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BPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे खान सर और रहमान सर क्या बोले?

खान सर ने दी लल्लनटॉप से कहा कि वे छात्रों की इस लड़ाई में अहिंसात्मक तरीके से साथ देंगे. उन्होंने छात्रों की मांग पर जोर देते हुए कहा कि आयोग को दोबारा परीक्षा आयोजित करना चाहिए.

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छात्रों के प्रदर्शन में पहुंचे खान सर. (फोटो - पीटीआई)

पटना में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा दोबारा करवाने की मांग कर रहे छात्रों का प्रदर्शन जारी है. अभ्यर्थी पेपर लीक का दावा कर परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. 27 दिसंबर को अभ्यर्थियों के इस प्रदर्शन में पटना के चर्चित कोचिंग संचालक 'खान सर' और मोतिउर रहमान भी पहुंचे. इससे पहले, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी छात्रों से मिलने पहुंचे. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर लाठी चलेगी तो इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा.

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राजधानी के गर्दनीबाग इलाके में 18 दिसंबर से अभ्यर्थियों का ये प्रदर्शन जारी है. छात्रों का आरोप है कि कुछ सेंटर्स पर परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर लीक हो गए थे. इसलिए वे दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं. दो दिन पहले, 25 दिसंबर को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिसमें कई छात्र घायल हुए. इसके बाद से छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है.

छात्रों के बीच प्रदर्शन में पहुंचे खान सर ने दी लल्लनटॉप से कहा कि लोकसेवा आयोग के प्रतिनिधियों को यहां आकर छात्रों से मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे छात्रों की इस लड़ाई में अहिंसात्मक तरीके से साथ देंगे. उन्होंने छात्रों की मांग पर जोर देते हुए कहा कि आयोग को दोबारा परीक्षा आयोजित करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 

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"आयोग आप छात्रों से सीसीटीवी फुटेज छिपा रहा है. सरकार के पास सारे सबूत हैं. गुनहगार आयोग है. लापरवाही आयोग की है. आयोग ने धांधली करवाई है. छात्रों को इसकी सजा नहीं भुगतनी चाहिए. हमें दोबारा परीक्षा का नोटिफिकेशन चाहिए. आयोग अयोग्य है."

वहीं रहमान सर के नाम से चर्चित मोतिउर रहमान ने लल्लनटॉप से कहा कि दोबारा परीक्षा होने के बाद ही छात्रों के साथ इंसाफ होगा. अपने खिलाफ FIR दर्ज होने पर उन्होंने कहा कि अगर बच्चों के लिए मरना भी पड़े तो वे तैयार हैं, FIR से कोई डर नहीं है.

इससे पहले प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा. उन्होंने कहा कि वे छात्रों की मार्च में उनके साथ होंगे. किशोर ने मीडिया से कहा, 

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"अगर कोई सरकार से अनुमति लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहा है तो आप उससे बातचीत कीजिए, लाठी मारने का अधिकार आपको किसने दिया है. जब भी छात्र मार्च लेकर निकलेंगे, तो इसकी अगुवाई के लिए प्रशांत किशोर और जन सुराज के साथी उन छात्रों के साथ चलेंगे."

जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने 27 दिसंबर को इस मुद्दे पर नीतीश कुमार को एक पत्र भी लिखा. उन्होंने मुख्यमंत्री को छात्रों की मांग पर कार्रवाई का अनुरोध किया. साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांग पर 28 दिसंबर को दोपहर 12 बजे तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो जन सुराज पार्टी अभ्यर्थियों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के लिए बाध्य होगी.

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BPSC ने पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर आयोजित 70वीं प्री परीक्षा रद्द कर दी थी. 13 दिसंबर को अभ्यर्थियों के कथित हंगामे के बाद एक अधिकारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. आयोग ने 34 छात्रों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था, जो कथित तौर पर हंगामे में शामिल थे.

अब इस सेंटर की परीक्षा 4 जनवरी 2025 को किसी और जगह होगी, जिसमें करीब 12 हजार छात्र शामिल होंगे. हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्र पेपर लीक का आरोप लगाकर पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. आयोग इस मांग से इनकार कर चुका है.

वीडियो: BPSC Protest: प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार को 3 दिनों का अल्टीमेटम दिया है

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