चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने 4 जून को यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एक कॉलेज में लेक्चर दिया. इस दौरान सवाल पूछने को लेकर बहस हो गई. कार्यक्रम में मौजूद एक महिला ने ‘भारत में असहमति को लेकर बढ़ती चिंताओं’ से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन मॉडरेटर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. CJI के कार्यक्रम में जो कुछ हुआ, लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने उसकी कड़ी निंदा की है. आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने कार्यक्रम में अड़चन डालने की कोशिश की.
लंदन में CJI सूर्यकांत से सवाल पूछ रही महिला को बीच में रोका, हंगामा मचा, भारतीय उच्चायोग बोला- 'ऐसा बर्ताव मंजूर नहीं'
CJI Surya Kant London Lecture: कार्यक्रम में मौजूद एक महिला ने ‘भारत में असहमति के प्रति बढ़ती नफरत’ से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन मॉडरेटर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. अब लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस घटना की कड़ी निंदा की है.


इस कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसके बाद न्यायिक जवाबदेही पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. ब्रिटेन में भारत के हाई कमीशन ने शुक्रवार, 5 जून को एक बयान जारी किया. हाई कमीशन ने कहा कि 4 जून के कार्यक्रम में लेक्चर के बाद एक अच्छी चर्चा हो रही थी, तभी एक व्यक्ति ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की. हाई कमीशन ने आगे कहा,
"इस तरह का अशोभनीय बर्ताव मंजूर नहीं है और यह उस सम्मानजनक बातचीत के भी खिलाफ है जो सार्वजनिक चर्चा का आधार होनी चाहिए. लोकतांत्रिक समाज में विचारों का अलग-अलग होना स्वाभाविक है. हालांकि, उन्हें सभ्य और सम्मानजनक तरीके से जाहिर किया जाना चाहिए."
CJI सूर्यकांत छह दिन के इंग्लैंड दौरे पर हैं. 4 जून को उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बिर्कबेक कॉलेज में एक लेक्चर दिया. यह लेक्चर 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून' विषय पर था. सवाल-जवाब के सत्र के दौरान एक महिला ने कहा कि CJI सूर्यकांत ने AI के मामले में लोकतंत्र की रक्षा करने के भारत के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में कुछ बहुत महत्वपूर्ण बातें कहीं हैं.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके तुरंत बाद महिला ने CJI सूर्यकांत से भारत में असहमति के प्रति बढ़ती नफरत के बारे में सवाल पूछने की कोशिश की. ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में उस महिला को कहते हुए सुना जा सकता है,
"हमें देश और विदेश, दोनों जगहों के कई कानूनी जानकारों से यह सुनने को मिल रहा है कि भारत में असहमति के प्रति बढ़ती नफरत को लेकर काफी चिंता है. और ऐसा लगता है कि यह नफरत जज साहब की टिप्पणी में भी कुछ हद तक झलकती है और इसकी काफी चर्चा भी हुई है…"
महिला अपनी बात पूरी कर पाती, इससे पहले ही कार्यक्रम की मॉडरेटर ने उन्हें बीच में ही रोकते हुए कहा,
“पूरे सम्मान के साथ, मैं इस सवाल को नहीं ले पाऊंगी क्योंकि यह विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़ा है.”
महिला के सवाल को CJI सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है. इसी कार्यक्रम का एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक युवक को गुस्से में यह कहते हुए सुना जा सकता है, “कृपया हमें सम्मान दीजिए.”
कार्यक्रम के वीडियो में साफ तौर पर हंगामा दिखाई दे रहा है. वीडियो के आखिर में ऑर्गनाइजर को ऑडियंस से कार्यक्रम को खत्म करने की अपील की. दी लल्लनटॉप इन वीडियोज की पुष्टि नहीं करता है.
CJI ने किसे कहा था ‘कॉकरोज’?
कॉकरोच वाली टिप्पणी CJI सूर्यकांत ने 15 मई को एक केस की सुनवाई के दौरान खुली अदालत में की थी. उन्होंने देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवियों’ से की थी. CJI ने युवाओं के सोशल मीडिया और सूचना के अधिकार (RTI) एक्टिविज्म की तरफ जाने पर भी चिंता जताई. जब उनके बयान की आलोचना हुई तो CJI ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिनके पास फर्जी डिग्रियां हैं और जो ऐसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं.
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फिर बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)
CJI सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) बनी. यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि सटायरिकल पॉलिटिकल मूवमेंट है. CJP का गठन अभिजीत दिपके नाम के सोशल मीडिया यूजर ने 16 मई को इंटरनेट पर किया था. इसके बाद से ये सोशल मीडिया पर तेजी से मशहूर हो गई.
कुछ ही दिनों में पार्टी के इंटरनेट पर 2 करोड़ 20 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हो गए. अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा जैसे कई राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं ने भी इस पार्टी को सपोर्ट किया. आज यानी 6 जून को CJP अपने समर्थकों के साथ NEET और CBSE विवादों को लेकर केंद्रीय मंत्री शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रही है.
वीडियो: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने युवाओं को कॉकरोच क्यों कहा?



















