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'आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता', आनंद शर्मा ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख पद छोड़ा

हिमाचल में इसी साल चुनाव होने हैं. आनंद शर्मा ने कहा- पार्टी की किसी मीटिंग में उन्हें नहीं बुलाया गया या उनसे सलाह ली गई.

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा (फाइल फोटो- PTI)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने पार्टी की स्टीयरिंग कमिटी (संचालन समिति) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कमिटी का गठन हिमाचल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए किया गया था. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आनंद शर्मा ने पद से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा है. इसमें उन्होंने कहा कि वे अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं.

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चुनाव प्रचार करता रहूंगा- आनंद शर्मा

आनंद शर्मा का इस्तीफा हिमाचल विधानसभा चुनाव से लगभग 3 महीने पहले आया है. 5 दिन पहले ही 16 अगस्त को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भी जम्मू-कश्मीर में कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. दोनों नेता कांग्रेस के उस समूह (G-23) का हिस्सा हैं जिन्होंने खुलकर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की थी.

इस्तीफे के बाद आनंद शर्मा ने ट्विटर पर लिखा कि कांग्रेस की विचारधारा उनके खून में है. शर्मा ने ट्वीट किया, 

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“मैंने भारी मन के साथ हिमाचल चुनाव के लिए बनी स्टीयरिंग कमिटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि मैं आजीवन एक कांग्रेसी हूं और अपने इस दृढ़ विश्वास पर टिका हुआ हूं. कांग्रेस की विचारधारा के प्रतिबद्ध हूं जो मेरे खून में दौड़ती है. इसे लेकर कोई शंका ना हो! हालांकि एक स्वाभिमानी व्यक्ति का लगातार बहिष्कार और अपमान किया गया, जिससे मेरे पास कोई और विकल्प नहीं बचा.”

'पार्टी की मीटिंग में भी नहीं बुलाया गया'

पीटीआई की खबर के मुताबिक, आनंद शर्मा ने सोनिया गांधी को पत्र में लिखा है कि सलाह लेने की प्रक्रिया में उन्हें नजरअंदाज किया गया. हालांकि उन्होंने कहा कि वे राज्य में पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते रहेंगे. पूर्व राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा को स्टीयरिंग कमिटी का अध्यक्ष 26 अप्रैल को बनाया गया था. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को यह भी लिखा है कि उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचा है क्योंकि पार्टी की किसी मीटिंग में उन्हें नहीं बुलाया गया या उनसे सलाह ली गई.

आनंद शर्मा हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े नेताओं में एक हैं. लंबे समय से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी नहीं बन पा रही है. यह कई बार सबके सामने आ चुकी है. यूपीए सरकार के दौरान आनंद शर्मा ने कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी. पार्टी ने हिमाचल प्रदेश से उन्हें कई बार राज्यसभा का सदस्य बनाया. इस साल अप्रैल में राज्यसभा से उनका आखिरी कार्यकाल खत्म हुआ था.

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