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खालिस्तानी अर्शदीप डाला के शार्प शूटर्स दिल्ली में अरेस्ट, इस बड़े मर्डर की प्लानिंग कर रहे थे!

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप उर्फ अर्श डाला के दो शूटर्स को गिरफ्तार किया है. जिनकी पहचान रजप्रीत सिंह उर्फ राजा और दूसरे की पहचान वीरेंद्र सिंह उर्फ विम्मी के रूप में हुई है.

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अर्शदीप डाला के दो साथी गिरफ्तार (फोटो: आज तक)

दिल्ली पुलिस (Delhi police) की स्पेशल सेल को 26 नवंबर की रात बड़ी कामयाबी मिली है. स्पेशल सेल ने खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप उर्फ अर्श डाला (Arshdeep Dalla) के दो शूटर्स को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान रजप्रीत सिंह उर्फ राजा और दूसरे की पहचान वीरेंद्र सिंह उर्फ विम्मी के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को एक मुठभेड़ के बाद मयूर विहार इलाके से गिरफ्तार किया. मुठभेड़ में दोनों आरोपियों को गोली भी लगी है.

इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आरोपी एक पंजाबी सिंगर पर हमला करने की प्लानिंग कर रहे थे. दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम रात के समय मयूर विहार फेस वन में चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान बाइक पर सवार दो लोग नोएडा की तरफ से आते हुए दिखे. जब पुलिस की टीम ने इन्हें रुकने का इशारा किया, तब वो भागने लगे. इस दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और बदमाशों के बीच एनकाउंटर हो गया. स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार शूटर्स का इरादा दिल्ली और पंजाब में कई VVIP लोगों को टारगेट करना था.

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कौन है अर्शदीप डाला?

अब बात डाला की. डाला 2020 में इंडिया छोड़कर भाग गया था. उसे शरण मिली हुई है कनाडा में. अर्शदीप डाला कनाडा में रहकर टारगेट किलिंग करवाता है, पैसे की उगाही करता है, खालिस्तानी आतंकियों के छोटे-मोटे ऑपरेशन में पैसे लगाता है. स्मगलिंग से भी पैसे मिलते हैं, और उगाही से पैसे निकालने हों तो निशाने पर होते हैं पंजाबी म्यूज़िक और मूवी इंडस्ट्री में काम करने वाले प्रोड्यूसर और डायरेक्टर. उन्हें धमकी देकर पैसे निकाले जाते हैं.

और साथ ही नाम आता है डाला के सबसे करीबी यार का, उसके सबसे भरोसेमंद गैंग मेंबर का. उसका नाम है हरदीप सिंह निज्जर. जी... वही निज्जर, जिसका कनाडा में मर्डर हुआ तो आनन-फानन में कनाडा ने भारत को दोषी ठहरा दिया. वही निज्जर को कनाडा की नजर में एक धर्मगुरु था, लेकिन भारत ने सबूत रखे हैं कि वो एक खालिस्तानी आतंकी है. 

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खबरें बताती हैं कि डाला और निज्जर लोकल प्रदर्शन और प्रोटेस्ट के अलावा हत्यारों की फौज खड़ी की. 700 से ज्यादा शूटर. कैसे भर्ती होते हैं ये शूटर? पंजाब में भर्ती किए जाते हैं, फिर कनाडा बुलवाकर हथियारों की ट्रेनिंग देकर पंजाब वापस भेज दिया जाता है. जब ये शूटर पंजाब वापस आते हैं तो उन्हें हत्या करने या धमकाने के लिए हथियार चाहिए होते हैं.  

उन्हें हथियार कैसे मिलते हैं? पाकिस्तान से. खबरों में पाकिस्तान में बैठे एक शख्स नवीन बाली का नाम सामने आता रहा है. डाला और निज्जर बाली से कांटेक्ट करते हैं. पैसे भिजवाए जाते हैं. और ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा के अंदर हथियार गिराए जाते हैं. इंडिया में हथियारों की रसीद और उनके डिस्ट्रीब्यूशन का काम देखता है बंबीहा गैंग. शूटरों तक हथियार पहुंचा दिए जाते हैं. कई खबरों में इस डाला के कनेक्शन लश्कर से जुड़े कुछ आपरेटिव के साथ बताए जाते हैं, हथियारों में ये लोग भी डाला की मदद करते हैं.

डाला के ये जो शूटर पंजाब में बैठकर काम करते हैं, उन्हे पैसों की भी जरूरत होती है. तो उन्हें स्थानीय रूप से पेमेंट नहीं किया जाता है, उन्हें पैसे सीधे कनाडा से मिलते हैं. इसमें MTSS यानी Money Transfer Service Scheme का सहारा लिया जाता है. MTSS क्या है?  विदेशों से भारत में पैसा भेजने की स्कीम. इसका इस्तेमाल रिश्तेदार अमूमन आपस में मनी ट्रांसफर के लिए करते हैं.

डाला की कारस्तानी इतनी ही नहीं है. पंजाब पुलिस ने कई मौकों पर डाला पर आरोप लगाए है कि वो अपने स्थानीय गुर्गों की मदद से पंजाब में बैठे कुछ धर्मगुरुओं की हत्या करवाना चाहता है, कई बार ऐसे अटैक प्लान किए गए, लेकिन हत्या की नहीं जा सकी. लेकिन डाला कई बार उगाही और रंगदारी के केसों में मर्डर करवाकर खुश हो चुका है.

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