रामनवमी और उसके बाद बंगाल में हिंसा हुई. हावड़ा और हुगली जिलों में शोभायात्रा के दौरान पत्थरबाजी और आगजनी की गई. जुलूस की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी हिंसा होने की रिपोर्टें आईं. इसके बाद का एपिसोड घिसा-पिटा है. बहुत फैलकर क्या बताएं. शॉर्ट में लिख देते हैं. BJP ने हिंसा का ठीकरा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सिर फोड़ा. TMC ने भी कह दिया इसके पीछे BJP और उसकी विचारधारा को मानने वाले संगठनों का हाथ है.
रामनवमी पर बंगाल के इस जिले में जो हुआ, देखकर दंगाई किलस जाएंगे!
तस्वीरें देखें, सब समझ जाएंगे.


लेकिन रामनवमी के ही दिन बंगाल के एक और इलाके में धार्मिक भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसे जानकर दंगाई सोच वाले लोग बुरी तरह जल-भुन जाएंगे. ये इलाका है बंगाल का मिदनापुर जिला.

रामनवमी के मौके पर यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे के प्रति बेहद सम्मानपूर्ण व्यवहार दिखाया. मिदनापुर सिटी स्थित खपरेल बाजार में 'बजरंग क्लब' नाम के समूह ने रामनवमी का जुलूस निकाला था. इंडिया टुडे से जुड़ीं दीपनीता दास की रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा के लिए जो रूट तय किया गया था, उस रास्ते में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने स्टॉल लगा रखे थे. रमजान के मौके पर वे यहां इफ्तार का सामान बेच रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक जब शोभायात्रा शाह आदिल मस्जिद के पास पहुंची तो मुस्लिमों ने हिंदू भक्तों को मिठाइयां बांटीं और पीने के लिए पानी की बोतलें दीं. वहीं हिंदू भक्तों ने भी जाते-जाते मस्जिद कमेटी के सदस्यों को इफ्तार के लिए फल और फूल भेंट किए. वो सारा सामान बाद में रोजा रख रहे मुस्लिमों को दे दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक कमेटी के सदस्यों को रामनवमी के कार्यक्रम में आने का न्योता भी दिया गया था. वहां दोनों तरफ के लोगों ने आपस में हाथ मिलाया, गुलदस्ते दिए, गले मिले और एक-दूसरे के लिए सम्मान दिखाया. मस्जिद कमेटी के लोगों ने हिंदू भक्तों को लड्डू, खाने की दूसरी चीजें और गुलाब के फूल ऑफर किए.
इंडिया टुडे ने इस पर जब बजरंग क्लब के एक सदस्य बिस्वजीत गोपे से बात की. उन्होंने कहा,
"पहले तो मैं ये कहना चाहता हूं कि हिंदू या मुस्लिम की बात नहीं है, किसी भी धर्म से पहले हम इंसान हैं."

वहीं मस्जिद कमेटी के एक सदस्य सोना खान ने कहा,
"हम इस इलाके के निवासी हैं. हमें हर दिन काम पर जाते हुए एक-दूसरे का चेहरा देखना है. हम सब साथ रहते हैं. त्योहार के मौके पर भी एक-दूसरे का साथ देते हैं. मैं हर किसी से ऐसा ही करने की अपील करता हूं."
दिलचस्प बात ये कि इस छोटे से इवेंट में इलाके की पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी शिरकत की. स्थानीय नगर निगम के चेयरमैन सौमेन खा ने कहा कि इलाके के लोगों ने जो किया वो सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है. उन्होंने कहा, “ये हमारा मिदनापुर है. मेरी प्रार्थना है कि हर कोई इसे जारी रखे.”
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