए थे. स्थानीय लोगों ने इस बारे में प्रशासन को जानकारी दी. पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया. वधावन परिवार एक सीनियर अधिकारी अमिताभ गुप्ता के लेटर के जरिए महाबलेश्वर गए थे. लोकल पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लेटर में किसी फैमिली इमरजेंसी का जिक्र हुआ है, लेकिन जब वधावन से पूछताछ की गई, तो इस तरह की कोई इमरजेंसी नज़र नहीं आई. इसके बाद सीबीआई ने सतारा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) को एक लेटर लिखा है. इसमें कहा गया कि कपिल और धीरज वधावन को CBI परमिशन के बिना कहीं जाने नहीं दिया जाए.
भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस