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हरियाणा के डिप्टी सीएम पद के लिए कैसे उछला 31 साल के इस लड़के का नाम? कौन हैं भव्य बिश्नोई?

दादा तीन बार सूबे के मुख्यमंत्री रहे हैं; पिता चार बार के विधायक, दो बार सांसद और मां भी दो बार विधायक रही हैं. बावजूद इसके Bhavya Bishnoi का नाम कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में डिप्टी सीएम के लिए उछला तो हरियाणा में सबको हैरानी हुई.

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भाजपा में शामिल होने का बाद से भव्य लगातार ग्राउंड पर जा रहे हैं. (फ़ोटो - फ़ेसबुक)

मंगलवार, 12 मार्च को मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़े के बाद सूबे (Haryana) की राजनीति में उठापटक चल रही है. हरियाणा के नए मुख्यमंत्री के तौर पर नायब सिंह सैनी (Naib Singh Saini) को चुना गया है. डिप्टी सीएम के नाम पर अटकलें हैं. एक तरफ़, पूर्व-गृहमंत्री और अभी 'नाराज़' अनिल विज (Anil Vij) रेस में हैं. दूसरी तरफ़, करनाल से सांसद संजय भाटिया (Sanjay Bhatia) का नाम भी मीडिया में सुर्खियां बना हुआ है. इस बीच कुछ मीडिया रपटों में छप रहा है कि पार्टी हाईकमान 31 साल के एक लड़के पर  दाव खेल सकती है. वो नाम है आदमपुर विधानसभा सीट से MLA और राज्य के सबसे युवा विधायक भव्य बिश्नोई (Bhavya Bishnoi) का.

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कौन हैं भव्य बिश्नोई?

नई दिल्ली में 16 फरवरी, 1993 को जन्म हुआ. स्कूली शिक्षा गुरुग्राम के श्री राम स्कूल से की. पढ़ने-लिखने वाले और खेलने-कुदने वाले छात्र थे. 12वीं के ICSE बोर्ड में दिल्ली-NCR के टॉपरों की फ़हरिश्त में रहे और राज्य स्तर पर क्रिकेट, एथलेटिक्स और तैराकी में टूर्नामेंट भी खेले. फिर ग्रैजुएशन के लिए लंदन में प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स ऐंड पॉलिटिकल साइंस गए. वहां से अर्थशास्त्र में स्नातक किया. जब वहां थे, तो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी क्रिकेट क्लब के लिए क्रिकेट खेलते थे. इसके बाद अमेरिका के हार्वर्ड केनेडी स्कूल में लोक प्रशासन (MPA) में मास्टर्स की डिग्री ली.

ग्लोबल एजुकेशन ऐंड लीडरशिप फ़ाउंडेशन में स्पेशल प्रोजेक्ट्स लीड के तौर पर करियर शुरू किया. वहां 'ग्लोबल सिटीज़न इंडिया' का नेतृत्व किया. फिर 2018 में दादा के नाम पर एक नॉन-प्रॉफ़िट संगठन की स्थापना की, भजन ग्लोबल इम्पैक्ट फ़ाउंडेशन (BJIF). अपनी वेबसाइट के मुताबिक़, ये एक थिंक-ऐंड-डू टैंक है.

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भव्य पर राजनीति का असर शुरू से ही थी, क्योंकि पूरा परिवार ही राजनीति में रहा. दादा चौधरी भजनलाल  (Chaudhary Bhajan Lal) तीन बार सूबे के मुख्यमंत्री रहे. हरियाणा की राजनीति में क़द्दावर होने के साथ उन्होंने केंद्रीय कृषि और पर्यावरण मंत्रायल भी संभाला था. फिर भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई (Kuldeep Bishnoi) चार बार विधायक और दो बार सांसद रहे, और मां रेणुका बिश्‍नोई भी आदमपुर और हांसी सीट से विधायक रह चुकी हैं.

बिश्नोई परिवार पारंरपरिक तौर पर कांग्रेस से जुड़ा रहा, सो भव्य ने भी वही डगर पकड़ी. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा. मगर जीत नहीं पाए. भाजपा के ब्रिजेंद्र सिंह और जेजेपी के दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) के बाद तीसरे नंबर पर रहे. हालांकि, वो पहले सांसद उम्मीदवार थे जिन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक अलग घोषणापत्र जारी किया.

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कांग्रेस के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के बाद अगस्त, 2022 में भव्य के पिता कुलदीप बिश्‍नोई ने आदमपुर विधानसभा से इस्तीफ़ा दे दिया और भाजपा में आ गए. इसके बाद, नवंबर 2022 में सीट पर उपचुनाव हुए. भव्य ने पापा की सीट पर, पापा और अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस के जय प्रकाश को 15 हज़ार से ज़्यादा वोटों से हरा दिया. बन गए हरियाणा विधानसभा के सबसे कम-उम्र विधायक.

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दिसंबर, 2023 में भव्य की शादी राजस्थान की IAS अफ़सर परी बिश्नोई से हुई है. अनंत अंबानी (Anant Ambani) जितनी तो नहीं, पर शादी की ख़ूब चर्चा हुई. तीन राज्यों के तीन लाख लोगों को निमंत्रण भेजा गया था. शादी उदयपुर में हुई. फिर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में रिसेप्शन हुआ.

राज्य की राजनीति कवर करने वाले बताते हैं कि भव्य का युवाओं में कनेक्ट अच्छा है. आजतक से जुड़े सत्येंद्र चौहान का कहना है कि भव्य अपने दादा की भव्य लेगसी और भाजपा की लहर में चुनाव तो जीत गए, मगर उन्हें अपनी राजनीतिक धाक ख़ुद साबित करनी होगी. जिसमें समय लगेगा.

अनिल विज के दावे के सामने कितने मज़बूत?

अनिल विज छह बार के विधायक हैं. साल 2014 और 2019 में उनका नाम CM के लिए उछला था, मगर मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बना दिया गया. उन्हें गृह मंत्रालय मिला, लेकिन वो पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे. खट्टर के इस्तीफ़े के बाद नायब सिंह के नाम पर भी वो राज़ी नहीं थे.

मंगलवार, 12 मार्च की सुबह 11 बजे मनोहर लाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने राजभवन जा रहे थे. तब विज उनके साथ गाड़ी में सवार थे. साथ में दिखे, तो चर्चा होने लग कि वो भी CM रेस में हैं. फिर पार्टी ने चंडीगढ़ में दोपहर में भाजपा विधायक दल की मीटिंग हो रही थी. अनिल मीटिंग छोड़कर चले गए थे. मीटिंग के साथ सरकारी गाड़ी और काफ़िला भी छोड़ दिया. प्राइवेट गाड़ी में अपने घर के लिए चल दिए. मीडिया ने पूछा, तो साफ़-साफ़ जवाब नहीं दिया. 

हरियाणा की सियासत को कवर करने वाले पत्रकारों का मानना है कि भव्य बिश्नोई का दावा भले ही मजबूत हो, मगर उन्हें लेकर कोई फैसला करने से पहले पार्टी आलाकमान को काफी सोच-विचार करना होगा.

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