इस सर्वे की राय ये है कि अगर आज आम चुनाव करवा लिए जाएं तो एनडीए को 360 सीटें मिलेंगी. इसमें से 305 सीटें अकेले भाजपा के खाते में आएंगी. याने कि भाजपा अपने दम पर एक मज़बूत सरकार बना लेगी और एनडीए के सहयोगी दलों पर उसकी निर्भरता और कम हो जाएंगी.
नज़र डालें सर्वे के नतीजों परः
1. पहली पसंद मोदी जी
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों की पहली पसंद हैं. मोदी की लोकप्रियता न सिर्फ बनी हुई है बल्कि बढ़ भी रही है. पिछले सर्वे में 50 फीसदी लोगों ने मोदी को अपनी पसंद बताया था और इस बार 65 लोगों ने. माने पूरे 15 फीसदी की बढ़त. मोदी जी को ये जानकर दोहरी खुशी होगी कि उनके बाद जिसका नंबर आता है, वे सिर्फ 10 फीसदी लोगों की पसंद हैं. नाम है राहुल गांधी.2. नोटबंदी डिसटिंक्शन से पास

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नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा फैसला था. 45 फीसदी लोग मानते हैं कि नोटबंदी से काले धन को रोकने में मदद मिलेगी. इनके अलावा 35 फीसदी लोगों का ये मानना है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे दिन आ जाएंगे. यानी 80 फीसद लोग नोटबंदी के फैसले पर प्रधानमंत्री के साथ खड़े नज़र आए. वैसे 55 फीसद लोगों ने ये भी कहा कि सरकार बेहतर तैयारी के साथ इसे लागू कर सकती थी. 51 फीसद लोगों ने ये भी कहा कि नोटबंदी से फायदा कम और नुकसान ज़्यादा हुआ है. इससे कंफ्यूज़ न हों, सर्वे के आंकड़े हैं, अलग अलग पैमानों पर कसे हुए.
3. मोदी सबसे बेहतर प्रधानमंत्री
मोदी के काम करने के तरीकों और हाव-भाव को लेकर उनकी तुलना अक्सर इंदिरा गांधी से होती है. अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा से पहले प्रधानमंत्री हुए, तो लाज़मी तौर पर मोदी की तुलना उनसे भी की जाती है. लोगों ने मोदी को इन दोनों से बेहतर बताया. यानी हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बेहतर प्रधानमंत्री.4. मोदी की योजनाएं भी पसंद
लोगों ने न सिर्फ नोटबंदी को पसंद किया, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना और डिजिटल इंडिया को भी काम का बताया. 27 फीसदी लोगों ने पीएम के काम के लिए 'आउटस्टैंडिंग' शब्द का इस्तेमाल किया.5. शीत सत्र की बर्बादी का ज़िम्मेदार यूपीए

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संसद का शीत सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया. नोटबंदी पर बहस की जगह शोर होता रहा. सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर इसकी ज़िम्मेदारी ठेलते रहे. 39 फीसद लोग इस मामले में यूपीए की गलती मानते हैं.
6. ये हैं फेवरेट मुख्यमंत्री
भाजपा के मोदी भले हिंदुस्तान की पॉप्युलर चॉइस हों, देश के 29 मुख्यमंत्रियों में से तीन पसंदीदा मुख्यमंत्री गैर भाजपाई हैं. पहला नंबर बिहारी बाबू नीतीश कुमार का है, दूसरी हैं ममता बैनर्जी और तीसरे हैं अरविंद केजरीवाल.7. एक अच्छी खबर राहुल के लिए भी

राहुल को भले केवल 10 फीसदी लोग प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हों लेकिन 2019 में मोदी को टक्कर देने लायक ज़रूर समझे जाते हैं. 28 फीसदी लोग मानते हैं कि अगले आम चुनावों में राहुल मोदी को टक्कर दे सकते हैं. इस मामले में वे नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस सुप्रीमो ( मम्मी जी भी कह सकते हैं) सोनिया गांधी से भी आगे हैं. लगभग 40 फीसदी लोग कांग्रेस में नंबर दो के तौर पर उनके काम को बढ़िया बताते हैं. राहुल इस बात से खास खुश होंगे कि अगस्त 2016 में हुए सर्वे के मुकाबले उन्हें अब ज़्यादा लोग पसंद करते हैं.
8. यूपीए के हाल
एनडीए मज़बूत स्थिति में है और यूपीए के दिन महज़ 25 फीसदी वोट के साथ बाकायदा खराब चल रहे हैं. लेकिन अगर यूपीए बाकी पार्टियों से अपनी ताल बैठा ले, तो वोट प्रतिशत 58 पहुंच जाता है. तो सबके साथ की कांग्रेस को बहुत ज़रूरत है.9. महागठबंधन बना तो..

चुनावों में संभावनाएं असीम होती हैं. तीसरे मोर्चा यानी महागठबंधन ऐसी ही संभावना के तौर पर देखा जाता है, जिसमें मेन रोल न भाजपा का हो न कांग्रेस का. अब इसका मुखिया कौन हो, इस मामले में अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार में कड़ी टक्कर है. 11 फीसदी लोग अरविंद, तो 10 फीसदी लोग नीतीश को सिरमौर देखना चाहते हैं.
इस सर्वे के लिए इंडिया टुडे और कार्वी ने 19 राज्यों की लगभग सौ लोकसभा सीटों पर 12143 लोगों की राय ली. ये सर्वे 30 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुआ. ये सर्वे हर साल जनवरी और अगस्त में होता है.
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