संयुक्त राष्ट्र ने 2001 में जैश-ए-मुहम्मद को प्रतिबंधित कर दिया था. लेकिन 2008 के मुंबई हमलों के बाद अजहर पर बैन लगवाने की अपने कोशिश पूरी नहीं हुई. चीन के पास वीटो पॉवर था और उसने अड़ंगा लगा दिया था.चीन ने जो होल्ड लगाया था. वो लैप्स होने वाला है. छह महीने बीतने वाले हैं क्योंकि. अब इसके बाद पाकिस्तान की बड़ी थू-थू होगी. सोचो संयुक्त राष्ट्र का घोषित आतंकी उनके यहां बैठा है, उस पर प्रेशर बढ़ जाएगा कि उसके अगेंस्ट एक्शन लो.
इस सोमवार बिना लड़े ही पाकिस्तान से जीत सकता है भारत!
ऐसा होते ही यूएन पाकिस्तान पर चढ़ जाएगा, दुनिया में थू-थू होगी अलग.
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फोटो - thelallantop
जैश-ए-मोहम्मद मतलब जेईएम का वो मुखिया है न. मसूद अजहर. उसकी लंका लग सकती है. वो पाकिस्तान का बड़ा प्यारा है और चीन का भी हो गया था. चीन ने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति में अजहर को आतंकवादी घोषित नहीं करने के लिए एक तरह से वीटो का इस्तेमाल किया था. लेकिन इस टेक्निकल होल्ड की फुस्स होने वाली है. इस सोमवार को. पठानकोट में जनवरी में हुए हमले के बाद भारत ने मसूद अजहर को आंतवादियों की सूची में शामिल करने के लिए फरवरी में संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति से आग्रह किया था. इससे अजहर की प्रॉपर्टी जब्त हो जाती और उसका कहीं आना जाना बंद हो जाता.
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