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न्यू ईयर पर मन्नत मांगने मसूरी के मंदिर पहुंची सोनिया गांधी

जहां राजीव गांधी जाना चाहते थे, सोनिया ने किए उसी मंदिर के दर्शन.

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फोटो - thelallantop
हार सबक सिखाती है. 2014 में कांग्रेस की तगड़ी हार हुई. हार से चाल, रवैया बदला. अब राहुल और सोनिया गांधी भगवान की 'शरण' में जाने लगे हैं. चोरी छिपे नहीं, खुलेआम. ताकि पब्लिक भी देख सके कि कांग्रेस भी हिंदू धर्म को मानती है. ठीक 2014 लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 'विनर' रही बीजेपी की तरह. बीते डेढ़ साल से राहुल और सोनिया गांधी मंदिरों के चक्कर लगाते हुए 'नजर' आने लगे हैं. नए साल के मौके पर जब राहुल यूरोप में छुट्टियां मना रहे थे. तब उनकी मम्मी और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी मसूरी में थीं. सोनिया मसूरी टूर के दौरान मंदिर भी गईं. लाखामंडल का पुराना शिव मंदिर है न. वहीं जाकर सोनिया ने माथा टेका. मंदिर से सोनिया का कनेक्शन पुराना है. मंदिर कमेटी के प्रेसीडेंट सुशील गौर ने कहा, सोनिया गांधी ने मंदिर में आधा घंटा बिताया, पूजा की. इस मंदिर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी आना चाहते थे पर कभी नहीं आ पाए. ऐसे में सोनिया के आना खुशी देता है. इससे पहले राहुल गांधी भी बीते साल कई मंदिरों के चक्कर लगा चुके हैं. ताकि देश जान जाए. हिंदू हैं हम वतन है, हिंदुस्तां हमारा, हमारा.

कब, किसके दर पर गए राहुल बाबा?

26 फरवरी 2014: कामाख्या मंदिर 25 अप्रैल 2015: केदारनाथ के कपाट खुलने पर 13 जुलाई 2015: दिल्ली के रघुबर नगर में लोकल मंदिर 28 अगस्त 2015: खीर बावनी मंदिर, कश्मीर 21 सितंबर 2015: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर
अब याद कीजिए 2014 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद यूपीए सरकार के दो सीनियर लीडर्स के इन बयानों को:
अल्पसंख्यक समुदायों से कांग्रेस की नजदीकी ने लोगों के मन में डाउट पैदा किया है. कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता को लेकर: एके एंटनी अगर कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता को मुस्लिमों के लिए झुकाव की तरह देखा जाता है. तो इसे सही तरीके से पेश किए जाने की जरूरत है. हमें बताना होगा कि हम उस ओर नहीं झउक रहे हैं: कमलनाथ
1988 में राजीव संग सोनिया गईं थी मसूरी ये पहली मर्तबा नहीं है, जब सोनिया गांधी मसूरी गई हैं. इससे पहले साल 1988 में सोनिया राजीव गांधी के साथ मसूरी गई थीं. तब राजीव ने लोकल लोगों के साथ खूब फोटो खिचवाई थीं. राजीव की ही तरह सोनिया भी मसूरी के लोकल लोगों, कांग्रेस के वर्कर्स के साथ मिलजुल रही हैं. तस्वीरें खिचवा रही हैं. 'मुझे मंदिर जाने से रोका' दिसंबर में राहुल असम दौरे पर थे. राहुल ने कहा, 'मैं असम में एक मंदिर में जाना चाहता था. पर मुझे जाने नहीं दिया गया. RSS वर्कर्स ने मुझे मंदिर में जाने से रोका. हालांकि सीएनएन-आईबीएन के सूत्रों के मुताबिक, राहुल खुद नियमों की वजह से मंदिर नहीं जाना चाहते थे. नियम ये था कि नहा धोकर, धोती पहनकर ही मंदिर में एंट्री मिलती है.

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