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रैट माइनर के घर से कानूनी दिक्कतें थीं... पहले ये बोलने वाले मनोज तिवारी घर गिराने पर अब क्या बोले?

उत्तराखंड की सिलकियारा टनल में फंसे मजदूरों को रेस्क्यू करने वाली टीम का हिस्सा रहे वकील हसन ने अब दिलशाद गार्डन में घर लेने से इनकार कर दिया है. वह एक 'रैट होल माइनर' हैं, जिनके घर को डीडीए ने अतिक्रमण हटाने के एक अभियान के दौरान ढहा दिया था. BJP MP Manoj Tiwari ने अब अपना बयान बदलते हुए Vakeel hasan के लिए क्या बोला है?

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बुलडोजर चलने के बाद वकील हसन का घर (फोटो- इंडिया टुडे)

उत्तरकाशी टनल वाले रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रैट माइनर (Rat Miner) वकील हसन के दिल्ली में बने घर पर बुलडोजर चलने को लेकर पिछले दिनों खूब विवाद हुआ. अब BJP सांसद मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने उस घटना को 'अन्याय' करार दे दिया है. मनोज तिवारी जिन्होंने पहले तो हसन से उनका घर ना तोड़ने का वादा किया था. फिर बुलडोजर चलने पर दावा किया कि घर को लेकर कानूनी दिक्कतें थीं.

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मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं. हसन के घर वाला इलाका खजूरी खास भी उनके अंडर आता है. अब मनोज तिवारी ने कहा है कि मामले में दोषी लोगों को दंडित किया जाएगा. 2 मार्च को मनोज तिवारी खजूरी खास पहुंचे और वकील हसन से मुलाकात की. फिर बोले,

जो कुछ भी हुआ वो बहुत दुखद है. जो हुआ वो अन्याय है. जिन लोगों ने ऐसा किया है उनकी जांच की जा रही है और जो दोषी होंगे उन्हें दंडित किया जाएगा. हम इस परिवार को मुआवजा देंगे और उनके लिए व्यवस्था करेंगे. मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा. हम बहुत जल्द उन्हें नया घर बसाने में मदद करेंगे. 

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28 फरवरी को दिल्ली विकास प्राधिकारण (DDA) ने हसन के घर पर बुलडोजर चला दिया था. वकील हसन का आरोप है कि DDA ने बिना किसी नोटिस के उनका घर गिरा दिया. इधर, DDA का कहना है कि हसन को घर के बदले कई ऑफर दिए गए जो उन्होंने कथित तौर पर लेने से इनकार कर दिए. DDA का दावा है कि हसन को दिलशाद गार्डन में 2BHK DDA MIG फ्लैट भी ऑफर किया गया जो कि उनके पिछले घर से पास भी था. इससे पहले LG द्वारा भी दूसरे घर की पेशकश का दावा किया गया था.

Manoj Tiwari पहले क्या बोले थे?

इससे पहले मनोज तिवारी ने कहा था कि उनके (वकील हसन के) घर को लेकर पहले से कानूनी दिक्कतें थीं. मकान नहीं तोड़े जाने के वादे को लेकर समाचार एजेंसी पीटीआई से मनोज तिवारी ने कहा था,

"हां, मैंने उनसे (वकील हसन से) पहले कहा था. लेकिन जब हम वहां गए तो पता चला कि कुछ (कानूनी) दिक्कतें थीं. लेकिन हम उनको कानूनी तरीके से घर देंगे. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिलाएंगे. ये मैं आपको भरोसा दिलाता हूं."

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41 मजदूरों की जान बचाने में शामिल रहे वकील हसन अब बेघर हैं. 45 साल के हसन को अपनी टीम के साथ उत्तरकाशी में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए सिल्क्यारा सुरंग के नीचे 12 मीटर तक मलबा खोदने का श्रेय मिला था. इसके लिए मनोज तिवारी ने दिसंबर 2023 में उन्हें सम्मानित भी किया था.

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