एवियन इंफ्लुएंजा हो कौन तुम
जनरली हम लोग इसको बर्ड फ्लू कहते हैं. जो कि पक्षियों से पक्षियों मे फैलने वाली बीमारी है. और कभी-कभार ये पक्षियों से इंसानों को भी हो जाती है. इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से इंसानों से इंसानों को ये बीमारी ज्यादातर सेक्स करने या फिर फिजिकल कॉन्टैक्ट में बने रहने से होती है. वैसे ये रेयर है, पर इंफेक्शन हो जाने पर ये खतरनाक हो सकता है और 60 परसेंट केसेज में तो ये जानलेवा भी हो सकता है. इंडिया उन 6 देशों में से एक है, जिनमें ये बीमारी पक्षियों के बीच फैल रही है. पिछली मई में जब ऐसा हुआ था तो कर्नाटक की पोल्ट्री में ही 33 हजार मुर्गे-मुर्गियां मारे गए थे. इससे बचाव का कोई भी टीका अभी तक नहीं बना है. WHO के हिसाब से कई सारे मामलों में एविएन इंफ्लुएंजा के वायरस ने कुछ लोगों को सीरियसली इंफेक्ट किया है. इन्हें ये इंफेक्शन डायरेक्ट या इनडायरेक्ट कॉन्टैक्ट के चलते ही हुआ था. पर कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है कि अच्छे से पके हुए खाने से किसी को फ्लू हुआ हो. WHO ने इस बात पर जोर दिया है कि जानवरों में फ्लू होने का खतरा रोका जाए, यही सबसे सही कदम होगा, इंसानों में इसका खतरा रोकने के लिए.फ्लू है, तो ये होंगे लक्षण
किसी भी सीजनल फ्लू की तरह बुखार, शरीर दर्द, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और थकान जैसी चीजें इसके लक्षण हैं. इस फ्लू के होने के बाद इंसान की हालत तेजी से बिगड़ती है. और सांस लेने वाला सिस्टम फेल हो जाता है. बहुत ज्यादा डर बर्ड फ्लू का तब बढ़ गया था, जब साइंटिस्ट ने रिसर्च के जरिए बताया था कि बर्ड फ्लू महामारी भी बन सकता है.दिल्ली में क्या बवाल है?
मंगलवार को दिल्ली के नेशनल जूलॉजिकल पार्क को पानी वाले 9 पक्षियों के एवियन इंफ्लुएंजा से मरने के बाद बंद कर दिया गया था. जू के अफसरों ने बताया है कि मरने वाले पक्षी पेंटेड स्टॉर्क, बत्तख और पेलिकन थे. जो कि आस-पास से ही उड़कर इन दिनों यहां चले आते हैं. बंद करने के पीछे रीजन ये बताया गया था कि पक्षियों से इंसान डील करते हैं, तो ऐसे में वो भी इंफेक्टेड हो सकते थे.इंडिया बर्ड फ्लू फ्री कब बनेगा
इंडियन एक्सप्रेस के हिसाब से ही मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स ने कुछ दिन पहले ही भारत को एवियन इंफ्लुएंजा यानी H5N1 से 5 सितंबर को ही मुक्त घोषित किया था. इंडिया में फ्लू का लास्ट मामला 9 मई को कर्नाटक के बीदर डिस्ट्रिक में नोटिस में आया था. 14 सितंबर को सरकार ने एक बयान जारी कर कहा था कि फ्लू के और मामले रजिस्टर नहीं हुए हैं. जबकि सेंटर ने स्टेट को जो लेटर भेजे थे उसमें लिखा था कि इसके मामलों पर नजर बनाए रखें. जो डेटा WHO के पास है उसके हिसाब से इसके बाद से महाराष्ट्र, तेलंगाना, त्रिपुरा और मणिपुर से कुछ मामले रिपोर्ट हुए थे. हालांकि भारत में इस बीमारी से 2003 के बाद कोई भी मौत रिपोर्ट नहीं हुई है. इसलिए कुछ क्लियर अभी कहा नहीं जा सकता. घालमेल है.जब H5N1 फैला हो तो क्या चिकेन और अंडे खाना सेफ होगा?
मजे से खा सकते हैं, अगर खाना अच्छे से पकाया हुआ हो. अभी तक ऐसा कोई भी मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है कि मांस खाने से फ्लू हुआ हो. यहां तक कि लोग बिना किसी प्रोटेक्शन के पक्षियों के साथ थे. किसी पानी के टैंक में इंफेक्टेड पक्षी ने बीट भी की हो और कोई उसके संपर्क में आकर इंफेक्टेड हुआ हो, ऐसा भी कोई केस नहीं है. लेकिन इंडिया में तेजी से लोगों में बर्ड फ्लू फैल रहा है, क्या इसको रोका जा सकता है? इंडिया ने ओसिल्टामिविर नाम की दवा का स्टॉक इकट्ठा कर रखा है. जरूरत भर के फ्लू मास्क भी इंडिया में हों, इसका जुगाड़ किया जा रहा है. टेस्टिंग लैब की जरूरत इसके साथ ही बढ़ेगी. एनिमल हस्बैंड्री ने बायोसेफ्टी लैब बनाई हैं. और दिल्ली सरकार ने भी इसके पास टैमीफ्लू का पर्याप्त स्टॉक है. ओसिल्टामिविर का ये सिंपल वाला नाम है.ये भी पढ़ें -














