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जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ के बीच BSF चीफ समेत 2 अधिकारी पद से हटाए गए, अब कहां जाएंगे?

इस साल 21 जुलाई तक Jammu Kashmir में 14 नागरिकों और 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है. इस दौरान 24 मुठभेड़ और 11 आतंकी घटनाएं सामने आई हैं.

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BSF डीजी नितिन अग्रवाल (बाएं) और स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया (फोटो- आजतक)
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जितेंद्र बहादुर सिंह

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ के बीच गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है (Jammu Kashmir BSF Chief Removed). BSF के महानिदेशक (DG) नितिन अग्रवाल और उनके डिप्टी स्पेशल DG वाईबी खुरानिया को तत्काल प्रभाव से उनके संबंधित राज्य कैडर में वापस भेज दिया गया है.

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आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सेक्टर से लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ को प्रभावशाली ढंग से काबू ना कर पाने को भी इस एक्शन की बड़ी वजह माना जा रहा है. अब जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी.

नितिन अग्रवाल 1989 बैच के केरल-कैडर के IPS अधिकारी हैं. उन्होंने पिछले साल जून में ही BSF प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला था. वो 2026 में रिटायर होने वाले हैं. अग्रवाल को पद से हटाने का फैसला कुछ दिन पहले लिया गया था. गृह मंत्रालय ने 30 जुलाई को संबंधित विभाग को इस बारे में एक प्रस्ताव पत्र भी भेजा था. DoPT Department of Personnel and Training के निदेशक साक्षी मित्तल ने एक आदेश में कहा,

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कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने BSF के महानिदेशक नितिन अग्रवाल और स्पेशल DG खुरानिया को तत्काल प्रभाव से उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेजने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

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फोटो- आजतक

1990 बैच के ओडिशा-कैडर के अधिकारी खुरानिया, पाकिस्तान सीमा पर BSF का नेतृत्व कर रहे थे. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ओडिशा सरकार, राज्य के नए पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए खुरानिया के नाम पर भी विचार कर रही है. 

पिछले हफ्ते केंद्र ने जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ओडिशा से दो BSF बटालियनों को हटाने का भी आदेश दिया था. उसमें 2,000 से ज्यादा कर्मी शामिल थे. लगभग 2.65 लाख कर्मियों वाली BSF पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ लगी भारतीय सीमा की रक्षा करती है. हालांकि ऑपरेशनल कंट्रोल सेना के पास होता है. 

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आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 21 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में 14 नागरिकों और 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है. इस दौरान 24 मुठभेड़/आतंकवाद-रोधी अभियान और 11 आतंकी घटनाएं सामने आई हैं.

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