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बिहार: 'बम फटा, पत्थरबाजी हुई, स्कूल बंद, दुकानें बंद', रामनवमी के बाद सासाराम में हो क्या रहा है?

पुलिस का कहना है बम धमाके का हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है.

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हिंसा के बाद 10 पैरामिलिट्री की कंपनियों को बिहार भेजा गया है. दोनों फोटो-आजतक

बिहार में अलग-अलग जगहों में हिंसा के बीच बम ब्लास्ट की खबर आई थी. 1 अप्रैल की शाम रोहतास जिले के सासाराम में ब्लास्ट हुआ. इस तरह की खबरें भी आईं कि ये विस्फोट रामनवमी के बाद भड़की हिंसा में हुआ. हालांकि, पुलिस का कहना है कि ये घटना विस्फोटकों के रखरखाव के दौरान हुआ था. पुलिस ने किसी सांप्रदायिक हिंसा से इस ब्लास्ट के कनेक्शन को फिलहाल नकारा है.

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1 अप्रैल को रोहतास में हुए इस ब्लास्ट में 6 लोग घायल हुए थे. पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, इस घटना के संबंध में किए गए एक ट्वीट में बिहार पुलिस ने बताया कि ये ब्लास्ट सांप्रदायिक नहीं है. रोहतास पुलिस ने ट्वीट में बताया कि

कल शाम 9 बजे 6 व्यक्तियों के जख्मी होने की सूचना के सत्यापन के दौरान पाया गया है कि वे अवैध विस्फोटक handling के दौरान स्वयं घायल हुए थे. घटनास्थल एक निजी मकान का अहाता है, जहां फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है.

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ट्वीट में आगे कहा गया है कि मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही पुलिस ने लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान न देने की बात कही है.

इससे पहले शनिवार को पुलिस ने जानकारी दी थी कि घटनास्थल से एक स्कूटी भी बरामद हुई है. 
 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना में घायल हुए लोगों को वाराणसी के BHU अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घटना पर सासाराम के जिलाधिकारी का भी बयान आया है. DM धर्मेंद्र कुमार ने कहा,

हमें रात करीब 8.30 बजे घटना की जानकारी मिली. घायलों को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें BHU रेफर कर दिया. शुरु में ऐसी अफवाहें उड़ी की एक तरफ के लोगों ने दूसरी तरफ के लोगों पर बम हमला किया. हालांकि, FSL की अब तक की जांच के मुताबिक, बम धमाका एक कमरे में हुआ और बम हैंडल करने में गलती के कारण हुआ.

DM डर्मेंद्र कुमार ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा कि रामनवमी के दिन कोई हिंसा नहीं हुई थी.लेकिन अगले दिन हिंसा की अफवाह उड़ीं और उसके कारण हिंसा भड़क गई. डीएम ने बताया कि अफवाहों पर नकेल कसने के लिए इंटरनेट बंद किया गया और एहतिहातन इलाके के 27 स्कूलों को बंद रखा गया है.  

हालांकि, पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि बम आया कहां से और उसे हैंडल करते हुए घायल हुए लोग कौन हैं और बम का इस्तेमाल कहां किया जाने वाला था. 

अबतक सासाराम में क्या-क्या हुआ?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 30 मार्च को सासाराम के सहरिया इलाके में रामनवमी जुलूस के दौरान दो समुदाय में विवाद हुआ था. जुलूस के बाद लौट रहे लोगों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई थी. आरोप है कि एक मंदिर पर पत्थर भी फेंके गए. पुलिस के अनुसार, जुलूस के दौरान दो समुदाय के युवकों के बीच “आपत्तिजनक शब्दों” को लेकर विवाद शुरू हुआ था.

इसके बाद 31 मार्च की सुबह मदार दरवाजा गांव में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पत्थरबाजी शुरू कर दी. चार घरों में आग भी लगा दी गई. हिंसा भड़कने के बाद शहर के बस्ती मोड़, चौखंडी, आदमखानी, सोना पट्टी इलाकों में पत्थरबाजी शुरू हो गई. हालात इतने बिगड़ गए बाजार की दुकानें बंद होनी शुरू हो गई. हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. सासाराम में हुई हिंसा में अबतक 32 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

इस दौरान राज्य में जारी तनाव के बीच ये जानकारी भी सामने आ रही है कि 10 पैरामिलिट्री की कंपनियों को बिहार भेजा गया है. इसमे CRPF, SSB और ITBP के जवान शामिल हैं. 
 

वीडियो: बिहार में रामनवमी हिंसा के बाद अमित शाह का दौरा रद्द

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