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अकेले जवान पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पत्थरबाज़ी वाली तस्वीर का सच

11 अप्रैल को 'हेंमत हटाओ, झारखंड बचाओ' नाम से प्रोटेस्ट हुआ था. तब की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है.

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सोशल मीडिया पर दावा किया जा रही है कि प्रदर्शन करते हुए BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस और वहां मौजूद पत्रकारों पर पत्थरबाजी की (फोटो: सैय्यद द्वारा)

11 अप्रैल को झारखंड में एक प्रोटेस्ट हुआ. 'हेंमत हटाओ, झारखंड बचाओ' नाम से. ये प्रोटेस्ट किया BJP नेता और BJP कार्यकर्ताओं ने. इस दौरान BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई. इस झड़प को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि  BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की. बोतलें फेंकी. इस बात की पुष्टि करने के लिए दी लल्लनटॉप ने बात की फोटो जर्नलिस्ट सैय्यद रमीज से. सैय्यद द्वारा खींची गई फोटोज़ ही सोशल मीडिया पर वायरल हैं.

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सैय्यद अभी दैनिक भास्कर में बतौर फोटो जर्नलिस्ट काम करते हैं. 'हेंमत हटाओ, झारखंड बचाओ' प्रोटेस्ट के दौरान वहां मौजूद भी थे. सबसे पहले हमने  सैय्यद से पूछा कि ये फोटो कहां की है और उन्होंने कब क्लिक की?
इसपर सैय्यद ने बताया कि ये फोटो 11 अप्रैल की है. ' हेंमत हटाओ, झारखंड बचाओ' प्रोटेस्ट की. जब प्रोटेस्ट के दौरान BJP कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए सचिवालय के बाहर पहुंचे. उसी समय उन्होंने ये फोटो क्लिक की.

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सवाल- सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन करते हुए BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस और वहां मौजूद पत्रकारों पर पत्थरबाजी की. क्या ये बात सच है?
सैय्यद ने कहा कि ये बात बिल्कुल सच है. उन्होंने बताया, 

‘प्रोटेस्ट के दौरान BJP कार्यकर्ताओं ने पहले बैरिकेड्स तोड़े. फिर पुलिस की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.  BJP कार्यकर्ता नहीं रुके तो पुलिस ने टियर गैस का इस्तेमाल किया. लेकिन BJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस और वहां मौजूद पत्रकारों पर पहले पत्थर फेंके फिर बोतल फेंकना शुरू कर दिया. इसमें कई पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हुए. जब BJP कार्यकर्ता नहीं रुके, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया.’

सवाल- क्या घटना को लेकर किसी BJP नेता का कोई बयान आया और क्या कोई BJP कार्यकर्ता भी घायल हुए?
जवाब में सैय्यद ने बताया,

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'BJP कार्यकर्ता भी घायल हुए थे. लेकिन किसी नेता ने कोई बयान नहीं दिया है. BJP के लोग बोल रहे हैं कि कोई पत्थरबाजी नहीं हुई है. जो कि गलत है.' 

BJP ने क्या बताया

आजतक से बात करते हुए विजया सिंह (बीजेपी जिला अध्यक्ष, देवघर महिला मोर्चा) ने बताया कि 11 अप्रैल को BJP सचिवालय घेराव में शांतिपूर्वक बैठक कर रही थी. लेकिन हेमंत सरकार के प्राशसन ने महामंत्री सीमा सिंह और उनके भाई पर लाठीचार्ज कर दिया.

12 अप्रैल को पुतलादहन प्रोटेस्ट किया गया (फोटो: BJP ट्विटर)

चंद्र शेखर खवाड़े (भाजपा नेता) ने आजतक से बात करते हुए कहा ,

‘BJP झारखंड प्रदेश के हमारे प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश जी ने, कल जब सचिवालय घेराव का नेतृत्व किया था, उस समय हेमंत सरकार के प्रशासन के लोगों ने हमारे कार्यकर्ताओं के पर लाठीचार्ज किया. पानी की बौछार की, आंसू के गोले फेंके. इस घटना के विरोध में  12 अप्रैल को पुतलादहन किया है. और बाजारों में मौन जुलूस निकाला है.’

हेमंत सरकार ने क्या किया?

आजतक से जुड़े सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक रांची पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ने, बोतल व पत्थर से हमला करने, पुलिस व पत्रकार को घायल करने, निषेधाज्ञा तोड़ने के मामले में धुर्वा थाना में FIR दर्ज की है. हेमंत सरकार ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी सहित 40 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. इन सभी पर बलवा, सरकारी निर्देशों के उल्लंघन, अपराध के लिए उकसाने एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा,

‘राजनैतिक हिसाब चुकता करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. यह पूरी तरह से बदले की कार्रवाई है. कोर्ट इसे देखेगा. बल्कि हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ निर्दोष BJP कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था. BJP डरी नहीं है और राज्य सरकार की खामियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी.’

प्रोटेस्ट क्यों हो रहा था?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने बताया, 

‘हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के ’खराब शासन' के विरोध में गांवों के लोग रांची आए हैं. पूरा राज्य भ्रष्ट सरकार से तंग आ चुका है,  यहां महिलाएं असुरक्षित हैं, युवा बेरोजगार हैं और किसान लाचार हैं और इसलिए लोग इतनी बड़ी संख्या में आए हैं. झारखंड में लूट हो रही है और पूरे झारखंड का भविष्य अंधेरे में है.'

मुंडा ने आगे कहा कि लोकतंत्र में लोग सरकार चुनते हैं और सचिवालय एक ऐसी जगह है जहां से उन्हें 'न्याय' मिलता है, लेकिन जब उसी जगह से आपको निराशा मिलती है तो 'सचिवालय घेराव' जैसा प्रोटेस्ट करना ज़रूरी हो जाता है. 

वीडियो: झारखंड CM हेमंत सोरेन को BJP से ज़्यादा ख़तरा परिवार से है?

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