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ईरान युद्ध: भारत के लिए अहम चाबहार ट्रेड जोन में अमेरिका ने ताबड़तोड़ गिराए बम

Chabahar ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह भी है जिसकी सीधी पहुंच हिंद महासागर तक है. यह ट्रेड जोन उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे कई मिडिल ईस्ट देशों के लिए ट्रांजिट कॉरिडोर का काम करता है और अफगानिस्तान तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करता है.

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अमेरिका ने चाबहार फ्री ट्रेड जोन पर हमला किया है. (इंडिया टुडे)

अमेरिका ने फिर से ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन पर बड़ा हमला किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने ट्रेड जोन में बने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी हमलों के दौरान भीषण विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं.  

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अल-जजीरा ने वॉयस ऑफ अमेरिका के हवाले से अमेरिकी हमले की खबर दी है. इस हमले में कितना नुकसान पहुंचा है अभी इसके बारे में कोई खबर सामने नहीं आई है. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चाबहार फ्री ट्रेड जोन ईरान के साउथ ईस्ट सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित है. विदेशी निवेश लाने और पारंपरिक भीड़भाड़ वाले ट्रेड जोन्स को पीछे छोड़ने के लिए ईरान ने साल 1992 में चाबहार फ्री ट्रेड जोन की स्थापना की. 

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यह ईरान के लिए एक अहम इंडस्ट्रियल और ट्रांजिट सेंटर के तौर पर काम करता है. चाबहार ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह भी है जिसकी सीधी पहुंच हिंद महासागर तक है. यह ट्रेड जोन उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे कई मिडिल ईस्ट देशों के लिए ट्रांजिट कॉरिडोर का काम करता है और अफगानिस्तान तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करता है.

इससे पहले युद्ध की शुरुआत यानी 28 फरवरी के दिन अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में भी चाबहार प्रांत में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इसी हमले में पूरे ईरान में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था और तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने चाबहार ट्रेड जोन को निशाना बनाया. इससे पहले ईरान ने दुबई अतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन अटैक किया. हमले के चलते टैंक में भीषण आग लग गई. इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर उड़ान सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं.

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दुबई के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए तुरंत सिविल डिफेंस टीम को तैनात किया गया. उन्होने आगे बताया कि दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया. दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक पर हुई इस घटना में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

चाबहार ट्रेड जोन का भारत के लिए क्यों अहम?

चाबहार ट्रेड जोन में स्थित चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के देशों तक पहुंचने के लिए भारत का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है. यह पाकिस्तान से होकर जाने वाले रास्तों की जगह भारत को एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता मुहैया कराता है. यानी पाकिस्तान को बायपास करके सीधे मिडिल ईस्ट और अफगानिस्तान तक पहुंच. भारत ने साल 2016 में ईरान और अफगानिस्तान के साथ चाबहार पोर्ट को विकसित करने के लिए एक समझौता किया था. पिछले दिनों भारत के इस समझौते से हटने की खबरें आई थीं. लेकिन भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर इससे पीछे हटने की जानकारी नहीं दी है.

वीडियो: Budget 2026: ईरान वाला चाबहार पोर्ट गायब, बजट में पड़ोसी देशों को क्या-क्या मिला?

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