आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के लिए पिछले साल का समय कठिनाइयों से भरा रहा. मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) जैसे शीर्ष नेता जेल में रहे. इस दौरान एक चेहरे ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया. उनको बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते देखा गया. उन्होंने हर मौकों पर पार्टी और अपने नेताओं का बचाव किया. या यूं कहें कि AAP के कठिन समय में उन्होंने पार्टी के प्रति गहरी वफादारी दिखाई. आज देश की राजनीति में सबसे अधिक उन्हीं की चर्चा है. 43 साल की इस नेता का नाम है- आतिशी (Atishi Marlena). पार्टी ने उनको विधायक दल का नेता चुना है. यानी अब वो दिल्ली की नई मुख्यमंत्री बन गई हैं.
छोटे से गांव से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री तक, कहानी केजरीवाल की 'संकटमोचक' आतिशी की
Atishi Marlena: आतिशी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दिल्ली शराब नीति के मामले में उन्होंने Arvind Kejriwal के लिए जमके प्रोटेस्ट किया. उन्होंने केजरीवाल का तब भी साथ दिया जब उन पर अपने PA से Swati Maliwal को पिटवाने का आरोप लगा. दिल्ली जल संकट के समय भी उन्होंने अपनी पार्टी का खुलके बचाव किया था.


सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद वो दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई हैं.
Arvind Kejriwal के लिए उठाई आवाजदिल्ली शराब नीति के मामले में उन्होंने अरविंद केजरीवाल के लिए जमकर प्रोटेस्ट किया. उन्होंने केजरीवाल का तब भी साथ दिया जब उन पर अपने PA से स्वाति मालीवाल को पिटवाने का आरोप लगा. दरअसल, AAP की महिला नेताओं में स्वाति मालीवाल का नाम शीर्ष पर था. पार्टी ने उनको राज्यसभा भेजा था. लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि जब वो केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर गई थीं तब उनके साथ ‘बदतमीजी’ की गई. उन्होंने कहा कि केजरीवाल के तत्कालीन PA विभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की.
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आतिशी ने इस मामले में BJP को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि स्वाति मालीवाल का एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में मामला चल रहा है. इसी का फायदा उठा कर भाजपा स्वाति के सहारे षडयंत्र रच रही है.
दिल्ली जल संकट के मुद्दे पर धरनाइसी साल जून महीने में दिल्ली जल संकट के मुद्दे पर उन्होंने भूख हड़ताल भी किया था. उन्होंने BJP शासित राज्य हरियाणा से दिल्ली के लिए पानी के उचित हिस्से की मांग की थी. उन्होंने पड़ोसी राज्य पर दिल्ली के प्रतिदिन 100 मिलियन गैलन से अधिक पानी की आपूर्ति को कम करने का आरोप लगाया था. उन्होंने इस प्रोटेस्ट को ‘सत्याग्रह’ कहकर संबोधित किया था.
केजरीवाल ने भी कई मौकों पर ये मैसेज दिया है कि आतिशी उनके और उनकी पार्टी के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रही है. इस बात का अंदाजा स्वतंत्रता दिवस की घटना से लगाया जा सकता है. दरअसल, हुआ यूं था कि CM केजरीवाल तिहाड़ जेल में थे. और दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस के प्रोग्राम में तिरंगा फहराना था. केजरीवाल ने दिल्ली के LG वीके सक्सेना को एक चिट्ठी लिखी और कहा कि उनकी जगह आतिशी को तिरंगा फहराने दिया जाए. हालांकि, LG ने उनकी जगह AAP नेता कैलाश गहलोत को तिरंगा फहराने की अनुमति दी.
Atishi के घर में रहते हैं Manish Sisodiaमनीष सिसोदिया जब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें सरकारी आवास अलॉट किया गया था (जाहिर है). बाद में उनके इस्तीफा देने के बाद जब आतिशी मंत्री बनाई गईं, तब आतिशी को वही सिसोदिया वाला आवास अलॉट किया गया. रिपोर्ट है कि सिसोदिया अब भी उसी घर में रहते हैं.
Who is Atishi?आतिशी दिल्ली कैबिनेट की एकमात्र महिला बनीं. इस दौरान, उनके पास सबसे ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी रही. उनके पोर्टफोलियों में फाइनेंस, जल, शिक्षा, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, पावर, रेवेन्यू, लॉ, प्लानिंग, सर्विसेज, इनफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी और विजिलेंस शामिल रहे. उनके पास कुल 14 मंत्रालय रहे. 9 मार्च 2023 को अरविंद केजरीवाल की सरकार में उनको पहली बार मंत्री बनाया गया था. अब वो दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं.
Aam Aadmi Party से कैसे जुड़ीं?आम आदमी पार्टी आतिशी को एक ‘प्रतिबद्ध कार्यकर्ता’ मानता है. उन्होंने 7 साल का समय मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में बिताया. वहां उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग और प्रोग्रेसिव एजुकेशन सिस्टम के क्षेत्र में काम किया. वहां उन्होंने कुछ नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन्स (NGO) के साथ काम किया. इसी दौरान पहली बार उनकी मुलाकात अरविंद केजरीवाल से जुड़े लोगों से हुई.
Atishi Political CareerAAP की स्थापना के साथ ही आतिशी पार्टी में शामिल हो गई थीं. 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वो पार्टी के मैनिफेस्टो बनाने वाली कमेटी की प्रमुख सदस्य थीं. आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर में उनका प्रमुख योगदान रहा. पार्टी की पॉलिसी तैयार करने में उनका अहम रोल रहा. इसके बाद वो पार्टी की प्रवक्ता बनाई गईं.
Kalkaji सीट से विधायकदिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में आतिशी कालकाजी सीट से जीत मिली. उन्होंने BJP के धर्मवीर को हराया. वो AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की भी सदस्य हैं. पार्टी ने उनको पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का इंचार्ज भी बनाया है.
AAP की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आतिशी ने अप्रैल 2018 तक तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के सलाहकार के रूप में काम किया था. पार्टी का कहना है कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
Atishi की पढ़ाई-लिखाईआतिशी के माता-पिता, तृप्ति वाही और विजय कुमार सिंह दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. उनकी स्कूलिंग दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल से हुई है. सेंट स्टीफेन कॉलेज से उन्होंने इतिहास की पढ़ाई की. इसके बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उन्होंने शेवनिंग स्कॉलरशिप पर मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की. कुछ साल बाद उन्होंने यहीं से रोड्स (एक तरह का स्कॉलरशिप) स्कॉलर के रूप में अपनी दूसरी मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की. जो एजुकेशनल रिसर्च के क्षेत्र में थी.
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