जयललिता की मौत के बाद से ही शशिकला ताकत बटोर रही थीं

शशिकला और जयललिता
'अम्मा' की मृत्यु के कुछ ही घंटों के बाद पार्टी कैडर्स को अपनी 'चिनम्मा' में पार्टी का फ्यूचर नजर आने लगा. 62 वर्षीय शशिकला नटराजन पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की सबसे करीबी सहयोगी रही हैं. और सितंबर के बाद अस्पताल में जयललिता के साथ ही रही थीं. उस दौरान भी वह सारे घटनाक्रम पर बारीक नज़र बनाए हुए थीं. 'अम्मा' कहकर पुकारी जाने वाली जयललिता की दिसंबर में हुए अंतिम संस्कार के समय भी शशिकला ने ही सभी रस्में निभाई थीं. शशिकला को तमिलनाडु में लोग 'चिनम्मा' कहकर पुकारते हैं. तमिल में लोग मौसी को चिनम्मा कहते हैं. जयललिता की जगह दो बार ज़िम्मेदारी निभा चुके ओ पन्नीरसेल्वम को अम्मा के निधन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री बनाया गया. हर वक्त जयललिता की तस्वीर जेब में रखने वाले पन्नीरसेल्वम ने अभी तक 'चिनम्मा' के लिए गद्दी छोड़ देने की मांग पर किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की है.
चिनम्मा को बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से पार्टी की कमान सौंपी जा रही है. पार्टी के सीनियर लीडर्स नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया को लेकर हो-हंगामा हो. कोशिश की जा रही है कि शशिकला विरोधी खेमे को भी विश्वास में लिया जाए. तमिलनाडु में पिछले दिनों जयललिता की मृत्यु को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. सवाल उठाने वालों का कहना था कि जिस तरह जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट्स समय-समय पर बदलती रहीं, इससे अम्मा की मृत्यु संदेह के घेरे में है. सवाल उठाने वालों में पार्टी के नेता, विपक्ष के नेता, फिल्म स्टार्स और कई लोग हैं.
पार्टी के अंदर एक खेमा है जो पूरी तरह से सत्ता चिनम्मा के हाथों सौंपना चाहता है. इस खेमे में थम्बीदुरई, मधुसुदन और सेनगोतैयान जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हैं. और इसी खेमे की कवायद पर शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेट्री बनाया गया. हालांकि इस पद के लिए मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने भी शशिकला का समर्थन किया था. पन्नीरसेल्वम एआईएडीएमके के ऐसे एकमात्र मुख्यमंत्री हैं जो कभी पार्टी के जनरल सेक्रेट्री नहीं चुने गए.
जयललिता के अंतिम संस्कार के बाद शशिकला के पति एम नटराजन ने मीडिया से कहा था, "एक आम आदमी भी पार्टी को आगे ले जा सकता है. पार्टी में शून्य जैसी कोई स्थिति नहीं है. जब तक एमजीआर और अम्मा की लोकप्रियता बनी रहेगी, एआईएडीएमके का वजूद बना रहेगा." तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि शशिकला को पार्टी सुप्रीमो बनाने की रणनीति उनके पति एम नटराजन की ही है.
मुख्यमंत्री बनने की राह पर चिनम्मा
चिनम्मा को मुख्यमंत्री बनाने की बात सबसे पहले तमिलनाडु के राजस्व मंत्री उदयकुमार ने की थी. साथ ही उन्होंने पन्नीरसेल्वम के खिलाफ अभियान चलाने की बात को खारिज किया. उन्होंने कहा कि "पन्नीरसेल्वम पार्टी में वफादारी के प्रतीक हैं. और वही पहले शख्स थे, जिन्होंने चिनम्मा से मुख्यमंत्री बनने की बात की थी.."
एम थम्बिदुरय
पर वरिष्ठ नेता थम्बीदुरई के शशिकला के सपोर्ट के बाद मामला गरम हो गया है. थम्बीदुरई का कहना है कि यह समझदारी नहीं होगी कि पार्टी तथा सरकार के लिए अलग-अलग सत्ता केंद्र रहें. उन्होंने मीडिया से कहा, "जब-जब सरकार तथा पार्टी की बागडोर अलग-अलग लोगों के हाथों में रही है तब-तब जनता के बीच ऐसी सरकारों की विश्वसनीयता खत्म हुई है." उन्होंने यह भी कहा कि "चूंकि लोकसभा चुनाव के सिर्फ दो साल बचे हैं. इसलिए एआईएडीएमके के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि वो जयललिता के किए गए वादों को पूरा करे." फिलहाल थम्बीदुरई पार्टी में शशिकला के लिए राजनीतिक संरक्षक की तरह हैं. संसद में एआईएडीएमके की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. उसके पास 37 सांसद हैं. और लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है. अगले लोकसभा में पार्टी सरकार गठन में शामिल हो सकती है.
थम्बीदुरई ने एआईएडीएमके के जनरल सेक्रेट्री शशिकला से जयललिता के पोएस गार्डन वाले बंगले पर मुलाकात की. और उनसे मुख्यमंत्री बनने के लिए आग्रह भी किया. शशिकला की प्रतिक्रिया के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मैंने अपनी ओर से एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर आग्रह किया है. पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया." थम्बीदुरई के इस स्टैंड की विपक्ष पार्टी डीएमके के नेता एम के स्टालिन ने आलोचना की है और कहा है कि "शशिकला को नया मुख्यमंत्री बनने की बात करना एक 'फैन लैटर' की तरह है. और ऐसा कर वो वर्तमान मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम का अपमान कर रहे हैं."












