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1,271 लोगों को नौकरी से निकाला, फिर कहा कंपनी वाला लैपटॉप अपने पास रख लो

कैनवा ने 1,271 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया है. हालांकि, कंपनी उन्हें छह महीने की सैलरी, मैकबुक, एक साल का लिंक्डइन प्रीमियम और हेल्थकेयर की सुविधा देगी. इसके अलावा, अपना बिजनेस शुरू करने वालों को 10 हजार डॉलर की मदद भी मिलेगी. वहीं, डिज्नी में भी छंटनी की तैयारी है.

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कैनवा ने 1,271 कर्मचारियों निकालने का ऐलान किया. (Courtesy- ITG)

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  • कैनवा ने 3 नवंबर को अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा, यानी 1,271 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आधिकारिक फैसला किया है।
  • कंपनी ने यह कदम अपने सबसे मुश्किल वर्ष के बाद उठाया है, जिसमें आर्थिक चुनौतियां और व्यापारिक दबाव प्रमुख कारण बताए गए हैं।
  • नौकरी जाने के बावजूद कर्मचारियों को छह महीने की सैलरी, लैपटॉप रखने की अनुमति और नौकरी खोजने में मदद देने के लिए लिंक्डइन प्रीमियम समेत कई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

नौकरी चली गई, लेकिन लैपटॉप नहीं जाएगा. छह महीने की सैलरी भी मिलेगी और नया काम ढूंढने में कंपनी मदद भी करेगी. सुनने में ये बात थोड़ी अजीब लग सकती है कि ऐसा कहां होता है. लेकिन कैनवा (Canva) ने अपने यहां से निकाले गए 1,271 कर्मचारियों के लिए ऐसा ही पैकेज का ऐलान किया है. कैनवा ने मंगलवार, 3 नवंबर  को अपने 1,271 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया. यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 22 फीसदी है. कंपनी की सीईओ मेलानी पर्किन्स ने कहा कि, ये फैसला कंपनी के इतिहास के सबसे मुश्किल साल के बाद लिया गया है. उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि इस फैसले से उन्हें जो तकलीफ होगी, उसके लिए उन्हें बहुत अफसोस है.

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कैनवा के दुनियाभर में 37 देशों में 5,700 से ज्यादा कर्मचारी हैं. इनमें भारत के कर्मचारी भी शामिल हैं. हालांकि, कंपनी ने अभी ये नहीं बताया है कि किन टीमों और देशों के कर्मचारियों पर इसका असर पड़ेगा.

नौकरी गई, लेकिन मैकबुक मिलेगा

आमतौर पर जब किसी की नौकरी जाती है तो कंपनी उसे कुछ महीनों की सैलरी और दूसरी सुविधाएं देती है. इसे सेवरेंस पैकेज कहा जाता है. लेकिन कैनवा ने इसके साथ कुछ और सुविधाएं भी देने का फैसला किया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने कहा है कि, नौकरी से निकाले गए सभी 1,271 कर्मचारी के पास जो मैकबुक है. उसे वो अपने पास रख सकते हैं. सीईओ मेलानी पर्किन्स ने कहा कि, कंपनी चाहती है कि नौकरी जाने के बाद भी कर्मचारियों के पास काम करने के लिए लैपटॉप रहे. क्योंकि हर किसी के पास अपना निजी लैपटॉप नहीं होता.

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इसके अलावा कर्मचारियों को एक साल के लिए लिंक्डइन प्रीमियम (LinkedIn Premium) का सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा. कंपनी उन्हें नौकरी ढूंढने में मदद करेगी. इसके लिए करियर कोचिंग दी जाएगी और इंटरव्यू की तैयारी कराई जाएगी. कंपनी की टीम कर्मचारियों का रिज्यूमे सुधारने में भी मदद करेगी.

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छह महीने की सैलरी और एक साल तक हेल्थकेयर

कंपनी ने कहा है कि हर एम्प्लोयी को कम से कम छह महीने की सैलरी मिलेगी. इसमें सरकार के नियमों के तहत मिलने वाला पैसा भी शामिल होगा. ये सुविधा सभी देशों के कर्मचारियों को मिलेगी. इनसब के अलावा कंपनी ने पिछले एक साल के भीतर नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों के लिए भी एक खास छूट दी है. आमतौर पर कंपनी के शेयर पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम एक साल तक काम करना होता है. लेकिन कैनवा ने ये शर्त हटा दी है. यानी अगर किसी कर्मचारी को नौकरी शुरू करने के एक साल के अंदर ही निकाल दिया गया है, तब भी वो कंपनी के शेयर पाने का हकदार होगा.

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साथ ही जिन देशों में कंपनी हेल्थकेयर की सुविधा देती है, वहां नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक साल तक ये सुविधा मिलती रहेगी. कर्मचारी एक साल तक कंपनी के सहायता कार्यक्रम कैनवा केयर (Canva Care) का भी इस्तेमाल कर सकेंगे.

बिजनेस शुरू करने के लिए 10 हजार डॉलर

कैनवा ने नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की मदद के लिए एक और योजना बनाई है. कंपनी एक ऐसी डायरेक्टरी बनाएगी, जिसमें नौकरी ढूंढ रहे कर्मचारियों की जानकारी होगी. इसे कंपनी के निवेशकों और दूसरी कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा, ताकि उन्हें नई नौकरी मिल सके.

इसके अलावा कैनवा कलेक्टिव फंड बनाया गया है. इसके तहत जो कर्मचारी अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं या अपने समुदाय के लिए कोई प्रोजेक्ट करना चाहते हैं, उन्हें 10 हजार डॉलर की मदद दी जाएगी. कंपनी ने साफ किया है कि इस पैसे के बदले वह उनके कारोबार या प्रोजेक्ट में कोई हिस्सा नहीं मांगेगी. कर्मचारियों को इसके लिए 14 दिसंबर तक आवेदन करना होगा.

डिज़्नी में भी छंटनी की तैयारी

इस बीच, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्ट डिज़्नी (Walt Disney) भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है. कंपनी ने कुछ मैनेजरों से सालाना खर्च में 20 फीसदी तक कटौती करने को कहा है. ये कटौती कर्मचारियों की संख्या घटाकर या दूसरे खर्च कम करके की जा सकती है. डिज़्नी पिछले कुछ सालों में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है. इसका असर एबीसी, पिक्सार, ईएसपीएन और फिल्म स्टूडियो समेत कंपनी के कई हिस्सों पर पड़ा है. पिछले वित्त वर्ष के आखिर में डिज़्नी में दुनियाभर में करीब 2 लाख 31 हजार कर्मचारी काम कर रहे थे.

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