ब्रिटिश पॉडकास्टर और चर्चित लाइफ कोच जय शेट्टी को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि शेट्टी ने अपने जीवन की कहानी के बारे में झूठ फैलाया है (Jay Shetty lied about past and his life story). इसके बाद से वो आलोचना के घेरे में आ गए हैं. शेट्टी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर लिखा है कि उन्होंने अपने बचपन के दिनों में भारत में भिक्षुओं के साथ कुछ समय बिताया था. लेकिन उनका ये दावा झूठा निकला है. ये हम नहीं, दी गार्जियन की एक रिपोर्ट कह रही है.
जिंदगी के सबक देने वाले फेमस लाइफ कोच जय शेट्टी का बड़ा झूठ सामने आया
आरोप है कि जय शेट्टी ने अपने जीवन के बारे में कई फैक्ट्स को गलत तरह से पेश किया है. उन्होंने अपने रेज्यूमे में बताया है कि उनके पास बिहेवियरल साइंस में डिग्री है. लेकिन जिस बिजनेस स्कूल से उन्होंने ये डिग्री हासिल की है वहां इस तरह का कोई कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है.

जय शेट्टी बेस्ट सेलिंग बुक 'Think Like A Monk: Train Your Mind for Peace and Purpose Every Day' के लेखक हैं. ब्रिटेन के बड़े अखबार दी गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस किताब में शेट्टी ने झूठा दावा किया कि उन्होंने भारत के मंदिरों में तीन साल बिताए थे. अखबार ने लिखा शेट्टी के इस दावे में कोई दम नहीं है.
36 साल के जय शेट्टी लंदन में पैदा हुए थे. जिसके बाद उन्होंने बिजनेस स्कूल में पढ़ाई की. जय “On Purpose” नाम से एक पॉडकास्ट होस्ट करते हैं. जहां उन्होंने मिशेल ओबामा, किम कार्दशियन और कोबे ब्रायंट जैसे गेस्ट को होस्ट किया है. इतना ही नहीं, वे Jay Shetty Certification School भी चलाते हैं. जहां स्टूडेंट्स हजारों रुपये देकर उनके कोर्स में पढ़ते हैं. हालांकि, अब कहा गया है कि शेट्टी ने जो जानकारियां साझा की हैं वो सब फर्जी हो सकती हैं. उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन पर भी सवाल उठ रहे हैं.
दी गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा,
“ग्रेजुएट होने के बाद, शेट्टी ने अपना सफलता भरा जीवन छोड़कर खुद एक भिक्षु का जीवन जीना शुरू किया. तीन साल बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनके जीवन का उद्देश्य एक भिक्षु का विनम्र जीवन जीना नहीं है, बल्कि दुनिया के साथ ज्ञान साझा करना है. इस तरह से उनके जीवन का ट्रांसफॉर्मेशन हुआ. वो पब्लिक सेल्फ हेल्प पर्सनालिटी बने.”
आगे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शेट्टी ने अपनी जीवन के बारे में कई फैक्ट्स को गलत तरह से पेश किया है. उन्होंने अपने रेज्यूमे में बताया है कि उनके पास बिहेवियरल साइंस में डिग्री है. लेकिन जिस बिजनेस स्कूल से उन्होंने ये डिग्री हासिल की है वहां इस तरह का कोई कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है. दी गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में ये भी दावा किया है कि जय शेट्टी अपनी स्पिरिचुअल आइडेंटिटी का इस्तेमाल करके भारी रकम कमाते हैं. रिपोर्ट में बताया गया,
“जय शेट्टी स्पिरिचुअल आइडेंटिटी का इस्तेमाल कर बड़ी फॉलोइंग बनाने वाले पहले सेल्फ हेल्प गुरु नहीं हैं. लेकिन वो अपनी गाइडेंस के लिए लोगों से बड़ी रकम डिमांड करते हैं. उन्होंने अपनी स्पिरिचुअल आइडेंटिटी के जरिए कई सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम और एजुकेशन सर्विसेज शुरू की हैं. इसमें लाइफ कोचिंग स्कूल भी शामिल है. जिसमें वो पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के लिए 6 लाख रुपये से भी ज्यादा चार्ज करते हैं.”
रिपोर्ट में शेट्टी के हरे कृष्णा संगठन से संबंध के बारे में भी बताया गया. खुलासा किया गया कि संगठन से जुड़े विवादों के कारण शेट्टी इस मामले में कुछ कहने से बचते हैं. रिपोर्ट में लिखा गया,
“शेट्टी इस्कॉन के बारे में उल्लेख करने से बचते हैं. इसके बजाय वो खुद को ‘वैदिक भिक्षु’ बताते हैं.”
ये भी खुलासा गया कि जय शेट्टी कई सालों से प्लेजरिज्म के आरोपों से जूझ रहे हैं. दी गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि साल 2019 में शेट्टी ने अपने यूट्यूब और इंस्टाग्राम से 100 से ज्यादा पोस्ट हटाए थे. जय ने ये पोस्ट यूट्यूबर निकोल आर्बर के आरोपों के बाद हटाए थे. आर्बर ने इन सभी पोस्ट के ओरिजनल सोर्स को एक्सपोज़ किया था.
आर्बर के आरोपों के बाद शेट्टी ने अपने कर्मचारियों को उन सभी पोस्ट और कंटेंट की जांच करने को कहा था, जिनके कंटेंट कहीं और से उठाए गए थे. शेट्टी के एक पूर्व कर्मचारी ने अखबार को बताया कि इस दौरान शेट्टी ने क्राइसिस से लड़ने के लिए एक PR फर्म को भी हायर किया था. फर्म ने शेट्टी के कंटेंट में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन कैंपेन चलाया.
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