अगर डीसी का मन साफ है तो वो हमसे मिलने क्यों नहीं आ रहे हैं. बाहर. और सबसे बड़ी बात ये है कि कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर अपना अलाइंस बनाकर अपना मेयर बनाया है. कांग्रेस ने आज बीजेपी का साथ दिया है. कांग्रेस अपने लोगों को अब्सेंट कराती है. साजिश के तहत अपने लोगों को बीजेपी में शामिल कराती है. बीजेपी का मेयर कांग्रेस ने बनवाया है. पंजाब में भी ये लोग आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को रोकने के लिए ये लोग हिडन अलाइंस करेंगे. बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और केजरीवाल को रोकने की कोशिश करेंगे.उन्होंने कहा कि मेयर का इलेक्शन अनफेयर इलेशन है. फ्री एंड फेयर चुनाव नहीं है. पूरा प्रशासन बीजेपी का मेयर बनाना चाहता है.
BJP की सरबजीत कौर बनीं चंडीगढ़ की मेयर, AAP ने लगाया धांधली का आरोप
आप ने कहा-बीजेपी कांग्रेस मिले हुए हैं.
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बीजेपी की सरबजीत कौर चंडीगढ़ की मेयर बन गई हैं.
चंडीगढ़ में बड़ा उलटफेर करते हुए बीजेपी ने मेयर के पद पर कब्जा कर लिया है. बीजेपी की सरबजीत कौर चंडीगढ़ की मेयर बन गई हैं. निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. AAP ने मेयर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. आजतक के ललित शर्मा के मुताबिक मेयर की कुर्सी के पीछे ही आम आदमी पार्टी के पार्षद धरने पर बैठ गए हैं. AAP की पार्षद भी मेयर के बगल की कुर्सी पर बैठ गई हैं. डीसी विनय प्रताप सिंह को भी मौके पर ही रोक लिया गया है. मार्शल बुलाए गए हैं.
आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने कांग्रेस और बीजेपी में मिलभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा,
वहीं केंद्रीय मंत्री और पंजाब बीजेपी के प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आप को विरोध कर राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के बजाय कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. भाजपा के पास पंजाब में सत्ता में आने की पूरी क्षमता है. उन्होंने नई मेयर को बधाई भी दी.
AAP बनी थी सबड़े बड़ी पार्टी
चंडीगढ़ में नगर निगम की 35 सीटें हैं. बीजेपी ने 12 सीटें जीती थीं. जबकि AAP के खाते में 14 सीटें आई थीं. कांग्रेस से निकाले जाने के बाद देवेंद्र सिंह बबला अपनी नवनिर्वाचित पार्षद पत्नी हरप्रीत कौर बबला के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं. जबकि बीजेपी की सांसद किरण खेर को भी एक वोट डालने का अधिकार है. इस तरह से बीजेपी के पास 14 वोट हो गए थे. चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 24 दिसंबर को हुए थे. किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था. पहली बार ये चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. आप को 14 सीटें मिली थीं. बीजेपी ने 12 और कांग्रेस ने 8 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं अकाली दल के एक पार्षद ने जीत हासिल की थी. भाजपा ने पूर्व पार्षद जगतार सिंह जग्गा की पत्नी सरबजीत कौर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था. आप ने अंजू कत्याल को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया था.कांग्रेस ने मेयर पर के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था. सभी पार्टियों को खरीद फरोख्त का डर था. इसलिए कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को जयपुर भेज दिया था. जो आज ही लौटे थे. वहीं AAP के पार्षद पहले दिल्ली में रहे बाद में कसौली आए फिर चंडीगढ़ आए.भाजपा ने भी अपने पार्षदों को शिमला भेज दिया था. इन सभी पार्षदों ने एक जनवरी को शपल ली थी.
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