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2018 की वो 24 हिंदी फिल्में जो मस्ट वॉच हैं!

साल की बहु-प्रतीक्षित फिल्में.

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फिल्म "ओमर्टा" के एक दृश्य में राजकुमार राव, उमर शेख़ की भूमिका में. (फोटोः biff.kr)

 #1. ओमर्टा

'शाहिद' फेम डायरेक्टर हंसल मेहता की ये प्रस्तुति उनके करियर की सबसे ताकतवर फिल्म हो सकती है. भारतीय सिनेमा की भी बहुत महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक. ये कहानी अहमद ओमर सईद शेख़ की लाइफ की है जिस पर 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल की किडनैपिंग और हत्या का आरोप था. इसके लिए उसे मौत की सज़ा भी सुनाई गई, हालांकि वो आज भी जिंदा है. राजकुमार राव ने इसमें उमर शेख़ की भूमिका है.
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#2. मुक्काबाज़


साल की सबसे बहु-प्रतीक्षित फिल्मों में जो सबसे पहले सिनेमाघरों में पहुंच रही है वो है डायरेक्टर अनुराग कश्यप की 'मुक्काबाज़'. ये कहानी है उत्तर प्रदेश के एक 'नीची' जाति के लड़के श्रवण की जो एक यंग बॉक्सर है. उसे एक ब्राह्मण लड़की से प्यार हो जाता है. अब ये जातिवादी समाज और जातिवादी परिवार कैसे उसके प्यार और उसके स्पोर्ट्स करियर को तबाह करने को उठ खड़े होते हैं और कैसे वो उनका सामना करता है ये कहानी में दिखता है. विनीत कुमार सिंह (गैंग्स ऑफ वासेपुर, अग्ली) इसमें लीड रोल कर रहे हैं. ज़ोया हुसैन, जिमी शेरगिल और रवि किशन अन्य प्रमुख भूमिकाओं में हैं. 'मुक्काबाज़' 12 जनवरी को रिलीज हो रही है.

#3. संजू

बायोपिक के एक शूट के दौरान संजय के लुक में रणबीर कपूर.
बायोपिक के एक शूट के दौरान संजय के लुक में रणबीर कपूर.

देश के अव्वल डायरेक्टर्स में से एक राजकुमार हीरानी 'पीके' के बाद ये फिल्म ला रहे हैं. नाम अभी तय नहीं हुआ लेकिन अस्थायी रूप से इसे 'संजू' बोला जो रहा है. ये एक्टर संजय दत्त की बायोपिक है जिसमें रणबीर कपूर लीड रोल में हैं. कहानी में संजय के जीवन के कई अध्यायों को प्रस्तुत किया जाएगा. हीरानी इसमें संजय दत्त की लाइफ की सच्ची घटनाओं को दिखाएंगे लेकिन पूरी कहानी में संजय की एक पॉजिटिव और जिंदादिल छवि पेश करेंगे. फिल्म मनोरंजक रखी जाएगी. परेश रावल इसमें सुनील दत्त, मनीषा कोईराला इसमें नरगिस और दीया मिर्जा इसमें मान्यता दत्त की भूमिका में होंगे. सोनम कपूर, विकी कौशल और अनुष्का शर्मा भी अन्य किरदारों में दिखेंगे. हीरानी ने घोषणा कर दी है कि 29 जून को फिल्म रिलीज करेंगे.

#4. अक्टूबर

फिल्म के फर्स्ट लुक में वरुण धवन.
फिल्म के फर्स्ट लुक में वरुण धवन.

'पिंक' जैसी ताकतवर फिल्म के प्रोड्यूसर शूजीत सरकार ने इसे डायरेक्ट किया है. कहानी के बारे में अभी कुछ पता नहीं लेकिन ये एक लव स्टोरी है. दो युवाओं की जर्नी. ये रोल वरुण धवन और बनीता संधू कर रहे हैं. बनीता वेल्स, यूके से हैं और इससे पहले शूजीत के विज्ञापनों में काम कर चुकी हैं. ये उनकी पहली फीचर फिल्म है. 'अक्टूबर' की शूटिंग बीते नवंबर पूरी हो गई थी, अब 13 अप्रैल को फिल्म रिलीज होगी. इसकी राइटर हैं जूही चतुर्वेदी जिन्होंने इससे पहले 'विकी डोनर' औऱ 'पीकू' की कहानी, स्क्रीनप्ले, डायलॉग लिखे थे.

#5. पद्मावत


संजय भंसाली ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सुझाव स्वीकार किए तो फिल्म का टाइटल यही होगा. अपने कंटेंट में ये फिल्म कितनी रेलेवेंट और प्रशंसनीय होगी ये तो फिल्म देखने के बाद ज्ञात होगा लेकिन 'पद्मावत' की मेकिंग के प्रोसेस में जिस हिंसक तरीके से भंसाली से बर्ताव हुआ और जैसे रिलीज को रोका गया है, उसके बाद इस फिल्म का संदर्भ बहुत ऐतिहासिक हो चुका है. अब ये फिल्म सौ बरस भी नहीं भुलाई जा सकेगी. न सिर्फ फिल्म के कंटेंट को देखने के लिए जिज्ञासा है बल्कि इसकी प्रतीक्षा इसलिए भी है क्योंकि इसे देखना अभिव्यक्ति की आज़ादी को सपोर्ट करने के लिए बहुत जरूरी है. रणवीर सिंह, शाहिद कपूर औऱ दीपिका पादुकोण अभिनीत 'पद्मावत' की कहानी मलिक मुहम्मद जायसी के 1540 में लिखे काव्य पर आधारित है. चितौड़ के राजा रतन सिंह और उनकी दूसरी पत्नी पद्मावती की इस प्रेम कहानी में औचक मोड़ तब आता है जब दिल्ली के शासक अलाउद्दीन खिलजी से कोई पद्मावती का जिक्र कर देता है. अब वो पद्मावती को हासिल करना चाहता है. वो बहुत ताकतवर सेनाओं का मालिक है और रतन सिंह के लिए उससे जीतना संभव नहीं, ऐसे में आगे क्या होता है. 'पद्मावत' की रिलीज अनिश्चित है, ताज़ा खबर है कि ये 25 जनवरी को रिलीज होगी.

#6. संदीप और पिंकी फरार

फिल्म की शूटिंग के दौरान परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर.
फिल्म की शूटिंग के दौरान परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर.

डायरेक्टर दिबाकर बैनर्जी (ओए लक्की लक्की ओए, शंघाई, खोसला का घोसला) की ये फिल्म एक ऐसे लड़के और लड़की की है जो एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर सकते लेकिन एक-दूसरे के बिना रह भी नहीं सकते. परिणीति चोपड़ा एक रोल में हैं और दूसरे में अर्जुन कपूर तो दिल्ली पुलिस के कॉन्सटेबल सतिंदर दहिया का रोल निभा रहे हैं.

#7. भस्मासुर


ये कहानी राजस्थान के एक गांव में रहने वाले आदमी धानू की है जो अपना कर्जा चुकाने के लिए अपने 10 साल के बेटे का प्रिय और घर का गधा भस्मासुर बेचने का फैसला करता है. बेटा टीपू विरोध करता है लेकिन उसकी नहीं चलती. अब ये तीनों शहर जाने को निकलते हैं. इस जर्नी के दौरान क्या भावनात्मक और भौतिक घटनाएं होती हैं वो आगे दिखता है. इस इंडिपेंडेंट फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है निशिल सेठ ने. बनाने में क्राउडफंडिंग का इस्तेमाल भी किया. 1 घंटे 14 मिनट की इस फिल्म की थियेटर स्क्रीनिंग शायद ही हो पाएगी. इसे किसी और माध्यम पर ही देखा जा सकेगा. पिछले साल मामी फिल्म फेस्ट में इसका प्रीमियर किया गया था.

#8. बत्ती गुल मीटर चालू

शाहिद के करियर की शायद इस तरह की ये पहली सोशल ड्रामा होगी.
शाहिद के करियर की शायद इस तरह की ये पहली सोशल ड्रामा होगी.

ये कहानी बिजली के बढ़ते दामों और जनता को उससे होने वाली समस्या के बारे में है. फिर एक सामाजिक कार्यकर्ता इसके खिलाफ आवाज़ उठाता है. कहानी में केंद्रीय पात्र शाहिद कपूर का है. यामी गौतम शायद इसमें वकील की भूमिका में हैं. इस सोशल ड्रामा को डायरेक्ट करेंगे श्री नारायण सिंह जिन्होंने अक्षय कुमार की सोशल ड्रामा 'टॉयलटः एक प्रेमकथा' बनाई थी. 'बत्ती गुल..' 31 अगस्त को रिलीज होनी है.

#9. द सॉन्ग ऑफ स्कॉरपियन्स


ये कहानी राजस्थान के धोरों में रहने वाले सिंधी-मुस्लिम समुदाय की नूरन (गोलशिफतेह फराहानी) की है जो बिच्छू और सांप का काटा ज़हर उतारने का मंत्र अपनी दादी (वहीदा रहमान) से सीख रही है. एक ऊंटों का व्यापारी है आदम (इरफान खान) जो बुरा है लेकिन नूरन से मिलने के बाद वो भी भला होता जाता है. लेकिन फिर कहानी में इन किरदारों को विचलित करने वाले हादसे होते हैं. नूरन को धोखे से ज़हर दे दिया जाता है. अब उसे इसका बदला भी लेना है और अपने लिए वो एक गाना खोजना है. कहानी का अमूर्त भाव कुछ यूं है कि इंसान घृणा, हिंसा, राजनीति, गैर-बराबरी जैसे कई ज़हर रोज़ अपनी सांसों के साथ पीता है लेकिन क्या हो अगर सांस छोड़ते समय वो ज़हर न छोड़े और कुछ ऐसा छोड़े जो सृजनात्मक और सृष्टि को स्वस्थ करने वाला हो. जैसे कि – संगीत. 'किस्सा' जैसी बहुत उम्दा फिल्म के बाद डायरेक्टर अनूप सिंह अपनी ये अगली फिल्म लेकर आ रहे हैं. उनकी फिल्में गहरे निहितार्थ और मानव मूल्य लिए होती हैं.

#10. गली बॉय

रणवीर सिंह फिल्म में अपने रैप ख़ुद भी गाएंगे.
रणवीर सिंह फिल्म में अपने रैप ख़ुद भी गाएंगे.

ज़ोया अख़्तर की एक आलोचना हमेशा होती है कि वे हाई सोसायटी की कहानियां कहती हैं लेकिन इस अगली फिल्म के साथ वो इस आलोचना को पीछे छोड़ सकती हैं. 'गली बॉय' मुंबई की झुग्गियों से निकले एक लड़के की कहानी है जिसकी एक बैक स्टोरी है और वो परिस्थितियों को विपरीत जाकर फेमस हिंदी रैपर बनता है. ये कहानी रैपर डिवाइन और नेज़ी की लाइफ से प्रेरित है. इनके हिट रैप ‘मेरे गली में’ के बाद इनकी एक पहचान गल्ली बॉय की भी है और फिल्म का नाम भी यहीं से निकला है. प्री-प्रोडक्शन, स्टोरी, रिसर्च, ऑडिशन और सॉन्ग रिक़ॉर्डिंग वगैरह में डिवाइन रणवीर सिंह के साथ उन्हें गाइड करते नजर आए हैं. रणवीर फिल्म में अपकमिंग रैपर का किरदार कर रहे हैं. उनके साथ आलिया भट्ट भी हैं. फिल्म की रिलीज डेट अभी आनी है.

#11. लव सोनिया

राजकुमार राव औऱ ऋचा चड्ढा समेत फिल्म में कई प्रभावशाली कलाकार हैं.
राजकुमार राव औऱ ऋचा चड्ढा समेत फिल्म में कई प्रभावशाली कलाकार हैं.

ये फिल्म सेंसर बोर्ड की वजह से चर्चा में आई. पहले इसे रोक दिया गया और बाद में 45 कट लगाने के लिए कहा गया. 'लव सोनिया' एक गांव (राजस्थान?) की लड़की कहानी है, कैसे वो मानव तस्करी और देह-व्यापार का शिकार होती है. उसके साथ दूसरे बहुत से किरदारों से कहानी गुजरती है. अंत में पता चलता है कि वो कैसे इस इंटरनेशनल सेक्स ट्रैफिकिंग की दुनिया से आज़ाद होती है. अपने विषय़ की वजह से फिल्म में स्ट्रॉन्ग दृश्य भी हैं जिनकी वजह से सेंसर बोर्ड के हाथ-पैर फूल गए थे. इस फिल्म को तबरेज नूरानी ने डायरेक्ट किया है जो हॉलीवुड में एक जाना-माना नाम हैं. वे 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लाइन प्रोड्यूसर भी थे. 'लाइफ ऑफ पाई', 'ज़ीरो डार्क थर्टी', 'द हंड्रेड फुट जर्नी' और 'लॉयन' जैसी फिल्मों के निर्माण से भी जुड़े रहे हैं. बताया जाता है कि उन्होंने इस फिल्म पर 12 साल काम किया है. 'लव सोनिया' का विषय़ बहुत ही प्रासंगिक और बहुत ज़रूरी है. इसमें बहुत सारे ऐसे कलाकार हैं जिनके अभिनय की प्रतीक्षा रहती है. हॉलीवुड एक्ट्रेस डेमी मूर (अ फ्यू गुड मैन, जी.आई.जेन), सनी पवार (लॉयन) और फ्रीडा पिंटो इसमें हैं. मनोज बाजपेयी, राजकुमार राव, ऋचा चड्ढा, अनुपम खेर, आदिल हुसैन, सई तम्हाणकर और मृणाल ठाकुर भी.

#12. पांच रुपैया


प्रेमचंद की मशहूर कहानी 'ईदगाह' पर ये फिल्म बनी है. बचपन में, स्कूल में इस कहानी को लाखों बच्चों ने पढ़ा था और विस्मय में पड़ गए थे. भारत में आज जब कम्युनिटीज़ को एक-दूसरे से लड़वाने की पॉलिटिक्स की जा रही है तब ईदगाह का फिल्म के रूप में आना अनूठा है. इस साल ये फिल्म तो अनिवार्य रूप से देखनी चाहिए. ‘पांच रुपैया’ की कहानी कश्मीर से स्थित है. जहां सात साल का हामिद (योहान पंजुआनी) अपनी दादी अमीना (शबाना आज़मी) के साथ रहता है. गरीबी की हालत में अमीना अपने पोते के लिए दिन-रात मेहनत करती है, सिलाई वगैरह का काम करती है. फिर ईद आती है जब हामिद को ईदी की उम्मीद है ताकि अपने लिए बाज़ार से कोई मनचाही चीज़ लेकर आए. लेकिन उस गुरबत में पांच रुपए की खरीदारी ये घर अफोर्ड नहीं कर सकता. हामिद घर में से पांच रुपए चुराकर बाज़ार जाता है. अमीना ये जानकर बहुत नाराज हो जाती है. फिर अंत में कुछ ऐसा होता है जो भावुक कर देता है. 15 साल से विज्ञापन फिल्में बना रहे पीयूष पंजुआनी ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है.

#13. ज़ू

फिल्म में धारावी के उन दो रैपर्स का एक दृश्य.
फिल्म में धारावी के उन दो रैपर्स का एक दृश्य. (फोटोः biff.kr)

फीचर फिल्म 'हरामख़ोर' से अपना डेब्यू करने वाले डायरेक्टर श्लोक शर्मा की ये दूसरी फिल्म है. इस कहानी में पांच किरदार हैं. पहला एक लड़का है जिसे ड्रग्स की लत है और वो किसी वजह से पछतावे में जल रहा है. दूसरी एक वेट्रेस और उसका भाई हैं. इनके अलावा दो लड़के भी हैं जो धारावी की झुग्गी में रहते हैं और रैपिंग करते हैं. वे दोनों अमेरिकी रैपर्स टुपैक और बिगी (जिनकी हत्याएं कर दी गई थीं) के बहुत बड़े फैन हैं और उन्हीं की तरह दिखने की कोशिश भी करते हैं. वे अपने अंदाज में दुनिया बदलने की कोशिश करना चाहते हैं. कहानी के सारे किरदार अपने बुरे हालातों में से बाहर निकलना चाहते हैं लेकिन उनके जो सरवाइवल के तरीके हैं वे ही उन्हें और अधिक खतरे में डालते हैं. ये भूमिकाएं शशांक सनी अरोड़ा (तितली), श्वेता त्रिपाठी (हरामखोर), राहुल कुमार, प्रिंस डेनियल और योगेश कुर्मे ने की हैं. ज़ू को लेकर उत्साह ये भी है कि ये आईफोन से शूट की गई इंडिया की पहली फिल्म है. इससे पहले डायरेक्टर शॉन बेकर ने 2015 में अपनी फिल्म 'टैंजरीन' आईफोन से बनाई थी. श्लोक की प्रेरणा भी ये फिल्म ही थी.

#14. केदारनाथ

फिल्म में सारा अली ख़ान का फर्स्ट लुक.
फिल्म में सारा अली ख़ान का फर्स्ट लुक.

'रॉक ऑन' और 'काई पो छे' जैसी फिल्मों के डायरेक्टर अभिषेक कपूर की अगली फिल्म 'केदारनाथ' इस सूची में इसलिए नहीं है कि सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान को इस प्रोजेक्ट से लॉन्च किया जा रहा है बल्कि इस फिल्म का संदेश विशेष है. ये कहानी 2013 के उत्तराखंड में स्थित है जहां हिंदुओं की श्रद्धा के बहुत बड़े धाम केदारनाथ की यात्रा करने एक परिवार आता है. यहां पिट्ठू है एक मुस्लिम युवक (सुशांत सिंह राजपूत) जो बुजुर्ग-थके श्रद्धालुओं को कंधे पर लादकर ऊंची चढ़ाई चढ़ता है. इस परिवार के साथ आई एक युवती और इस युवक में प्रेम हो जाता है लेकिन धर्म अलग-अलग है. रास्ते में बहुत मुश्किलें हैं. लेकिन फिर उत्तराखंड में बाढ़ आती है जो केदारनाथ से लेकर नीचे तक सब तबाह कर देती है. इस दौरान ये पिट्ठू क्या करता है, इस परिवार का क्या होता है और इनके प्रेम का क्या होता है, ये कहानी में आगे ज्ञात होता है. यहीं पर ये फिर साबित होता है कि प्यार और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं. अभी मेकर्स ने कहानी नहीं बताई है लेकिन मान सकते हैं कि यही इसकी कहानी है. वैसे ये एक रेग्युलर बॉलीवुड लव-स्टोरी होने के नाते औसत है लेकिन देश में अभी लव जिहाद के नाम पर जैसा खतरनाक प्रोपोगैंडा हिंदुत्ववादी समूहों और राजनेताओं द्वारा चलाया जा रहा है, उस माहौल में 'केदारनाथ' जैसी फिल्म का आना बहुत ही उत्साहजनक और ज़रूरी है. ये फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होनी प्रस्तावित है.

#15. ज़ीरो


आनंद एल. राय की इस फिल्म की चर्चा चार साल से है. पहले ये फिल्म सलमान खान को ऑफर हुई थी. आनंद राय के हवाले से तब कह दिया गया कि सलमान ने हां भी कर दी है. लेकिन सलमान इससे गुस्सा हो गए कि फिल्म को लेकर ये डीटेल्स सार्वजनिक कैसे कर दी गईं. शायद फिल्म के कंटेंट की वजह से या इस कारण से उन्होंने फिल्म ठुकरा दी. अब ये शाहरुख खान को लेकर बनाई जा रही है. ये फिल्म चर्चा में है क्योंकि इसमें शाहरुख एक कम कद के/बौने व्यक्ति का रोल कर रहे हैं. टीज़र आ चुका है और उसने सब में समान रूप से जिज्ञासा जगाई है. इस सूची में 'ज़ीरो' उसके सुपरस्टार्स की वजह से नहीं बल्कि इसलिए है क्योंकि कम कद के व्यक्तियों पर फिल्में न के बराबर बनती है, उनमें भी अगर ऐसी बन रही हो जो समाज की क्रूर मान्यताओं और असंवेदनशीलता को तोड़ने वाली हो तो उसे लेकर उत्साह होता है. इस फिल्म में भी ऐसा ही लग रहा है.
'ज़ीरो' में शाहरुख का पात्र.
'ज़ीरो' में शाहरुख का पात्र.

बताया जाता है कि इसमें शाहरुख के दो रोल हैं. एक बौने व्यक्ति का, दूसरा आम कद काठी के व्यक्ति का. सलमान खान इसमें अतिथि भूमिका में होंगे. अनुष्का शर्मा औऱ कटरीना कैफ भी अन्य भूमिकाओं में हैं. तिग्मांशु धूलिया इसमें शाहरुख के किरदार के पिता बने हैं. कहानी के बारे में अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है लेकिन ये ज्ञात है कि ये एक नए दौर के रिश्तों की कहानी है. संभवतः इसमें ज़ीरो (शाहरुख) एक हीरोइन (कटरीना) का गज़ब दीवाना है. फिर उसकी जिंदगी में दूसरी लड़की (अनुष्का) भी आती है. इसकी कहानी वैसे ही शुरू होगी जैसी आनंद राय की बाकी फिल्में शुरू होती हैं लेकिन इसका अंत ऐसा होगा जो उनके लिए भी नया है. 'ज़ीरो' 21 दिसंबर 2018 को रिलीज होगी.

#16. सुई धागा

फिल्म में वरुण धवन का लुक.
फिल्म में वरुण धवन का लुक.

'दम लगाके हईशा' जैसी फिल्म के राइटर-डायरेक्टर शरत कटारिया की ये अगली फिल्म है. इसकी कहानी एक ऐसे युवक के बारे में है जो सिलाई का काम करता है. कहानी में एक मजबूत फीमेल कैरेक्टर भी है. मेड इन इंडिया, आत्मनिर्भरता और लघु उद्योगों को प्रमोट करने वाली इस कहानी में ये दो प्रमुख भूमिकाएं वरुण धवन और अनुष्का शर्मा निभा रहे हैं. यशराज फिल्म्स के आदित्य चोपड़ा और मनीष शर्मा इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं. इस साल गांधी जयंती पर, 2 अक्टूबर को फिल्म रिलीज की जाएगी.

#17. धड़क

फिल्म के एक सीन में जाह्नवी और ईशान अपने किरदारों में.
फिल्म के एक सीन में जाह्नवी और ईशान के किरदार.

वैसे ये मूवी चर्चा में इसलिए है क्योंकि श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी को काफी इंतजार और चुनाव के बाद इस फिल्म से बॉलीवुड में लॉन्च किया जा रहा है. शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर की भी ये पहली कमर्शियल फिल्म है. लेकिन यहां इसकी गुणवत्ता ये स्टार किड्स नहीं, फिल्म की कहानी है. 2016 में आई राइटर-डायरेक्टर नागराज मंजुले की मराठी फिल्म 'सैराट' ने 120 करोड़ की कमाई करके ट्रेड विशेषज्ञों को और अपनी हिला देने वाली कहानी से आलोचकों को अचंभित कर दिया था. इसी मराठी फिल्म की हिंदी रीमेक है 'धड़क'. इसकी कहानी राजस्थान में बसी है. जहां एक ‘नीची’ जाति के टैलेंटेड लड़के और एक 'ऊंची' जाति की मज़बूत ख़याल लड़की को प्रेम हो जाता है. लेकिन लड़की के परिवार को लड़के की कास्ट से घोर एतराज है और वे इसके लिए वैसी ही हिंसा करने को तैयार है जैसी हम भारत में ऑनर/हॉरर किलिंग के मामलों में देख रहे हैं. 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' और 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' जैसी हल्की-फुल्की फिल्में बनाने वाले शशांक खेतान इसके डायरेक्टर हैं. इस फिल्म में नागराज का मराठी वर्जन बहुत भिन्न रवैये वाला था जिसकी फीमेल लीड ऑडिशन से चुनी गई थी और उसने फिल्म को अपने कच्चेपन की वजह से वास्तविकता के अलग ही स्तर पर ले जाकर खड़ा किया. जाह्नवी ऐसा कर पाएगी इसमें संदेह ही है. शशांक भी इस हार्डकोर इंटरकास्ट लव स्टोरी को कितना हार्डकोर रख पाते हैं, इसमें संदेह. बावजूद इन सबके अगर डायरेक्टर फिल्म की कहानी को भी फॉलो कर ले तो ये एक महत्वपूर्ण फिल्म बन जाएगी. 'धड़क' 6 जुलाई को रिलीज की जानी है.

#18. शहजार


एक कश्मीरी परिवार की कहानी है ये जो किसी अनजान मिशन पर मुंबई आता है. कहानी में आगे इसके बारे में पता चलता है. ये फिल्म मानवता की बात करती है. इसे डायरेक्ट किया है निखिल अलग ने जो 'मुन्नाभाई एमबीबीएस', 'पीके', '3 ईडियट्स' जैसी फिल्मों में डायरेक्टर राजकुमार हीरानी असिस्टेंट रह चुके हैं. 2011 में उन्होंने 'स्लमडॉग मिलियनेयर' फेम बाल अदाकारा रुबीना अली कुरैशी पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द वन विंग्ड बटरफ्लाई' बनाई थी. उनकी नई फिल्म 'शहजार' का मतलब होता है आसरा, ओट या छाया.

#19. सूरमा

फिल्म के पोस्टर में दिलजीत.
फिल्म के पोस्टर में दिलजीत.

ये इंडिया की हॉकी टीम के खिलाड़ी संदीप सिंह की बायोपिक है जिन्हें गोली लग गई थी. उसके बाद वो दो साल व्हीलचेयर पर रहे. लेकिन न सिर्फ उन्होंने ख़ुद को रिकवर किया, बल्कि इंडियन टीम के कैप्टन भी बने. 'बंटी और बबली', 'ओके जानू' और 'साथिया' जैसी फिल्मों के मेकर शाद अली 'सूरमा' को डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म में संदीप सिंह का रोल दिलजीत दोसांझ कर रहे हैं जो पंजाबी सिंगर और एक्टर हैं. उन्होंने अभिषेक चौबे की फिल्म 'उड़ता पंजाब' से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था. फिर 'फिल्लौरी' में भी दिखे. इस फिल्म में उनके कोच के रोल में विजय राज होंगे और तापसी पन्नू भी. फिल्म 29 जून को रिलीज होनी है, उसी दिन राजकुमार हीरानी वाली 'संजू' भी रिलीज हो रही है.

#20. भावेश जोशी

फिल्म में हर्षवर्धन कपूर का लुक.
फिल्म में हर्षवर्धन कपूर का लुक.

'दी लल्लनटॉप' की 2017 की 15 मस्ट वॉच फिल्मों में भी 'भावेश जोशी' थी लेकिन बीते साल रिलीज नहीं हुई. अब 25 मई को ये रिलीज होनी प्रस्तावित है. ये एक गुजराती लड़के भावेश जोशी की कहानी बताया जा रही थी जिसमें सुपरपावर्स आ जाती हैं. हालांकि ये विशुद्ध रूप से सुपरहीरो मूवी नहीं है. ये एक विजिलांते फिल्म है जिसमें मुंबई में रहने वाला एक लड़का सड़कों पर उतरता है. न जाने उसके पास क्या शक्तियां हैं. फिल्म में यथार्थपूर्ण लेकिन भरपूर एक्शन भी है. ये एक एक्शन मूवी होने के अलावा buddy comedy भी है. इसमें विजिलांते लड़के के साथ उसके रूममेट दोस्त भी होता है. इनकी हंसी-ठिठोली है. हर्षवर्धन कपूर इसमें भावेश बने हैं. राकेश मेहरा की ‘मिर्जया’ से 2016 में डेब्यू करने वाले हर्ष की ये दूसरी फिल्म है. फिल्म में उनके कई लुक माने जा रहे हैं जिनमें वे प्रोस्थेटिक मेकअप में दिख सकते हैं. इसे डायरेक्ट किया है विक्रमादित्य मोटवानी ने जिनका बरसों का सपना ये फिल्म थी. स्क्रिप्ट में उनके साथ अनुराग कश्यप का हाथ भी लगा है. ‘भावेश जोशी’ का पोलिटिकल एंगल उत्साह जगाता है. क्योंकि 2013 में जब कॉन्ग्रेस सत्ता में थी तब इसकी स्क्रिप्ट कुछ और थी और नई सरकार बनी तो स्क्रिप्ट में बदलाव किए गए. फिल्म में मुंबई से जुड़े हुए राजनीतिक मुद्दे देखने को मिल सकते हैं.'

#21. पैडमैन


ये लक्ष्मीकांत (अक्षय) नाम के कस्बाई आदमी की कहानी है जो अपनी पत्नी गायत्री (राधिका आप्टे) की बहुत ज्यादा केयर करता है. वह स्त्रियों के कष्टों को लेकर बहुत संवेदनशील है. इतना कि अपनी पत्नी और बहन के कष्टों को देखते हुए उनके लिए पीरियड्स के दौरान यूज़ होने वाले पैड बनाने की ठान लेता है. इस काम के लिए पहले तो उसे अपनी पत्नी और अपने परिवार की औरतों का ही विरोध झेलना पड़ता है क्योंकि छोटी जगहों पर ऐसी बातें करना भी अनैतिक माना जाता है. लेकिन वो नहीं मानता. वो ग्रामीण महिलाओं के लिए सस्ते पैड्स बनाने के मामले में इतना उल्लेखनीय काम करता है कि आईआईटी जैसे प्रसिद्ध स्कूल्स उस पर स्टडी करते हैं. फिल्म में सोनम कपूर भी हैं. उनकी कैरेक्टर लक्ष्मीकांत को मोटिवेट करती है और उसकी मदद करती है. ये कहानी जाने-माने तमिल सोशल एक्टिविस्ट अरुणाचलम मुरुगनंदम की असल स्टोरी पर ही आधारित है जिन्होंने बहुत ही कम कीमत के सैनिटरी नैपकिन्स बनाने वाली मशीन बनाई. 'चीनी कम', 'पा', 'शमिताभ' जैसी फिल्मों वाले आर. बाल्की ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है. इंडिया में ये 25 जनवरी को रिलीज होगी.

#22. शूट द पियानो प्लेयर

इस फिल्म का एक शॉट देते हुए आयुष्मान खुराना और फ्रांसुआ की दशकों पहले आई इसी नाम वाली फिल्म का पोस्टर.
इस फिल्म का एक शॉट देते हुए आयुष्मान खुराना और फ्रांसुआ की दशकों पहले आई इसी नाम वाली फिल्म का पोस्टर.

ये फिल्म का अस्थायी नाम है. कहानी एक ऐसे पियानो प्लेयर की बताई जाती है जो देख नहीं सकता. ये रोल आयुष्मान खुराना कर रहे हैं. उनके करियर की ये पहली थ्रिलर है, इससे पहले उन्होंने सारे हल्के-फुल्के रोल ही किए हैं. उनके अलावा फिल्म में तबु और राधिका आप्टे भी है. फिल्म के डायरेक्टर हैं श्रीराम राघवन जिन्होंने पिछली फिल्म 'बदलापुर' में वरुण धवन को बेहद इंटेंस और गंभीर रूप में प्रस्तुत कर दिया था. वैसी रिवेंज थ्रिलर इंडिया में शायद कभी नहीं बनी. 'शूट..' नाम से 1960 में भी एक फ्रेंच फिल्म आई थी जिसके डायरेक्टर थे वर्ल्ड सिनेमा के लैजेंड फ्रांसुआ ट्रफो. जिसकी कहानी एक पियानो प्लेयर चार्ली की थी जो अकारण ही गैंगस्टर्स के चक्करों में फंस जाता है.

#23. बियॉन्ड द क्लाउड्स

फिल्म के एक दृश्य में ईशान खट्टर.
फिल्म के एक दृश्य में ईशान खट्टर.

'चिल्ड्रेन ऑफ हैवन' और 'द कलर ऑफ पैरेडाइज़' जैसी विश्व प्रशंसित फिल्में बनाने वाले ईरानी फिल्ममेकर माजिद माजीदी ने ये भारतीय फिल्म डायरेक्ट की है. कहानी मुंबई के गरीब-निचले तबके की है, कैसे उन्हें समाज में न्याय नहीं मिलता. ये अमीर (ईशान खट्टर) से शुरू होती है जो डांसर है और अपराध की दुनिया से जुड़ गया है. उसकी एक बहन तारा (मालविका मोहनन) है जो लॉन्ड्री करके पेट पाल रही है. हत्या की कोशिश के आरोप में तारा को जेल हो जाती है. अब अमीर को अपने बैटल भी लड़ने हैं और अपनी बहन को भी बचाने की कोशिश करनी है. कहानी में स्त्रियों के साथ होने वाली यौन हिंसा का ज़रूरी बिंदु भी है. कहीं न कहीं ये फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' की याद दिला सकती है. 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' यानी बादलों के पार में सबसे प्रतीक्षित ये है कि ईरान के माजीदी भारत और उसके हाशिये पर पड़े लोगों की कहानी आखिर कैसे दिखाते हैं. उनके साथ फिल्म में ए आर रहमान का म्यूजिक भी होगा. फिल्म चर्चा में इसलिए भी है क्योंकि इसी से शाहिद कपूर के भाई ईशान लॉन्च हो रहे हैं. इसी फिल्म के लिए पहले दीपिका पादुकोण ने भी ऑडिशन दिया था तारा के रोल के लिए. उस दौरान वे धोबीघाट पर कपड़े धोते हुए बहुत ही डीग्लैम लुक में नजर आई थीं.'

#24. अय्यारी


डायरेक्टर नीरज पांडे की फिल्में आमतौर पर लोगों के कमजोर भावों को भुनाकर लोकप्रियता पाने की कोशिश करती हैं. वे extrajudicial होती हैं. 'अ वेडनसडे' और 'बेबी' जैसी फिल्में पॉपुलिस्ट थीं, दिखते तौर पर बहुत अच्छी लेकिन असल में कम ही उपयोग वाली. ऐसे में उनकी अगली फिल्म 'अय्यारी' का इंतजार है क्योंकि ये रक्षा सौदों में व्याप्त भ्रष्टाचार की कहानी कहती है, ऐसे समय में जब सेना और देश की रक्षा के नाम पर कुछ भी किया और करवाया जा सकता है. मेजर जय बक्शी (सिद्धार्थ मल्होत्रा) को अपनी पोस्टिंग के दौरान ऐसे ही करप्शन का पता चलता है. इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं. जय यहां चुपचाप बैठकर ऑर्डर फॉलो नहीं कर सकता. वो बाग़ी हो जाता है और इस धांधली का सच सामने लाने निकल पड़ता है. उसे पकड़ने के लिए उसी के ट्रेनर कर्नल अभय सिंह (मनोज बाजपेयी) को लाया जाता है. ये फिल्म 9 फरवरी को रिलीज हो रही है. ऐसा नहीं है कि फिल्म की थीम काल्पनिक है. भारत में रक्षा सौदों में धांधलियां नई बात नहीं है. पिछली बार जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी तब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को फर्जी रक्षा सौदों में शामिल होने के लिए चार साल जेल की सजा हुई थी. राजीव गांधी के समय में बोफोर्स घोटाला चर्चा में आया था. 2015 में पढ़ने में आया था कि रक्षा मंत्री पर्रिकर ने रक्षा सौदों की नीतियों में ऐसे बदलाव कर दिए हैं जिनके बाद रक्षा कंपनियों के दलाल/एजेंट ऐसे सौदों में भागीदारी कर सकेंगे. ये एक बहुत बड़ा मसला है जिसमें पारदर्शिता नहीं होती है. ऐसे में ये बहुत ज़रूरी है कि फिल्म के ज़रिए ही सही लोग जागरूक हों.
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