कहते हैं कि जब किसी चीज को आप दिल से चाहते हैं और कायनात उस चीज को पाने में हेल्प नहीं करती है तो आपके दिल में उसे पाने की आग जलती रहती है. क्या होगा जब आप उस आग को सच्ची की आग में बदल दें?दिल्ली के कापसहेड़ा का सुनील किशोर उर्फ़ नंदू उर्फ़ कालिया बाइक का दीवाना था. हर नई बाइक, तेज बाइक, छोटी बाइक, बड़ी बाइक उसे अपनी ओर खींचती थी. बाइक की इच्छा मन में लिए सड़कों पर वो ‘ये वीरानियां’ गाता हुआ घूमता था. भले ही ट्रैफिक चांप के हो. पर वो बाइक खरीद नहीं पाया. क्योंकि उसने पैसे नहीं कमाए. बहुत कोशिश की पर हुआ नहीं. एनबीटी की खबर के मुताबिक, बाइक न खरीद पाने से कालिया के मन में बाइक पाने की 'आग' बढ़ती गई. फिर एक वक़्त के बाद उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने दूसरे लोगों की बाइक में आग लगाना शुरू कर दिया. अपने इलाके में उसने पांच बाइक और दो स्कूटी फूंक डाली. शुरू में लोगों को लगा कि कुछ हो गया होगा. पर एक के बाद एक घटनाओं ने लोगों को हदस में ला दिया. आखिर खरीदनेवाले भी तो दिल से ही ख़रीदे होंगे. फिर उनकी बाइक को कोई आग लगा दे तो उनके मन में भी आग लगी होगी. पर वो कुछ कर नहीं पा रहे थे. फिर एक गली के सीसीटीवी फुटेज में एक युवक बड़ा ही टेक्निकल काम करता नज़र आया. वो एक बाइक की पेट्रोल वाली पाइप काट के पेट्रोल गिरा रहा था. फिर माचिस जलाकर उसने पेट्रोल में आग लगा दी. कुछ दूर जाकर मजे से देखता रहा. अब ऐसा करोगे तो पकड़ तो लिए ही जाओगे. पुलिस ने पकड़ लिया. अमां यार, कुछ काम कर लेते. सरकार इतनी योजनाएं चला रही है और आप! 22 साल की उम्र में इतनी निराशा? बाद में पुलिस ने बताया कि ये बंदा सुनील उर्फ़ कालिया कुछ साल पहले एक लड़के को चाकू मार चुका है. अब नहीं बोलना आगे. भाई, तू जान अपना. सुधर नहीं रहा.
(ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ काम कर रहे ऋषभ श्रीवास्तव ने लिखी है.)




















