दलजिंदर कौर खबरों में हैं. क्योंकि 72 साल की उम्र में पहली बार मां बनी हैं. लेकिन जिस कहानी को आप इमोशनल एंगल के साथ दो दिनों से पढ़ रहे हैं, वो असल में इतनी इमोशनल नहीं. उसके पीछे की कहानी जरा 'प्रैक्टिकल' है.
दलजिंदर कौर के पति मोहिंदर सिंह गिल ने माना है कि असल में बच्चा पैदा करने का कारण 5 लाख की जायदाद का झगड़ा है. मोहिंदर को अपने पिता की जागीर से कोई भी हिस्सा नहीं मिल रहा था. क्योंकि उनका कोई वारिस नहीं था. पिता की प्रॉपर्टी में एक ही सूरत में उनको हिस्सा मिलता. अगर उनका कोई बच्चा होता. इसीलिए पति-पत्नी ने तय किया कि 72 की उम्र में भी दलजिंदर बच्चे को जन्म देंगी.
मोहिंदर, जो अमृतसर में एक किसान हैं, जब 40 साल तक प्रॉपर्टी के पीछे चल रहे विवाद को निपटा नहीं पाए, और पाया कि अब और कोई तरीका नहीं है, तो इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन का सहारा लिया. आठ साल पहले मोहिंदर गिल के पिता की मौत हो गई थी. वो चाहते थे कि उनकी प्रॉपर्टी उनके 5 बेटों में बंटे. लेकिन मोहिंदर की कोई संतान न होने के कारण उनके भाइयों ने उन्हें प्रॉपर्टी में हिस्सा देने से मना कर दिया. लीगल एडॉप्शन के लिए पति और पत्नी की कुल उम्र 90 से अधिक नहीं होनी चाहिए. लेकिन दलजिंदर और मोहिंदर इस उम्र को पार कर चुके थे. दो साल के ट्रीटमेंट के बाद दलजिंदर ने अप्रैल 2016 में उस बच्चे को जन्म दिया, जो पैदा होते ही फ़ेमस हो चुका है. मोहिंदर गिल कहते हैं:
"प्रॉपर्टी की इस लड़ाई में हम 40 साल से जूझ रहे हैं. जब ये लड़ाई शुरू हुई, मैं 40 की उम्र पार कर चुका था. और मेडिकल कारणों से हमें बच्चा नहीं हो रहा था. बच्चा न होना वैसे भी हमें शर्मिंदा करता था. उसके ऊपर से ये विवाद भी आ गया."
72 की उम्र में बच्चा करने के दावे पर डॉक्टरों ने उठाए सवाल 70 की उम्र में मां बनने वाली पहली औरत नहीं हैं दलजिंदर