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राजीव खंडेलवाल ने बॉलीवुड में सेक्सुअल फेवर्स को लेकर खुलकर बात की है

जानिए #MeToo मूवमेंट पर राजीव ने क्या कहा है.

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राजीव खंडेलवाल (फोटो: इंडिया टुडे)
एक्टर राजीव खंडेलवाल ने ग्लैमर इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को लेकर अपनी बात रखी है. राजीव कहते हैं कि जो लोग शिकार होते हैं, उन सभी के पास 'ना' कहने का विकल्प हमेशा होता है. 'टेबल नंबर 21' के एक्टर ने हाल ही में कहा था कि एक बार उन्हें बॉलीवुड की पहली फिल्म के लिए एक स्टार फिल्ममेकर ने सेक्सुअल फेवर्स के बदले दो फ़िल्में करने का प्रस्ताव दिया था. 'हिन्दुस्तान टाइम्स' में छपी ख़बर मुताबिक, फिल्मों के काम के बदले सेक्सुअल फेवर्स के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में यह फैला हुआ है. 2018 में भारत के #MeToo आंदोलन के दौरान बॉलीवुड के साथ ही कई और सेक्टर के लोगों के नाम सामने आए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसे लोगों का नाम लेकर उन्हें बेइज्ज्त किया जाना चाहिए, इस पर उन्होंने कहा, 'नहीं, मैं ऐसा कतई नहीं सोचता.' 'हिन्दुस्तान टाइम्स' से बातचीत में राजीव ने कहा-
यह सिर्फ उस आदमी को लेकर नहीं है. जो भी कास्टिंग काउच में शामिल है, वह भी उतना ही जिम्मेदार है. आप कैसे कह सकते हैं कि किसी महिला का शोषण किया जा रहा है, क्योंकि उसे शोषित होने में कोई दिक्कत नहीं है. फिर वह कास्टिंग काउच के बारे में बात करती है, क्योंकि उसे लगता है वह आदमी ज्यादा पावरफुल था. नहीं, कहीं न कहीं आपमें कॉन्फिडेंस की कमी है. आपको खुद पर भरोसा नहीं है. नहीं तो आप होने ही नहीं देती.
उन्होंने अपनी बात साफ करते हुए कहा-
कास्टिंग काउच बलात्कार नहीं है, जहां आपको मजबूर किया जाता है. कास्टिंग काउच से मुझे जो समझ में आता है, वह यह है कि ऐसे सिचुएशन में होते हैं, जहां से आपको कुछ फायदा होता है. जो भी शोषित है, वह शायद कमजोर है. उसे खुद पर भरोसा नहीं है कि वह इसके बिना भी कर सकता है.
राजीव ने आगे कहा-
ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां लोगों को किसी भी कास्टिंग काउच का सामना नहीं करना पड़ता है. मैंने एक छोटे बजट की फिल्म 'आमिर' से शुरुआत की. मैंने दो फिल्मों वाली डील नहीं की. खुद को लेकर कहूं, तो मैंने अनुभव किया कि कोई मेरा शोषण करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मैंने ऐसा नहीं होने दिया. मुझे खुद पर भरोसा है कि अगर आप मुझे काम नहीं देंगे तो मैं बेकार नहीं रहना वाला.
#MeToo मूवमेंट को लेकर राजीव ने कहा-
अब कितने लोग उस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि उसको लेकर आज की तारीख में क्या हो रहा है? लोग बस चलते जा रहे हैं और अपने सुविधा के अनुसार रुक रहे हैं. भूल गए कि क्या हुआ था. हम इतने खुदगर्ज हैं कि हम भीड़ में इसलिए शामिल हो जाते हैं, क्योंकि हमें लगता है कि भीड़ में दिखना जरूरी है.
राजीव खंडेलवाल ने कहा कि उन्नाव रेप केस की तरह सभी साथ आते हैं, लेकिन अधिकतर को यह पता भी नहीं होता कि वहां हुआ क्या था. लेकिन सोशल मीडिया पर आपके ऐसे पोस्ट्स होने चाहिए, जिससे ये पता चले कि अपने उस घटना कि निंदा की है. आपको ध्यान रखना चाहिए कि आप किसी घटना के सपोर्ट में हैं या मुद्दे के. कोर्ट मार्शल राजीव 'कोर्ट मार्शल' नाम के नाटक में जल्द ही दिखाई देंगे. इसका प्रीमियर 26 अप्रैल को ज़ी थिएटर पर होना है. ज़ी थिएटर के टेलीप्ले 'कोर्ट मार्शल' में सेना के एक ऐसे जूनियर रैंक वाले अधिकारी का कोर्ट मार्शल दिखाया गया है, जिस पर अपने सीनियर अधिकारी की हत्या का आरोप लगा होता है. राजीव, डिफेंस वकील का रोल कर रहे हैं, जो हमले के पीछे के चौंकाने वाले सच की गहराई में जाते हैं.
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