मैं शाम को 5 बजे (वोटिंग वाले दिन - 18 अप्रैल, 2019) गाड़ी चलाकर घर पहुंचा तो मुझे बताया गया कि पवन ने उंगली काट ली है. मुझे पता चला कि जब वो दोपहर में वोट देकर घर आया तो उससे घरवालों ने पूछा,'किसको वोट देकर आया है?' पवन ने जवाब दिया,'अंधेरा था, मुझे ठीक से दिखा नहीं.' फिर कहा कि फूल के निशान पर डालकर आया है. घर वालों ने उससे कहा कि हाथी पर डालना था. इससे पवन को बुरा लगा. वो सारा दिन सोच में रहा कि उससे ये गलती कैसे हो गई. शाम के वक़्त वो पशुओं को चारा डालने गया तो वहां उसे चारा काटने के ये गंडासा दिखा. कुछ देर तक वो स्याही का निशान मिटाने की कोशिश करता रहा लेकिन जब नहीं मिटा सका तो उंगली का ऊपरी पोर काट दिया. फिर दर्द हुआ तो चिल्लाने लगा. घर वाले अस्पताल ले गए. अब वो ठीक है.
# अंगूठा नहीं उंगली काटी थी -
कुछ अख़बारों का कहना था कि पवन ने अंगूठा काट लिया है क्योंकि उसने अंगूठे से ईवीएम का बटन दबाया था. लेकिन वीडियो में भी साफ़ दिख रहा है उसने अंगूठा नहीं काटा है, उंगली काटी है. उसके भाई की बातों को सच मानें तो पवन दरअसल फूल का निशान दबाने को अपनी गलती मान रहे थे. इसी अपराधबोध में उन्होंने ऐसा किया. यूं भाई से बात करने के बाद ये साफ़ होता है कि ये कोई पॉलिटिकली मोटिवेटेड स्टेप नहीं था और ना ही बीजेपी को वोट देने के कारण उसे निजी तौर पर कोई अफ़सोस था. इसके लिए पवन का मखौल कतई नहीं किया जाना चाहिए. सोशल मीडिया पर लोग पवन के बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं उन्हें ये ध्यान रखने चाहिए कि पवन स्वस्थ नहीं हैं.वीडियो: बीजेपी की प्रेस कांफ्रेंस में जूता किसने फेंका?












